प्रदेश का भर रहा खजाना! करीब 9179 करोड़ GST कलेक्शन, टॉप 10 राज्यों में शामिल उत्तराखंड
बीते साल के मुकालबे इस साल उत्तराखंड ने बेहतर जीएसटी कलेक्शन किया है. ये आंकड़े उत्तराखंड की मजबूती को दर्शाते हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 9, 2026 at 5:03 PM IST
|Updated : January 9, 2026 at 5:26 PM IST
देहरादून: वित्तीय वर्ष 2025-26 के खत्म में अब कुछ ही समय बचा है. इस वित्तीय वर्षमें उत्तराखंड को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले जीएसटी (Goods and Services Tax) विभाग की परफॉर्मेंस देखी जाए तो वो बीते साल के तुलना में काफी बेहतर है. जीएसटी कलेक्शन में उत्तराखंड देश के टॉप राज्यों में शामिल है.
देश के सभी राज्यों में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वित्तीय वर्ष के दिसंबर तक के प्री और पोस्ट सेटलमेंट SGST ग्रोथ रेट को देखा जाए तो हरियाणा 21 प्रतिशत ग्रोथ रेट के साथ सबसे टॉप में है. वही दूसरे नंबर पर सिक्किम और तीसरे नंबर पर असम राज्य का ग्रोथ रेट रहा हैं. इस सूची में 8 प्रतिशत की ग्रोथ रेट के साथ उत्तराखंड नौवें स्थान पर हैं, यानी GST ग्रोथ रेट में उत्तराखंड देश के टॉप 10 राज्यों की सूची में है.
देश टॉप 10 SGST ग्रोथ रेट वाले राज्य---
- हरियाणा का SGST ग्रोथ रेट - 21%
- सिक्किम का SGST ग्रोथ रेट - 20%
- असम का SGST ग्रोथ रेट - 19 %
- अरुणाचल प्रदेश का SGST ग्रोथ रेट - 15%
- नागालैंड का SGST ग्रोथ रेट - 14%
- महाराष्ट्र का SGST ग्रोथ रेट - 13%
- बिहार का SGST ग्रोथ रेट - 9%
- गुजरात का SGST ग्रोथ रेट - 9%
- उत्तराखंड का SGST ग्रोथ रेट - 8%
- पंजाब का SGST ग्रोथ रेट - 8%
प्री सेटलमेंट SGST ग्रोथ 6%: उत्तराखंड में प्री सेटलमेंट SGST (FY2024-25) में 4354 करोड़ था, जो बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक बढ़कर 4634 करोड़ पहुंचा गया. इस तरह अभी तक यानी दिसंबर तक ही इस वित्तीय वर्ष में प्री सेटलमेंट SGST ग्रोथ 6% हैं.
पोस्ट सेटलमेंट SGST: इसी तरह से पोस्ट सेटलमेंट SGST में उत्तराखंड ने पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में 6935 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो कि इस फाइनेंशियल ईयर में दिसंबर तक 7489 करोड़ हो चुका है. यह ग्रोथ रेट 8% के करीब है.
प्रदेश में GST कलेक्शन 9 हजार करोड़ के पार: उत्तराखंड में दिसंबर 2025 तक GST रिवेन्यू कलेक्शन की बात की जाए तो सभी तरह के टैक्स मिलाकर अब तक प्रदेश में 9179.57 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट कर चुके हैं, जो कि पिछले फाइनेंशियल ईयर में पूरे मार्च तक 8819.60 करोड़ था. इस रेवेन्यू में Net GST 7300.92 करोड़ का है, जो कि पिछले फाइनेंशियल ईयर में मार्च तक 6897.03 करोड़ था. इसके अलावा VAT एरियर और Non GST सेगमेंट में उतना उछाल देखने को नहीं मिला हैं.
Non GST सेगमेंट में गिरावट: बता दें कि VAT एरियर और Non GST सेगमेंट के अंतर्गत आबकारी (शराब) और पेट्रोलियम प्रोडक्ट से प्राप्त होने वाला टैक्स है. इस सेगमेंट में इस साल के आखिर दिसंबर तक 1878.65 करोड़ का रेवेन्यू आया है, जो कि पिछले फाइनेंशियल ईयर मार्च तक 1940.57 करोड़ था. Non GST सेगमेंट के गिरने की वजह पेट्रोलियम पदार्थ है, क्योंकि प्रदेश में अब धीरे-धीरे डीजल और पेट्रोल की जगह इलेक्ट्रॉनिक वहान अपनी जमीन मजबूत कर रहे हैं. यही वजह है कि Net GST के क्षेत्र में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और Non सेक्टर उतना तेजी से नहीं बढ़ रहा है.
AI इनेबल्ड होगा टैक्स कलेक्शन सॉफ्टवेयर: कमिश्नर जीएसटी सोनिका सिंह ने बताया कि प्रदेश में लगातार जीएसटी रेवेन्यू बढ़ाने के लिए और इसमें नए नवाचारों को लेकर विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल यह की जा रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर पहली बार कर विभाग जीएसटी कलेक्शन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करेगा, जहां पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनेबल्ड सॉफ्टवेयर अपने सभी जीएसटी होल्डर और हर टैक्स पियर पर नजर रखेगा.
उन्होंने कहा कि जीएसटी ट्रैकिंग और डिपार्टमेंट में लीकेज को लेकर AI महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि इसको लेकर लगातार विभाग काम कर रहा है और प्रस्ताव तैयार किया गया है. जल्द ही नए कलेवर में डिपार्टमेंट नजर आएगा.
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