अमिताभ बच्चन ने KBC में लिया नागदा से पंगा, कोर्ट ने दिए जांच के आदेश
'कौन बनेगा करोड़पति' में नागदा की छवि खराब करने का आरोप लगा याचिका दायर. कोर्ट ने दिए जांच के आदेश.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 21, 2026 at 7:03 PM IST
उज्जैन : सदी के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन और सोनी टीवी के सीईओ गौरव बैनर्जी की मुसीबतें बढ़ सकती हैं. दोनों के विरुद्ध उज्जैन के नागदा कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर संबंधित थाने से जांच रिपोर्ट मांगी है. मामले के अनुसार बीते 23 दिसंबर 2025 को सोनी टीवी पर प्रसारित 'कौन बनेगा करोड़पति' कार्यक्रम में होस्ट अमिताभ बच्चन द्वारा नागदा को छोटा गांव व जल संकटग्रस्त क्षेत्र बताया गया.
नागदा कोर्ट में अमिताभ के खिलाफ याचिका
अभिताभ बच्चन द्वारा नागदा के बारे में इस प्रकार छवि बनाने से आहत होकर नागदा न्यायालय में एडवोकेट ने 18 फरवरी को याचिका लगाई, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है. अब संबंधित थाने की जांच रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने 09 अप्रैल को सुनवाई तय की है. याचिकाकर्ता एडवोकेट लक्ष्मण सुंदरा ने बताया "ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कोर्ट (JMFC) में 23 दिसंबर 2025 को सोनी टीवी पर प्रसारित 'कौन बनेगा करोड़पति' कार्यक्रम में होस्ट अमिताभ बच्चन द्वारा नागदा को छोटा गांव व पानी संकटग्रस्त क्षेत्र बताया."

नागदा कोर्ट में सुनवाई 9 फरवरी को
एडवोकेट लक्ष्मण सुंदरा ने बताया "18 फरवरी को परिवाद दायर किया, जोकि न्यायालय ने स्वीकार कर लिया. अब न्यायालय ने मामले में 09 अप्रैल को सुनवाई की बात कही है. इस बीच संबंधित थाने को सीआईएस (केस इन्फॉर्मेशन सिस्टम) में प्रकरण दर्ज कर जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए हैं."
नागदा की छवि खराब करने का आरोप
न्यायालय में पैरवी करने वाले एडवोकेट राजेश मंडवारिया व दीपमाला ने बताया "नागदा की छवि पूरे देश दुनिया मे धूमिल हुई है, जबकि नागदा लगभग 2 लाख की आबादी वाला नगर है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसे जिला बनाने की घोषणा 2 बार कर चुके हैं. नागदा महाभारतलीन नगरी है. इतिहास के पन्नों में दर्ज है. चंबल का पानी यहां लोगों को मिलता है. नागदा रेलवे का मुख्य जंक्शन है. सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है."

फिल्टर प्लांट से नलों में पानी सप्लाई
ETV भारत को नागदा नगर पालिका अध्यक्ष संतोष ओम प्रकाश गहलोत ने बताया "नागदा की कुल आबादी सवा लाख है. कुल 36 वार्ड नागदा नगर पालिका में आते हैं. नागदा में चंबल नदी से ही लोगों को पीने का पानी उपलब्ध करवाया जाता है, इसके लिए फिल्टर प्लांट लगाया गया है. 16MLD के फ़िल्टर प्लांट से पानी चेक करने के बाद ही नलों से सप्लाई होता है. सुबह एवं शाम 40-40 मिनट तक सप्लाई होती है. नागदा में कुल 17 हजार नल कनेक्शन हैं. हर 3 महीने में टंकियों की सफाई होती है. लगभग 8 से 10 टंकियां हैं."
स्वच्छ पानी नहीं मिलने का आरोप
वार्ड 14 की पार्षद सीमा के प्रतिनिधि भूपेंद्र राणावत ने बताया "वार्ड में पानी सुबह शाम आता जरूर है लेकिन कभी भी स्वच्छ पानी या एक जैसा पानी साफ नहीं आता. बीते 4 सालों में 15 बार ही पानी का टेस्ट नगर पालिका द्वारा किया गया. नागदा में ग्रासिम उद्योग से पानी में डालने वाला क्लोरीन आसानी से उपलब्ध हो जाता है लेकिन नगर पालिका नागदा की ग्रासिम से क्लोरीन ना लेते हुए शाजापुर से लेती है जो कि बीते 3 सालों में 55 लाख रुपए का खरीद चुकी है. बावजूद स्वच्छ पानी नागदा नगर पालिका नहीं दे पा रही."
आम आदमी साफ पानी के लिए परेशान
राणावत का कहना है "एसडीएम रंजना पाटीदार ने भी पिछले ही महीने नलों से गंदा पानी आने के कारण संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा लेकिन अभी तक कोई एक्शन नहीं हुआ. आम आदमी की हालत खराब है. साफ पानी पीने को नहीं मिलता."
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नागदा का इतिहास 4200 वर्ष पुराना
याचिका में नागदा को महाभारतकालीन शहर बताते हुए पुराने इतिहास की बातों का उल्लेख किया गया है. पुराविद् डॉ. रमण सोलंकी से चर्चा के दौरान पता चला "पद्मश्री सम्मानित डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर को नागदा में उत्खनन के दौरान 4200 वर्ष पुराने इतिहास के साक्ष्य मिले. इस प्रकार करीब साढ़े 4 हजार वर्ष पुराना इतिहास नागदा का माना जाता है. रही बात क्षेत्र में पानी की तो चंबल नदी है नागदा में, जहां समृद्ध रूप से पानी हमेशा होता ही है."

