उत्तराखंड: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, 2028 तक ब्यासी सेक्शन में दौड़ेंगी ट्रेनें
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट में टनल का काम तेजी से चल रहा है. साल 2028 तक पहाड़ों में रेल सफर का सपना साकार होगा.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 27, 2026 at 8:47 AM IST
ऋषिकेश: उत्तराखंड के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम और सबसे तेज दौर में पहुंच गया है. रेल विकास निगम लिमिटेड के नेतृत्व में पहाड़ का सीना चीरकर बनाई जा रही सुरंगों का काम रिकॉर्ड रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. रेल प्रोजेक्ट को लेकर रेल विकास निगम लिमिटेड ने बड़ा अपडेट जारी किया है.
परियोजना के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सिविल हिमांशु बड़ोनी के अनुसार, प्रोजेक्ट का काम अपनी तय समय सीमा के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रहा है और समय बचाने के लिए खुदाई के साथ-साथ फाइनल लाइनिंग का काम भी समानांतर तरीके से किया जा रहा है. चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर हिमांशु बड़ोनी ने स्पष्ट किया कि ट्रैक बिछाने, इलेक्ट्रिकल, सिग्नलिंग और स्टेशन भवनों का निर्माण एक साथ चल रहा है, ताकि तय समयसीमा में काम पूरा हो सके और चार धाम यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिले.
यह रेल नेटवर्क न केवल कनेक्टिविटी को सुगम बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और चारधाम यात्रा के लिए क्रांति साबित होगा. ऋषिकेश से कर्णप्रयाग का 125 किलोमीटर का कठिन पहाड़ी सफर, जिसमें अभी 6 घंटे का समय लगता है, रेल शुरू होने के बाद महज 2 घंटे का रह जाएगा. बदरीनाथ और केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं का यात्रा समय कई घंटे कम होगा. ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग सिर्फ 1.5 घंटे और कर्णप्रयाग तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा, जिससे लंबी सड़क यात्रा और थकान से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी.
परियोजना में 16 मुख्य और 13 एस्केप सुरंगें बनाई जा रही हैं. किसी भी आपात स्थिति के लिए एस्केप टनल की विश्वस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है. समय बचाने के लिए सुरंगों की खुदाई, लाइनिंग, ट्रैक बिछाने और स्टेशन भवनों के निर्माण का काम एक साथ चलाया जा रहा है, ताकि प्रोजेक्ट तय समयसीमा पर पूरा हो सके.
साल 2028 तक ब्यासी सेक्शन तक ट्रेनों का संचालन शुरू करने और पूरी परियोजना को पूरा कर उत्तराखंड को देश के आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य है. यह रेल प्रोजेक्ट न केवल सुगम यातायात का माध्यम बनेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार, व्यापार और साहसिक पर्यटन को भी अभूतपूर्व बढ़ावा देगा.
बता दें कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है. जिसका कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिसके लिए योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन का निर्माण किया गया है. वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से अपने अंतिम चरणों की ओर बढ़ रही है. प्रदेश के विकास और पर्वतीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिहाज से इस परियोजना काफी अहम माना जा रहा है.
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