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उत्तराखंड में नस्लीय हिंसा का शिकार हुआ त्रिपुरा का छात्र? सोशल मीडिया पर जस्टिस कैंपेन शुरू, जानिये पूरा घटनाक्रम

त्रिपुरा के छात्र की मौत के बाद सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू हो गया है. इस कैंपेन को देशभर से सर्पोट मिल रहा है.

TRIPURA STUDENT ANGEL CHAKMA DEATH
त्रिपुरा छात्र मौत मामला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : December 27, 2025 at 6:23 PM IST

5 Min Read
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किरनकांत शर्मा की रिपोर्ट

देहरादून (उत्तराखंड): नस्लीय हिंसा का शिकार हुए त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की जिंदगी और मौत से जूझते हुए 17 दिन बाद देहरादून के अस्पताल में शुक्रवार को मौत हो गई थी. 24 वर्षीय MBA स्टूडेंट एंजेल चकमा की मौत के बाद पूर्वोत्तर के छात्रों में आक्रोश है. त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के नंदानगर निवासी छात्र एंजेल चकमा की नस्लीय हिंसा की वजह से हुईं मौत के बाद सोशल मीडिया पर एंजेल को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन शुरू हो गया है. सोशल मीडिया पर शुरू हुए कैंपेन पर पुलिस और खुफिया विभाग की भी नजर है. इतना ही नहीं, इस घटना को लेकर जनजाति आयोग ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किये हैं.

ये घटना बीती 9 दिसंबर की बताई जा रही है. इस दिन देहरादून के एक कॉलेज में MBA की पढ़ाई करने वाले 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा पर कुछ लड़को ने नस्लीय टिप्पणी की, जिसका विरोध खुद एंजेल और उसके भाई ने किया. जिसके बाद 5 से 6 लड़कों ने एंजेल चकमा पर हमला बोल दिया. इस हमले में एंजेल चकमा पर रॉड और धारधार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह लहूलुहान हो गया. गंभीर हालत में घायल छात्र को ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां 26 दिसंबर को एंजेल चकमा की मौत हो गई.

Tripura student Angel Chakma Death
सोशल मीडिया पर जस्टिस कैंपेन शुरू (फोटो सोर्स: Social media)

शिकायत में क्या कहा गया: इस पूरे मामले में एंजेल चकमा के छोटे भाई माइकल चकमा ने पुलिस को तहरीर दी है. माइकल घटना के वक्त एंजेल के साथ था. पुलिस को दी गई शिकायत में माइकल ने बताया 9 दिसंबर की शाम को वह अपने भाई के साथ सेलाकुई में शॉपिंग कर रहे थे. तभी नशे में धुत कुछ लड़के आये. वो छात्र भी हो सकते हैं.

TRIPURA STUDENT ANGEL CHAKMA DEATH
सोशल मीडिया पर कैंपेन (फोटो सोर्स: Social media)

जातिसूचक शब्दों के साथ नस्लीय टिप्पणी: माइकल चकमा ने बताया लड़कों ने उनके साथ जाति सूचक शब्दों सहित नस्लीय टिप्पणी करने लगे. जिसके बाद उन्होंने इसका विरोध किया. विरोध करने पर लड़कों ने माइकल चकमा पर हमला किया. जिसके बाद एंजेल चकमा ने अपने भाई का बचाव किया. इस दौरान नशे में धुत लड़कों ने एंजेल चकमा पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ हमले किये. जिसमें एंजेल गंभीर रूप से घायल गो गया. आनन फानन में उसे धूलकोट में मौजूद ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस गंभीर मामले में पुलिस ने घायल छात्र के भाई माइकल चकमा की तहरीर पर 12 दिसंबर को मुकदमा दर्ज किया. 14 दिसंबर को 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा. इस मामले में अभी एक आरोपी फरार है.

सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा कैंपेन: एंजेल चकमा की मौत के बाद सोशल मीडिया पर न्याय दिलाने के लिए कैंपेन चलाया जा रहा है. त्रिपुरा से लेकर दिल्ली और देहरादून में कई छात्र संगठन सोशल मीडिया पर इस हत्याकांड के विरोध में काफी कुछ लिख रहे हैं. छात्रों से जुड़े कई संगठन भी इसमें शामिल हुए हैं. लगातार सोशल मीडिया पर उपज रहे इस कैंपेन पर उत्तराखंड की पुलिस भी नजर बनाए हुए है.

राजधानी देहरादून के उन इलाकों में भी पुलिस की खुफिया एजेंसी नजर रख रही है जहां पर अन्य राज्यों के छात्र पढ़ाई करते हैं. देहरादून में यह ऐसा पहला मामला है जहां सेवन सिस्टर राज्य के किसी छात्र पर इस तरह का हमला हुआ हो.

सख्त हुआ अनुसूचित जनजाति आयोग: इस घटना के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है. उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर और शर्मनाक बताया है. अनुसूचित जनजाति आयोग ने उत्तराखंड के डीजीपी और देहरादून डीएम और एसएसपी को पत्र लिखा है. जिसमें लिखा है कि उत्तराखंड के देहरादून जिले के सेलाकुई थाना क्षेत्र में 9 दिसंबर 2025 को अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्र पर गैर-जनजातीय व्यक्तियों द्वारा किए गए जानलेवा हमले, पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने में लापरवाही एवं हत्या के प्रयास की धाराएं न जोड़े जाने के संबंध में आपत्ति जताई गई है. पत्र नीचे संलग्न है.

Tripura student Angel Chakma Death
अनुसूचित जनजाति आयोग का पत्र (ETV Bharat)

क्या कहती है देहरादून पुलिस: उधर इस मामले में एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने केहा आरोपियों को पहले ही पकड़ लिया गया था. हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. एक आरोपी फरार है. जिसकी तलाश की जा रही है. उन्होंने कहा हम ये सुनिचित करते हैं कि यहां पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा ये हमला सम्भवत नशे को लेकर हुआ है. बाकी अभी मामले की जांच जारी है.

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