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'बहुत हो गया, यहां से जाइए', मंत्री बनते ही गुस्से में दिखे दीपक प्रकाश

कहते हैं जब आप राजनीतिक जीवन में कदम रखते हैं तो आपका स्वभाव सौम्य होना चाहिए, नहीं तो मामला उल्टा पड़ जाता है. पढ़ें आगे.

DEEPAK PRAKASH
दीपक प्रकाश ने संभाला पदभार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : November 22, 2025 at 2:46 PM IST

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पटना : पंचायती राज विभाग के नए मंत्री दीपक प्रकाश ने शनिवार को औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण किया. इस दौरान विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद रहे और विभागीय प्रक्रियाओं की जानकारी उन्हें दी गई. मंत्री ने कहा कि गांव-गांव में हर व्यक्ति तक लोकतंत्र की शक्ति पहुंचाना उनकी प्रतिबद्धता है और जरूरत पड़ने पर नई पहल भी की जाएगी.

''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, उसे वह पूरी निष्ठा से निभाएंगे. उन्होंने कहा कि पंचायती राज लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ है और इसकी संस्थाओं को मजबूत बनाना उनका प्राथमिक लक्ष्य होगा.''- दीपक प्रकाश, मंत्री, पंचायती राज विभाग

मंत्री दीपक प्रकाश का बयान (ETV Bharat)

मीडिया से नाराजगी दिखाने वाला वीडियो : पदभार ग्रहण के दौरान एक मौके पर मीडिया कर्मियों ने अलग-अलग एंगल से फोटो लेने का आग्रह किया, जिस पर मंत्री दीपक प्रकाश नाराज हो गए. उन्होंने मीडिया से कहा कि अब बहुत हो गया, यहां से जाइए और विभाग को अपना काम करने दीजिए. उन्होंने यह भी कहा कि अपना और हमारा समय बर्बाद मत कीजिए. उनकी यह टिप्पणी कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.

जब मीडिया से उलझ पड़े दीपक प्रकाश (ETV Bharat)

'मंत्री बनते ही तेवर बदल गए' : वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं. कुछ लोगों ने कहा कि मंत्री बनते ही दीपक प्रकाश का रवैया बदल गया है और वह धौंस दिखाने लगे हैं. वहीं कुछ लोग इसे सामान्य स्थिति बताया और कहा कि शायद बार-बार फोटो खिंचवाने के अनुरोध से माहौल अस्त-व्यस्त हो रहा था. हालांकि, यह वीडियो उनके पहले दिन की चर्चा का बड़ा केंद्र बन गया.

मंत्री बनते ही चर्चा में आ गए : दीपक प्रकाश राष्ट्रीय लोक मोर्चा के कोटे से मंत्री बने हैं. वह राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं. दिलचस्प बात यह है कि वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, लेकिन सीधे मंत्री पद पर उनकी नियुक्ति ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी.

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अपने कार्यालय में मंत्री दीपक प्रकाश (ETV Bharat)

शपथ ग्रहण के दिन अचानक नाम हुआ था घोषित : 20 नवंबर के शपथ ग्रहण समारोह के दिन जब दीपक प्रकाश का नाम मंत्री पद के लिए सामने आया तो कई नेता और राजनीतिक पर्यवेक्षक हैरान रह गए. यह घोषणा पूरी तरह अप्रत्याशित मानी गई क्योंकि इससे पहले कभी भी उनका नाम मंत्री पद की दौड़ में नहीं आया था. इसी कारण यह फैसला तुरंत सुर्खियों में आ गया और सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं.

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दीपक प्रकाश ने संभाला पदभार (ETV Bharat)

परिवारवाद को लेकर विपक्ष का हमला तेज : दीपक प्रकाश की नियुक्ति के साथ ही विपक्ष और राजनीतिक विरोधियों ने उपेंद्र कुशवाहा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. कई नेताओं ने कहा कि एक सांसद का बेटा सीधे मंत्री बना दिया जाना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है. वहीं समर्थकों का तर्क है कि योग्यता और नेतृत्व क्षमता के आधार पर भी निर्णय लिए जाते हैं. विवादों के बीच दीपक प्रकाश ने किसी भी आरोप पर टिप्पणी करने से परहेज किया और कहा कि वह केवल अपने दायित्वों के निर्वहन पर ध्यान देना चाहते हैं.

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