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एंजेल चकमा हत्याकांड: पूर्वोत्तर के छात्रों ने देहरादून में निकाला कैंडल मार्च, कहा- 'हम भारतीय हैं, हमें न्याय चाहिए'

देहरादून पुलिस बना रही है नॉर्थ ईस्ट के छात्रों की सूची, एसएसपी ने कहा छात्रों के साथ ऑनलाइन बैठक करेंगे

STUDENT ANGEL CHAKMA MURDER
देहरादून में पूर्वोत्तर के छात्रों का कैंडल मार्च (Photo courtesy of UTSA)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 1, 2026 at 10:16 AM IST

6 Min Read
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देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुए त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा के मर्डर का मामला शांत नहीं हो रहा है. हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन जारी हैं. बुधवार को साल 2025 के आखिरी दिन 31 दिसंबर को पूर्वोत्तर के छात्रों ने एंजेल चकमा की हत्या के विरोध में देहरादून में कैंडल मार्च निकाला. प्रदर्शनकारी कथित नस्लीय भेदभाव के खिलाफ नारे लगाते हुए न्याय की मांग कर रहे थे.

नॉर्थ ईस्ट के छात्रों ने देहरादून में कैंडल मार्च निकाला: यूटीएसए यानी यूनिफाइड त्रिपुरा स्टूडेंट्स एसोसिएशन (Unified Tripura Students Association) के बैनर तले, देहरादून के अलग-अलग संस्थानों के छात्र बुधवार 31 दिसंबर को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के गांधी पार्क के बाहर इकट्ठा हुए. इसके बाद उन्होंने हाथों में मोमबत्तियां लीं और घंटाघर तक मार्च किया. यूटीएसए के इस कैंडल मार्च में अनेक दूसरे राज्यों के छात्र भी शामिल थे.

एंजेल चकमा की हत्या के विरोध में कैंडल मार्च (video courtesy of UTSA)

प्रदर्शनकारियों ने कहा- 'हम भारतीय हैं', 'हमें न्याय चाहिए': कैंडल मार्च के साथ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने हाथों में एंजेल चकमा की तस्वीर वाले बैनर थे. ये लोग 'नस्लवाद बंद करो', 'हम भारतीय हैं', 'हमें न्याय चाहिए' जैसे नारे लगा रहे थे. यूनिफाइड त्रिपुरा स्टूडेंट्स एसोसिएशन, देहरादून के जनरल सेक्रेटरी चुरंता त्रिपुरा ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है. इसलिए वो इसे नस्लवाद से जुड़ा मामला नहीं मान रही है. चुरंता ने ये आरोप भी लगाया कि पुलिस ने नए साल के जश्न के कारण ट्रैफिक की समस्या का हवाला देते हुए, उनसे विरोध मार्च रोकने को कहा.

STUDENT ANGEL CHAKMA MURDER
एंजेल चकमा मर्डर केस की टाइम लाइन (ETV Bharat Graphics)

देहरादून में हुई त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या: बताते चलें कि 24 साल के एंजेल चकमा देहरादून में एक निजी विश्वविद्यालय से MBA कर रहे थे. अभी वो फाइनल ईयर के छात्र थे. 9 दिसंबर को कुछ युवकों ने कथित तौर पर धारदार हथियारों से उन पर जानलेवा हमला किया था. एंजेल चकमा को गंभीर हालत में देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 17 दिन तक जिंदगी के लिए मौत से जूझने के बाद आखिरकार 26 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी.

पुलिस ले रही है नॉर्थ ईस्ट के छात्रों की जानकारी: एंजेल चकमा के परिवार और दोस्तों ने इस घटना को नस्लीय टिप्पणियों का नतीजा बताया था. वहीं देहरादून पुलिस ने कहा कि उनकी अब तक की जांच में नस्लीय भेदभाव का कोई सबूत नहीं मिला है. देहरादून के एसएसपी (Senior Superintendent of Police) अजय सिंह ने कहा कि पूरे देश से, जिसमें पूर्वोत्तर के 2,500 से ज्यादा छात्र शामिल हैं, देहरादून में पढ़ने आते हैं. अकेले त्रिपुरा के 250 से ज्यादा छात्र देहरादून में पढ़ रहे हैं.

