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UGC की लड़ाई 'ब्राह्मणवाद' पर आई! बिहार विधानसभा में माले विधायक की 'भाषा' पर बवाल

बिहार विधानसभा में आज यूजीसी पर चर्चा करते हुए माले विधायक ने 'ब्राह्मणवाद' शब्द का इस्तेमाल किया. जिस पर जबरदस्त बवाल मच गया.

Bihar Budget Session
'ब्राह्मणवाद' शब्द पर आमने-सामने (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 20, 2026 at 1:33 PM IST

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पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला. माले विधायक संदीप सौरभ ने सदन में बोलते हुए आरोप लगाया कि ब्राह्मणवादी मानसिकता के लोग ही यूजीसी इक्विलिटी एक्ट को लागू नहीं होने देना चाहते हैं. उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई. जिसके बाद दोनों तरफ से नारेबाजी शुरू हो गई. डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि ऐसी भाषा का प्रयोग ठीक नहीं है.

विधायक ने उठाया ब्राह्मणवाद का मुद्दा: असल में कार्य स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से पालीगंज से माले विधायक संदीप सौरभ शिक्षण संस्थानों को लेकर अपनी बात रख रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातियों को लेकर भेदभाव किया जाता है. इसलिए बिहार में यूजीसी के नए नियम को लागू किया जाए. अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि ब्राह्मणवादी मानसिकता के लोगों ने यूजीसी इक्विलिटी एक्ट का विरोध किया तो सुप्रीम कोर्ट ने इसे वापस ले लिया.

SANDEEP SAURAV
सीपीआई माले विधायक संदीप सौरव (ETV Bharat)

'कब तक रोहित बेमुला?': माले विधायक ने कहा कि देश में कब तक रोहित बेमुला सहित अन्य छात्रों की मौत होती रहेगी. 2019 से लेकर 2024 के बीच 118 प्रतिशत उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत मामलों में हुए विवाद में बढ़ोतरी हुई है. बिहार समेत देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आती है. 2016 में हैदराबाद में केन्द्रीय विश्विद्यालय हैदराबाद में रोमित बेमुला, 2019 में मुंबई के मेडिकल कॉलेज की छात्रा पायल तड़वी, 2021 में आईआईटी बॉम्बे के छात्र दर्शन सोलंकी की हत्या कैपंस में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के उदाहरण हैं.

पालीगंज विधायक ने अपनी बात को बढ़ाते हुए कहा, 'यूजीसी द्वारा मानीय सर्वोच्च न्यायालय और संसदीय पैनल को दी गई रिपोर्ट के अनुसार 2019 से 2014 तक उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव और उत्पीड़न की घटनाओं में 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. जनवरी 2026 में यूजीसी द्वारा इक्विटी गाइडलाइंस की घोषणा की गई लेकिन इस गाइडलाइंस को मजबूती से लागू करने की जगह ब्राह्मणवादी मानसिकता से प्रायोजित आंदोलनों के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे स्थगित कर दिया गया.'

संदीप सौरभ ने कहा कि भले ही यूजीसी इक्विलिटी एक्ट पर फिलहाल रोक लग गई हो लेकिन कर्नाटक और तेलंगाना की राज्य सरकारों ने अपने उच्च शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ रोहित वेमुला एक्ट की संभावना का संज्ञान लिया है. विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिवाद और भेदभाव को खत्म करने के लिए जरूरी है कि बिहार सरकार अपने प्रदेश में उक्त यूजीसी गाइडलाइंस को लागू करें. और संसद द्वारा अध्यादेश लाकर इसे कानून का रूप देने के लिए केन्द्र सरकार से मांग करें.

"उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित उत्पीड़न को रोकने के लिए जनवरी 2026 में यूजीसी द्वारा एक्टिविटी गाइडलाइन की घोषणा की गई लेकिन इस गाइडलाइन को मजबूती से लागू करने की जगह ब्राह्मणवादी मानसिकता से प्रायोजित आंदोलनों के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे स्थगित कर दिया गया."- संदीप सौरभ, विधायक, सीपीआई माले

विजय सिन्हा बोले- ऐसी भाषा उचित नहीं": संदीप सौरभ के बयान में 'ब्राह्मणवाद' शब्द को लेकर सत्ता पक्ष के विधायकों ने आपत्ति जताई. उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का यदि आप सम्मान करते हैं तो इस तरह की भाषा उचित नहीं है. किसी की भी मृत्यु पूरे देश और राज्य के लिए क्षति होती है. मैं हर समाज का सम्मान करता हूं .समाज के प्रति जो जहर बोया जा रहा है, इससे देश कमजोर हो रहा है.

Vijay Kumar Sinha
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा (ETV Bharat)

"मैं भी टेक्निकल कॉलेज में पढ़ने मुजफ्फरपुर गया था. उस समय सरकार किसकी थी, मैं भूमिहार ब्राह्मण समाज से आता हूं, मेरी भी रैगिंग हुई थी और मुझे भी हॉस्टल से बाहर निकालने के लिए विवश किया गया था. बाबा भीमराव अंबेडकर के जाती विभिन्न समाज के सपना को यह तार तार करने की कोशिश है. यह लोग समाज के साथ गद्दारी करते हैं."- विजय कुमार सिन्हा, डिप्टी सीएम, बिहार

ब्राह्मणवाद पर RJD-लेफ्ट- BJP में तकरार: विजय सिन्हा के बयान पर आरजेडी विधायक आलोक मेहता ने कहा कि जिस तरीके से इस पर यह लोग बोल रहे हैं, उससे साफ पता चलता है कि चोर की दाढ़ी में तिनका है. वहीं, बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष में बैठे लोगों को ब्राह्मणों से तकलीफ है. इन्हें ब्राह्मणवाद समझ में नहीं आता है. इस बीच माले विधायक संदीप सौरव और भाजपा विधायक मुरारी मोहन ठाकुर में बहस हुई, जिसके बाद दोनों ने एक दूसरे को उंगली दिखाई. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद स्पीकर प्रेम कुमार ने 'ब्राह्मण' शब्द को निकालने का निर्देश दिया.

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