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खटीमा में यौन शौषण मामले में फरार आरोपी डॉक्टर के घर पर यूपी पुलिस का छापा, कुर्की का नोटिस किया चस्पा

लखनऊ केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन के खटीमा स्थित किराए के घर पर यूपी पुलिस की दबिश, कई आरोप में चल रहा फरार

UP Police Pasted Notice Rameezuddin Resident Khatima
डॉक्टर रमीजुद्दीन के घर पर नोटिस चस्पा करती यूपी पुलिस (फोटो सोर्स- Police)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 8, 2026 at 8:09 PM IST

4 Min Read
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खटीमा: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन उर्फ रमीज मलिक की तलाश यूपी पुलिस खटीमा पहुंची. जहां लखनऊ पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ आरोपी डॉक्टर के खटीमा स्थित घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया. आरोपी डॉक्टर के खिलाफ आगरा निवासी महिला डॉक्टर को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक यौन शोषण करने एवं गर्भपात कराने का आरोप है.

उत्तर प्रदेश के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के निलंबित रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक की तलाश लगातार पुलिस कर रही है. डॉक्टर रमीज मलिक पर दो महिला डॉक्टरों के साथ दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप है. पीड़िता की तहरीर पर लखनऊ में मुकदमे दर्ज कराने के बाद ही आरोपी डॉक्टर रमीज फरार चल रहा है. जिस पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया हुआ है.

UP Police Pasted Notice Rameezuddin Resident Khatima
खटीमा में डॉक्टर रमीजुद्दीन के घर पर नोटिस (फोटो सोर्स- Police)

इसी कड़ी में 7 जनवरी को आरोपी डॉक्टर की धरपकड़ के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम उत्तराखंड पहुंची. जहां खटीमा वार्ड नंबर 14 स्थित डॉक्टर के किराए के घर पर छापा मारा, लेकिन घर पर ताला लटका मिला. ताला लगा होने की वजह से उसके घर पर न्यायालय के आदेशानुसार धारा 82 के तहत कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया गया. वहीं, लखनऊ पुलिस ने कुर्की करने से पहले की आसपास के लोगों को नोटिस की जानकारी भी दी.

बता दें कि लखनऊ चौक कोतवाली पुलिस के उपनिरीक्षक विक्रांत शिंघाल और आरक्षी विक्रम सिंह खटीमा पहुंचे थे. आरोपी का मूल घर उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के न्यूरिया बताया जा रहा है. वहां पर भी पुलिस की टीम ने दबिश दी है. जबकि, खटीमा में आरोपी के माता-पिता किराए के कमरे में रहते है.

क्या है पूरा मामला: ​बीती 24 दिसंबर 2025 को लखनऊ चौक कोतवाली में डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी. केजीएमयू प्रशासन ने आंतरिक जांच रिपोर्ट के बाद आरोपी डॉक्टर को निलंबित कर दिया था. जबकि, उसकी कैंपस में एंट्री भी बैन कर दी गई थी. उधर, पुलिस ने पहले उसे नोटिस देकर शहर न छोड़ने को कहा था, लेकिन वो चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो गया.

वहीं, पीड़िता ने यूपी के सीएम योगी से भी मुलाकात की. पीड़ित महिला डॉक्टर ने सीएम योगी से मिलकर आपबीती सुनाई थी. जिस पर सीएम योगी ने पीड़िता को इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया था. साथ ही पुलिस के आला अधिकारियों को आरोपी डॉक्टर की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए.

पीड़ित महिला डॉक्टर ने सीएम योगी आदित्यनाथ को बताया कि आरोपी डॉ. रमीज मलिक ने न केवल उसे प्रताड़ित किया, बल्कि धर्मांतरण का भी दबाव बनाया. पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज पर यौन शोषण और शादी के लिए धर्म बदलने का गंभीर आरोप लगा है.

पीड़िता ने पहली शादी की बात छिपाने, अश्लील वीडियो को वायरल करने की धमकी देने के साथ ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगाए थे. उधर, केजीएमयू में यौन शोषण मामले में विशाखा कमेटी ने जांच पूरी कर ली है. जांच में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज को दोषी पाया गया है.

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