उत्तराखंड एंजेल चकमा केस: TISF ने अगरतला में कैंडल मार्च निकाला, की न्याय की मांग
उत्तराखंड में त्रिपुरा के छात्र की हत्या का मामला तूल पकड़ा. छात्र संगठन के सदस्यों ने इंसाफ की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला.

Published : December 29, 2025 at 12:16 PM IST
अगरतला: टिपरा मोथा पार्टी की स्टूडेंट विंग, टिपरा इंडिजिनस स्टूडेंट्स फेडरेशन (TISF) के सदस्यों ने रविवार को अगरतला के अस्तबल मैदान में एक कैंडल मार्च निकाला. इसमें उन्होंने नंदनगर, देबराम ठाकुर पारा का रहने वाला स्टूडेंट एंजेल चकमा के लिए इंसाफ की मांग की. एंजल चकमा की 9 दिसंबर को देहरादून में हत्या कर दी गई थी.
एंजेल चकमा पर 9 दिसंबर को देहरादून में बदमाशों के एक ग्रुप ने हमला किया था और बाद में हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस घटना के सिलसिले में पांच लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार को हर मुमकिन मदद देगी.
#WATCH | Tripura: Members of the Tipra Indigenous Students Federation - TISF held a candle march yesterday at Astabal Maidan in Agartala, demanding justice for Angel Chakma, a resident of Nandanagar, Debram Thakur Para, who was killed in Dehradun on 9th December. pic.twitter.com/myDFke1V9i
— ANI (@ANI) December 29, 2025
टीआईएसएफ के प्रेसिडेंट सजरा देबबर्मा ने शनिवार को हत्या की निंदा की और केंद्र से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की. एएनआई से बात करते हुए सजरा देबबर्मा ने कहा, 'नॉर्थईस्ट में जो हो रहा है वह कोई नई बात नहीं है. जब हम नॉर्थईस्ट से बाहर जाते हैं, तो हमें ताना मारा जाता है.'
उन्होंने कहा,'एंजेल चकमा की मौत- यह सिर्फ एंजल चकेमा की मौत नहीं है. यह नॉर्थईस्ट के सभी लोगों की मौत है. पहले भी कर्नाटक, केरल, दिल्ली, नॉर्थईस्ट में लोगों को बेइज्जत किया गया. मैं सीधे सेंट्रल गवर्नमेंट से कहना चाहता हूं. अगर आप नॉर्थईस्ट के लोगों को इज्जत, सम्मान और प्यार नहीं दे सकते तो हमें एक अलग देश दे दो हम अपना ख्याल खुद रख लेंगे.'
आगे कहा,'यह बहुत सीरियस मामला है. जब लोग देश के दूसरे हिस्सों से नॉर्थईस्ट आते हैं, तो हम उनकी इज्जत करते हैं. हम उनकी बेइज्जती नहीं करते क्योंकि यह हमारा कल्चर नहीं है.' इस बीच, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (सिटी) प्रमोद कुमार ने बताया कि त्रिपुरा के दो स्टूडेंट, एंजेल चकमा और उसका भाई, माइकल चकमा, प्रेमनगर पुलिस स्टेशन एरिया में नंदा चौकी के पास रहते थे. यह घटना 9 दिसंबर की शाम की है, जब वे किसी काम से सेलाकुई गए थे.
पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों की कुछ लोकल लड़कों और नॉर्थईस्ट के एक दूसरे लड़के से बहस हो गई. उनके बीच लड़ाई हो गई. बताया गया है कि उन पर चाकू और दूसरी तेज चीजों से हमला किया गया. इस वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उनका भाई उन्हें हॉस्पिटल ले गया और बाद में एफआईआर दर्ज कराई.' उत्तराखंड के चीफ मिनिस्टर ऑफिस (CMO) के मुताबिक, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऐसी घटनाएं 'पूरी तरह से मंजूर नहीं हैं' और राज्य सरकार 'एंटी-सोशल एलिमेंट्स से सख्ती से निपटेगी'.
उत्तराखंड सीएमओ ने कहा, 'त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के नंदनगर का रहने वाला और स्टूडेंट एंजेल चकमा की हत्या के मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं और उन्हें जुवेनाइल रिफॉर्म होम भेज दिया गया है. पुलिस एक फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. इस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है. फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की एक टीम नेपाल भी भेजी गई है.

