7 साल की रोजेदार बच्ची कर रही पिता की सलामती की दुआ, ईरानी मिसाइलों के बीच फंसे बिहार के मोजफ्फर
ईरान के हमले के बीच कतर में गया के मोजफ्फर फंसे हुए हैं. उनके ऑफिस के पास अमेरिकी मिलिट्री कैंप पर मिसाइलें दागी जा रही.

Published : March 4, 2026 at 1:51 PM IST
गया: इजरायल- ईरान युद्ध जारी है. ईरान इस जंग में इजरायल- अमेरिका को सीधे टारगेट के अलावे दूसरे देशों में इनके मिलिट्री कैंप, दूतावास को भी निशाना बना रहा है. इसी तरह के हमले में कतर में ईरान के द्वारा अमेरिकी मिलिट्री कैंप पर हमला किया गया. इस हमले ने गया की 7 साल की बच्ची और उसकी मां की चिंता बढ़ा दी है. बच्ची के पिता कतर में फंसे हैं.
तीन दिनों से ठीक से नहीं सोए मोजफ्फर: कतर देश में रहने वाले बिहार के गया जी के मोजफ्फर पिछले कई दिनों से ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं. उन्होंने अपना डर और हमलों की जानकारी अपने परिवार के साथ शेयर किया. वतन वापस लौटने की इच्छा जताई, लेकिन मजबूरी सामने है. वही, मोजफ्फर की सलामती के लिए उनकी पत्नी और बेटी लगातार दुआ कर रहे हैं.

हमले के स्थान से कुछ दूरी पर रहते हैं मोजफ्फर: ईरान के द्वारा कतर में अमेरिकी मिलिट्री कैंप पर हमला कर रहा है. वहीं, कतर में हमले वाले स्थान से थोड़ी दूरी पर गया के आमस प्रखंड के हमजापुर गांव के मोहम्मद मोजफ्फर रहते हैं. पिछले कई सालों से यह कतर में रहकर जॉब कर रहे हैं.
7 साल की बेटी कर रही दुआ: जहां ईरान मिसाइल दाग रहा है, वही उनका ऑफिस भी है, उसी में नौकरी करते और रहते हैं. ईरान के कतर पर हमले के बाद मोजफ्फर दहशत के साए में हैं. मोजफ्फर और यहां काम करने वाले भारतीय जहां कतर में ईरान के हमले से परेशान और डरे हुए हैं.

रोजा रख मांग रही पिता की जिंदगी: वहीं, मोजफ्फर को लेकर गया में रहने वाला परिवार जल्द युद्ध रुकने और सलामती की दुआ कर रहा है. मोजफ्फर की पत्नी बुशरा परवीन और 7 वर्षीय बेटी तस्कीन इमाम परिजनों के साथ मिलकर लगातार दुआ कर रहे हैं. रमजान के पाक महीने में सात साल की बेटी रोजा रखकर अपनी पिता की जिंदगी की सलामती और सकुशल वापसी की दुआ कर रही है.
हमले का लाइव वीडियो दिखाया: वहीं, मोजफ्फर ने परिजनों को ईरान के द्वारा कतर में अमेरिकी मिलिट्री कैंप को लक्ष्य कर किए गए हमले का वीडियो भी दिखाया. किस तरह भयानक स्थिति इस हमले से बन गई है, यह दिखाया. अब कतर में जगह-जगह अलर्ट का अलार्म बज रहा है. जगह-जगह ऐलान होने लगा है, कि ईरान के द्वारा कतर में स्थित अमेरिकी मिलिट्री कैंप पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया जा रहा है.

मैं और अन्य लोग इधर-उधर भागने लगे: इस हमले से कतर के लोगों को बचने के लिए यहां की सरकार कई तरह के सलाह दे रही है. वहीं, हमले के बाद ऑफिस में छुट्टियां भी घोषित की गई हैं. मोजफ्फर बताते हैं, कि सोमवार की सुबह को सभी के साथ वे भी अपने ऑफिस में ड्यूटी पर गए थे. इस बीच ईरान ने कई मिसाइलें दागी, जिसके बाद मैं और अन्य लोग इधर-उधर भागने लगे.
"कार्यालय छोड़कर सभी के साथ-साथ मैं भी सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचा. पिछले तीन दिनों से ठीक से सो नहीं पा रहा हूं. अनहोनी का डर बना हुआ है. कब क्या हो जाएगा, कुछ नहीं कहा जा सकता है. ईरान लगातार मिसाइल दाग रहा है."- मोहम्मद मोजफ्फर, कतर में रहने वाले गया के निवासी
वतन को लौटना चाहते हैं मोजफ्फर: मोजफ्फर अब किसी तरह से अपने देश हिंदुस्तान को लौटना चाहते हैं. मोजफ्फर बताते हैं, कि अभी तक 65 मिसाइल और 12 ड्रोन से ईरान ने हमला किया है. हमले के दौरान जो मिसाइल दागी जा रही है उससे जहरीला धुआं भी निकल रहा है. मिसाइल -ड्रोन विस्फोट होने के बाद जोरदार आवाज हो रही है. लोग सही तरीके से सांस भी नहीं ले पा रहे हैं. सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ है. कतर सरकार ने सभी लोगों के मोबाइल पर सुरक्षित रहने का मैसेज भेजा है. फिलहाल हम लोग भयभीत हैं.
अधिकांश हमले नाकाम करने का कतर का दावा: फिलहाल मोहम्मद मोजफ्फर का परिवार चिंतित है. बता दें कि 3 और 4 मार्च को ईरान द्वारा कतर स्थित अल उदेद अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. कतर की रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अधिकांश मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया गया है, हालांकि एक मिसाइल बेस परिसर में गिरी है.
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