राज्यसभा सीट पर किचकिच, जीतन राम मांझी ने की डिमांड तो उपेंद्र कुशवाहा ने दिया जवाब
बिहार में राज्यसभा चुनाव से पहले ही एनडीए में विवाद शुरू हो गया है. जीतनराम मांझी के बयान पर उपेंद्र कुशवाहा ने प्रतिक्रिया दी है.

Published : December 23, 2025 at 4:16 PM IST
पटना: बिहार में 9 अप्रैल 2026 को राज्यसभा की 5 सीटें, जिसमें जेडीयू के दो, आरजेडी के दो और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की एक सीट है, खाली हो रही है. ऐसे में अब सवाल ये उठ रहे हैं कि किसका पत्ता कटेगा और किसको मौका मिलेगा? राज्यसभा चुनाव में भले ही तीन महीने का समय है, लेकिन एनडीए में अभी से किचकिच शुरू हो गई है. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बाद अब उपेंद्र कुशवाहा ने भी प्रतिक्रिया दी है.
राज्यसभा सीट पर क्या बोले उपेंद्र कुशवाहा?: बीते दिनों केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अगले चुनाव में 100 सीट और आगामी राज्यसभा चुनाव में एक सीट हम पार्टी को देने की मांग रखी है और नहीं देने पर अपना झंडा लेकर आगे चल देने की बात कही थी. साथ ही एनडीए से अलग होने की भी धमकी दी है. इसपर उपेंद्र कुशवाहा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उनकी पार्टी और एनडीए के अंदर का मामला है.

"हम तो लगातार कहते रहे हैं और इस बात पर लगातार चलते भी रहे हैं कि एनडीए से संबंधित कोई विषय है तो उस पर चर्चा हम एनडीए में अंदर कहीं आवश्यकतानुसार करेंगे. बाहर सार्वजनिक रूप से हम इस विषय पर चर्चा नहीं करते हैं और न ही करेंगे."- उपेंद्र कुशवाहा,राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय लोक मोर्चा
क्या उपेंद्र कुशवाहा होंगे OUT?: उपेंद्र कुशवाहा की बातों से साफ है कि वह एनडीए में इसबार अपनी बात मनवाने की स्थिति में नहीं हैं और सबसे कमजोर स्थिति में नजर आ रहे हैं. उनकी पार्टी के पास सिर्फ चार विधायक हैं, जो राज्यसभा जीत के लिए नाकाफी हैं. एनडीए के भीतरखाने से जो संकेत आ रहे हैं, उससे भी लग रहा है कि कुशवाहा को अब दोबारा मौका नहीं मिलेगा.
परिवारवाद के आरोप से बचना चाहती है BJP: लोकसभा चुनाव 2024 में उपेंद्र कुशवाहा काराकाट से हार गए थे. फिर उन्हें राज्यसभा भेजा गया. वहीं उन्होंने सासाराम से अपनी पत्नी को विधायक बना दिया है और अपने बेटे दीपक प्रकाश को बिहार विधानसभा चुनाव के बाद मंत्री बनाकर लॉन्च कर दिया. इसके बाद से एनडीए पर भी परिवारवाद के आरोप लगने लगे हैं. ऐसे में इस आरोप से बचने के लिए उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा से बाहर करना लगभग तय माना जा रहा है.

किन सीटों पर होगा इलेक्शन?: बिहार से राज्यसभा की जो पांच सीटें खाली हो रही है, उनमें आरजेडी के प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह(एडी सिंह), जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं. इनकी सीटों पर चुनाव होना है.
नितिन नबीन का राज्यसभा जाना तय: बीजेपी से नितिन नबीन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है. बीजेपी की दूसरी सीट पर नाम को लेकर असमंजस की स्थिति है, हालांकि पवन सिंह के नाम की चर्चा है. वहीं जेडीयू को भी दो राज्यसभा सीट मिलेगी.

जीतन राम मांझी ने क्या कहा?: बीते दिनों गया में एक कार्यक्रम के दौरान जीतन राम मांझी ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि हम पार्टी को एक सीट मिलनी चाहिए. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें दो लोकसभा और एक राज्यसभा की सीट का आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक सीट मिली. साथ ही उन्होंने कहा कि एनडीए में यदि राज्यसभा की सीट नहीं मिली तो वह अलग भी हो सकते हैं. मंत्री पद का उन्हें कोई मोह नहीं है.
1 सीट के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी: इस बार राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी. इसका आधार फार्मूला है- कुल विधानसभा सीटों यानी कि 243 सीटों को चुनाव होने वाली कुल सीटों में एक जोड़कर भाग देना. बिहार के पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है. ऐसे में पांच में एक जोड़ेंगे तो आएगा छह. फिर 243 में 6 से भाग देने पर आंकड़ा 40.5 आता है, यानी न्यूनतम 41 विधायक के समर्थन से एक व्यक्ति राज्यसभा जा सकता है.
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