नॉर्थ ईस्ट के छात्रों के साथ ऑनलाइन बैठक करेगी देहरादून पुलिस: इधर त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा हत्याकांड के बाद पुलिस ने देहरादून जिले के अलग-अलग कॉलेजों और पीजी संचालकों से नॉर्थ ईस्ट के छात्रों की जानकारी मांगी है. मिली जानकारी के आधार पर उनकी सूची तैयार की गई है. देहरादून एसएसपी अजय सिंह के अनुसार पुलिस इनके साथ ऑनलाइन बैठक कर सुरक्षा का भरोसा दिलाएगी. एसएसपी ने कहा कि इस घटना से उनके मन में किसी भी तरह का डर न पैदा हो इसके लिए संवाद किया जाएगा. उनके साथ एक ऑनलाइन बैठक का भी आयोजन किया जा रहा है. एसएसपी के अनुसार देहरादून पुलिस एक-एक छात्र की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.

एंजेल चकमा मर्डर केस में अभी तक क्या-क्या हुआ

  • 9 दिसंबर की रात त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा पर हमला हुआ
  • एंजेल चकमा को देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया
  • 17 दिन तक एंजेल चकमा जिंदगी के लिए मौत से लड़ते रहे
  • 26 दिसंबर को एंजेल चकमा मौत से जिंदगी के लिए जंग हार गए
  • एंजेल चकमा की मौत के बाद इस हत्याकांड का खुलासा हुआ
  • एंजेल चकमा की हत्या मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं
  • एक फरार आरोपी के नेपाल में होने की आशंका है
  • फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया गया है
  • 27 दिसंबर को एंजेल चकमा का त्रिपुरा में अंतिम संस्कार किया गया
  • 29 दिसंबर को उत्तराखंड के सीएम धामी ने एंजेल चकमा के पिता से फोन पर बात की
  • उत्तराखंड सरकार ने एंजेल चकमा के परिवार को 4 लाख की सहायता राशि का चेक भेजा
  • देहरादून पुलिस ने नॉर्थ ईस्ट के छात्रों की सूची मांगी, छात्रों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया
  • 31 दिसंबर 2025 को यूनिफाइड त्रिपुरा स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने देहरादून में कैंडल मार्च निकाला

त्रिपुरा राजघराने के वंशज प्रद्योत माणिक्य ने कहा है कि-

नेशनल मीडिया को भी हमारे बारे में और हम नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के बारे में बताना चाहिए कि हम कितने देशभक्त रहे हैं. हमने चीनियों को अपनी जमीन में घुसने नहीं दिया. फिर भी कुछ बेवकूफ लोग हमें चीनी, चिंकी या मोमो कहते हैं! क्या यह हमें हमारे प्यारे देश से अलग करना नहीं है?
-प्रद्योत माणिक्य, त्रिपुरा राजघराने के वंशज-

प्रद्योत ने आगे कहा कि-

जिन्होंने एंजेल चकमा को निशाना बनाया, उन्हें यह नहीं पता था कि वह किस जातीय जनजाति या किस धर्म का था. फिर भी हम अलग-अलग भाषाओं, जनजातियों और धर्मों के आधार पर बंटे हुए हैं - मेरे युवा लोगों, इस बंटवारे को खत्म करो, चलो एक होकर आगे बढ़ें.

यह हमारे भविष्य के बारे में है, हमारे अतीत के बारे में नहीं! हम पहले बँटे हुए थे और इसीलिए हम यहां हैं, लेकिन अपनी अगली पीढ़ी के बेहतर कल के लिए हमें एक होने की कोशिश करनी चाहिए! #OneNortheast

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