उपेंद्र कुशवाहा हो या शिवेश राम.. राज्यसभा की 5वीं सीट के लिए कहां से होगा 3 वोट का 'जुगाड़'?
जब बिहार की पांचों राज्यसभा सीटों पर एनडीए चुनाव लड़ेगा तो सवाल है कि 3 अतिरिक्त वोट कहां से आएगा? क्या विपक्ष में सेंधमारी होगी?

Published : March 4, 2026 at 5:36 PM IST
पटना: बिहार में 5 सीटों पर राज्यसभा का चुनाव हो रहा है. एनडीए की तरफ से बीजेपी ने 2 और आरएलएम ने एक सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, बाकी 2 सीटों पर जेडीयू के कैंडिडेट होंगे. अब अगर महागठबंधन ने भी एक सीट पर अपना प्रत्याशी उतार दिया तो 16 मार्च को वोटिंग की नौबत आ जाएगी. ऐसे में सवाल है कि 5वीं सीट पर जीत के लिए सत्ता पक्ष 41 का 'जादुई आंकड़ा' कहां से जुटाएगा?
कुशवाहा या राम, 5वां कैंडिडेट कौन?: एनडीए के 5 उम्मीदवारों में पांचवीं सीट का प्रत्याशी कौन होगा, अभी इसको लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. उपेंद्र कुशवाहा या शिवेश राम में से ही कोई पांचवां कैंडिडेट होगा, क्योंकि नितिन नबीन और जेडीयू के दोनों प्रत्याशी की सीट कन्फर्म मानी जा रही है. ऐसे में कुशवाहा और शिवेश को लेकर चर्चा है.

क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष?: हालांकि बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा दूसरी सीट के लिए पर्चा भरेंगे, जबकि शिवेश राम पांचवीं सीट के लिए नामांकन करेंगे. इसका मतलब ये है कि विपक्ष के कैंडिडेट देने की स्थिति में शिवेश राम को जीत के लिए लड़ाई लड़नी होगी.
"हमने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है और पहले सीट पर जहां हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन नामांकन करेंगे, वहीं दूसरी सीट पर उपेंद्र कुशवाहा नामांकन करेंगे. शिवेश राम पांचवें सीट के लिए नामांकन करेंगे."- संजय सरावगी, अध्यक्ष, बिहार बीजेपी

चिराग के बयान से पेंच उलझा: उधर, चिराग पासवान ने कहा कि अभी ये तय नहीं है कि पांचवां उम्मीदवार कौन होगा. उन्होंने कहा, 'एनडीए गठबंधन से पांचवां नाम अभी फाइनल नहीं हुआ है, चर्चा अभी भी चल रही है.'
#WATCH | Delhi: On the candidates for the Rajya Sabha elections, Union Minister Chirag Paswan says, " within the alliance, discussions over the names had been going on for a long time. now that the process has begun and the elections are near, we are moving closer to the results.… pic.twitter.com/muctctKteX
— ANI (@ANI) March 4, 2026
कुशवाहा हो या शिवेश राम, इतना तो यह है कि विपक्ष के मैदान में आने के बाद एनडीए को पांचवीं सीट पर जीत के लिए तीन अतिरिक्त वोट का जुगाड़ करना होगा. इसके लिए विपक्षी खेमे में ही सेंधमारी करनी होगी, जो बहुत आसान नहीं होगा.

विपक्षी विधायक संपर्क में, कुशवाहा का दावा: आंकड़ों के सवाल पर आरएलएम अध्यक्ष और राज्यसभा कैंडिडेट उपेन्द्र कुशवाहा कहते हैं, 'सभी एनडीए के 5 उम्मीदवारों की जीत पक्की है. कई महागठबंधन के लोग अलग-अलग पार्टी के विधायक हमारे संपर्क में हैं. उसके आधार पर कोई कंफ्यूजन और परेशानी नहीं है. शत प्रतिशत एनडीए के उम्मीदवारों की जीत होगी.'
#WATCH | हाजीपुर, वैशाली: RLM प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा, " गठबंधन में सब कुछ आपस में तय होता है, और उसी आधार पर अलग-अलग पार्टियों के लोगों को उम्मीदवार बनाया गया है... मैं अपनी उम्मीदवारी के लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, मुख्यमंत्री, bjp के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और nda… pic.twitter.com/fL8TUCTfuQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 4, 2026
कहां से जुगाड़ होगा तीन अतिरिक्त वोट?: उपेंद्र कुशवाहा जिस ओर संकेत दे रहे हैं, क्या वह संभव है? क्या एनडीए आसानी से विपक्षी खेमे में सेंधमारी कर लेगा, अगर हां तो किस पार्टी पर सत्ता पक्ष की नजर है? इसको लेकर कोई नेता खुलकर नहीं बोल रहा है लेकिन माना जा रहा है कि छोटे दलों के साथ-साथ कांग्रेस के 'असंतुष्टों' पर भी बीजेपी की नजर है.

कौन-कौन टूट सकता है?: चर्चा है कि बीएसपी के एक मात्र विधायक सतीश यादव का आसानी से समर्थन मिल सकता है, जबकि आईआईपी के आईपी गुप्ता को भी साथ लाने की कोशिश हो रही है. इसके अलावे कांग्रेस के एक-दो विधायक भी संपर्क में हैं. हालांकि कांग्रेस के तमाम विधायक पार्टी औैर गठबंधन के साथ रहने का दावा कर रहे हैं.

BJP का प्लान 'B' भी तैयार: ऐसी भी चर्चा है कि बीजेपी प्लान बी के तहत कोशिश कर रही है कि विपक्षी खेमे में दो फाड़ हो जाए. इसका मतलब ये कि महागठबंधन उम्मीदवार के खिलाफ एआईएमआईएम अपना प्रत्याशी उतार दे. अगर ऐसी स्थिति बनती है तो मैदान में 5 सीटों के लिए 7 कैंडिडेट हो जाएंगे. ऐसे में प्रथम वरीयता के हिसाब से एनडीए की जीत तय हो जाएगी, क्योंकि महागठबंधन के पास 35 वोट हैं, जबकि एनडीए को पास 38 वोट होंगे.

महागठबंधन को एआईएमआईएम से उम्मीद: महागठबंधन के पास सिर्फ 35 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 41 वोट चाहिए. ऐसे में उसे उम्मीद है कि बीजेपी को हराने के लिए समूचा विपक्ष साथ आएगा. अगर एआईएमआईएम के 5 और बीएसपी के एक विधायक अपना समर्थन दे देते हैं तो 5वीं सीट पर आसानी से जीत हो जाएगी लेकिन एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान के रुख से लगता नहीं कि वह सपोर्ट करने के मूड में हैं, क्योंकि वह कह चुके हैं कि इस बार उनकी पार्टी अपना प्रत्याशी देगी और विपक्ष को चाहिए कि वह हमारा समर्थन करे.

महागठबंधन से कौन होगा कैंडिडेट?: महागठबंधन से आरजेडी का ही उम्मीदवार होगा ये तो तय है लेकिन अभी तय ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कैंडिडेट कौन होगा. प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है. ऐसे में इन दोनों में से किसी एक को फिर से प्रत्याशी बनाया जा सकता है. वैसे कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के नाम की भी चर्चा है. हालांकि अब जिस तरह का समीकरण दिख रहा है, उसमें लगता नहीं कि वह कोई रिस्क लेना चाहेंगे.
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