उत्तराखंड में अलकनंदा नदी में आपस में टकराए दो बोट, लोगों की अटकी सांसें
श्रीनगर गढ़वाल में बड़ा हादसा टला, धारी देवी के पास अलकनंदा नदी में दो बोटों की टक्कर, टक्कर के बाद अफरा-तफरी का माहौल

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 20, 2026 at 8:47 PM IST
|Updated : February 20, 2026 at 8:55 PM IST
श्रीनगर/पौड़ी: श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध धारी देवी क्षेत्र में अलकनंदा नदी में दो बोटों की जबरदस्त टक्कर हो गई. टक्कर इतनी तेज थी कि एक बोट दूसरी के ऊपर चढ़ गई. हादसे के दौरान एक चालक संतुलन खोकर झील में गिर पड़ा. जबकि, दूसरी बोट कुछ देर तक अनियंत्रित अवस्था में घूमती रही. वहीं, बोटों की टक्कर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
गनीमत रही कि बोट में चालक के अलावा कोई और सवार नहीं था. मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और राहत दल ने तत्परता दिखाते हुए नदी में गिरे चालक को सुरक्षित बाहर निकाला. राहत की बात ये रही कि इस घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह घटना बीते रविवार यानी 15 फरवरी की सुबह की है, लेकिन इसका वीडियो अब सामने आया है. बताया जा रहा है कि एक बोट फरासू की तरफ से धारी देवी मंदिर क्षेत्र की तरफ आ रही थी. मंदिर के पास पहुंचते ही दोनों बोटों एक-दूसरे के करीब आ गई. जिससे दोनों में टक्कर हो गई.
हादसे के वक्त दोनों बोटों में केवल चालक ही सवार थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. यदि श्रद्धालु सवार होते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक बोट का चालक संतुलन खो बैठा और उछलकर सीधे नदी में जा गिरा. चालक के पानी में गिरते ही मौके पर मौजूद लोगों की सांसें अटक सी गई.

टक्कर के बाद नदी में घूमती रही एक बोट: वहीं, टक्कर के बाद एक बोट कुछ देर तक अनियंत्रित होकर नदी के बीच गोल-गोल घूमती रही. बोट के नियंत्रण से बाहर होने पर आसपास किनारे पर मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय लोग दहशत में आ गए.
कई लोगों ने तत्काल अपना मोबाइल निकालकर वीडियो बना लिया, जिसे अब खूब शेयर किया जा रहा है. हालांकि, हादसे के दौरान चालक ने सूझबूझ और हिम्मत का परिचय दिया. बताया जा रहा है कि वो अलकनंदा नदी से तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आया.
वहीं, पास में संचालित एक अन्य बोट के चालक और कर्मचारियों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. उन्होंने अनियंत्रित बोट को संभालने में मदद की. फिलहाल, स्थानीय लोगों की तत्परता और बोट संचालकों की समझदारी के चलते एक बड़ा हादसा टल गया.

इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी में बोट संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए. ताकि, भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
बोट संचालन को लेकर मिल चुकी 200 से ज्यादा शिकायतें: प्रशासन से भी इस मामले की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की जा रही है. उधर, धारी देवी मंदिर समिति के अनुसार, बोट संचालन को लेकर शिकायत रजिस्टर में अब तक 200 से ज्यादा आपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं.
"पूर्व में उपजिलाधिकारी श्रीनगर को पत्र भेजकर बोट संचालन को मंदिर परिसर से कम से कम 500 मीटर दूर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई."- लक्ष्मी प्रसाद पांडे, प्रबंधक, धारी देवी मंदिर समिति
उनका कहना है कि बोट संचालन से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है, जिसका विरोध नहीं है, लेकिन सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे मंदिर क्षेत्र से दूर गोवा बीच या श्रीनगर की तरफ गुफा के पास संचालित किया जाना चाहिए.
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