AI से होगी अल्पसंख्यक योजनाओं की निगरानी, किरेन रिजिजू ने लॉन्च किया ऐप
चिंतन शिविर में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 'पीएमजेवीके' निगरानी ऐप लांच किया. अल्पसंख्यकों को साथ लेकर चलना ही 'सबका साथ, सबका विकास'.

Published : February 20, 2026 at 7:50 AM IST
नालंदा: बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के दो दिवसीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल हुई. केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत निगरानी ऐप (NIGRANI App) लॉन्च किया. यह ऐप अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा.
ऐप लॉन्च के साथ अल्पसंख्यक विकास पर जोर: ऐप लॉन्चिंग समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन, बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान सहित अन्य राज्यों के विभागीय मंत्री मौजूद रहे. रिजिजू ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास के बिना वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि सभी वर्गों को मुख्यधारा में साथ लेकर चलना ही 'सबका साथ, सबका विकास' का असली अर्थ है.
पारदर्शिता और प्रभावी कार्यान्वयन का माध्यम: निगरानी ऐप के माध्यम से पीएमजेवीके योजनाओं की निगरानी आसान हो जाएगी. यह ऐप इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास से जुड़ी परियोजनाओं में पारदर्शिता लाएगा. अधिकारी बताते हैं कि ऐप सैटेलाइट और डिजिटल टूल्स की मदद से रीयल-टाइम अपडेट प्रदान करेगा, जिससे कार्यान्वयन में तेजी आएगी और कमियां दूर होंगी.

राज्यों के साथ समन्वय पर विस्तृत चर्चा: चिंतन शिविर के दौरान विभिन्न राज्यों से आए मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने पीएमजेवीके को धरातल पर बेहतर लागू करने के लिए अपने सुझाव और आइडिया साझा किए. केंद्रीय मंत्री ने इस योजना को मंत्रालय का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया और कहा कि केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने के लिए ऐसे विचार-विमर्श आवश्यक हैं.

सरकार का विजन: समावेशी विकास: रिजिजू ने अल्पसंख्यक कल्याण के प्रति सरकार के विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि नीतियां ऐसी बनाई जा रही हैं जिनसे अल्पसंख्यक समुदाय का आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक विकास सुनिश्चित हो. उन्होंने जोर दिया कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के सिद्धांत पर ही देश आगे बढ़ेगा.

"देश के सभी वर्गों, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय को विकास की मुख्यधारा में साथ लेकर चलना ही 'सबका साथ, सबका विकास' का वास्तविक अर्थ है. सरकार इसी दिशा में नीतियां बना रही है ताकि अल्पसंख्यकों का सर्वांगीण विकास हो सके."-किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री
डिजिटल पहलों से मजबूत नींव: यह ऐप लॉन्च चिंतन शिविर की प्रमुख उपलब्धियों में से एक है, जो अल्पसंख्यक विकास को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. सरकार का मानना है कि ऐसी पहलें 2047 के विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.
ये भी पढ़ें-
'अल्पसंख्यकों की एकजुटता से ही साकार होगा विकसित भारत 2047 का सपना', केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू
'मोदी तेरी... खुदेगी' वाले बयान पर भड़के किरेन रिजिजू, राहुल-खड़गे से संसद में माफी की मांग

