बिहार में व्हाट्सएप पर 'तीन तलाक' देकर पति ने तोड़ा रिश्ता, महिला आयोग ने लिया संज्ञान
बिहार में महिला को व्हाट्सएप पर 'तीन तलाक' देकर पति ने पहले रिश्ता तोड़ दिया, फिर 'हलाला' के लिए बेहद घिनौना शर्त भी रखा. पढ़ें..

Published : February 27, 2026 at 7:34 PM IST
बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय में तीन तलाक का मामला सामने आया है. पीड़ित महिला को उसके पति ने मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज भेजकर तलाक दिया है. उसने दूसरी शादी भी कर ली है. पीड़िता ने महिला आयोग से इंसाफ की गुहार लगाई है. आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए स्थानीय पुलिस पदाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है.
व्हाट्सएप पर 'तीन तलाक': मामला करीब 2 साल पुराना है. जहां फुलवरिया थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में महिला को उसके पति ने व्हाट्सएप पर 'तीन तलाक' लिखकर उसे तलाक दे दिया. पीड़िता का कहना है कि 11 मार्च 2022 को उसकी शादी हुई थी. निकाह के समय 51 हजार रुपये मेहर और दो भर सोना दिया गया था लेकिन तीन महीने बाद ही ससुराल पक्ष ने 5 लाख रुपये दहेज की मांग शुरू कर दी. मांग पूरी नहीं करने पर उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना की गई. बाद में उसे घर से निकाल दिया गया.
'मेरे घरवालों से पैसे लेते रहे पति': पीड़िता मे बताया कि समाज के हस्तक्षेप के बाद पति उसे वापस ले गया और दिल्ली लेकर चला गया. दिल्ली में कारोबार के नाम पर पति ने उसकी मां से 5 लाख रुपये लिए, जिसके लिए मां ने गहने गिरवी रखे और कर्ज लिया. इतना ही नहीं बेटी के नाम पर बैंक में जमा एक लाख 40 हजार रुपये की एफडी भी तुड़वाकर ले ली गई. पीड़िता का दावा है कि अब तक उससे और उसके परिवार से 16 से 17 लाख रुपये लिए जा चुके हैं.
मारपीट भी कई हमारे साथ: महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे वापस मांगने पर उसके मायके पर हमला कराया गया, जिसमें वह और उसके भाई घायल हो गए. अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना देने की सलाह दी लेकिन पति ने माफी मांगकर मामला शांत कराया. जून 2023 में बेटे के जन्म के बाद प्रताड़ना और बढ़ गई.
हलाला का दिया था प्रस्ताव: पीड़िता का आरोप है कि पति ने फोन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और देह व्यापार में धकेलने तक की धमकी दी. जब उसने साथ रहने की इच्छा जताई तो ससुर या जेठ के साथ हलाला करने की शर्त रखी गई. वहीं, 17 मार्च 2024 को पति ने मैसेज कर दूसरी शादी करने की जानकारी भी दी. देवर ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी.
इंसाफ के बजाय मुझ पर ही केस: महिला का कहना है कि वह पिछले दो वर्षों से थाने के चक्कर लगा रही है लेकिन उसे न्याय नहीं मिला. कभी फुलवरिया थाना तो कभी महिला थाना भेजा जाता है. वहीं, केस दर्ज होने के बाद पति के दबाव में उस पर ही चोरी का मामला दर्ज कर दिया गया.
'मामले में गंभीर धाराएं नहीं लगाई गई': पीड़िता के वकील अभिषेक कुमार जायसवाल ने आरोप लगाया कि, मामले में गंभीर धाराएं नहीं लगाई गई. साथ ही जांच में लापरवाही बरती गई है. यह गंभीर आपराधिक मामला है, लेकिन उचित धाराएं नहीं जोड़ी गई. हम उच्च स्तर पर न्याय की मांग करेंगे.
''महिला आयोग में किसी ने नहीं सुनी. वहां पर भी कह दिया गया था कि चुनाव का वक्त है, अभी नहीं देखेंगे. डीएम के यहां भी गुहार लगाई, रजिस्टर डाक से भी चिट्ठी भेजी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुआ. पति ने तीन तलाक देकर छोड़ दिया. मारपीट भी किया गया. ऐसे में कैसे पीड़ित को न्याय मिलेगा?.''- अभिषेक जायसवाल, पीड़िता के वकील
राष्ट्रीय महिला आयोग ने दिलाया भरोसा: हालांकि अभी हाल में बेगूसराय के करगिल विजय सभा भवन में महिला आयोग की सुनवाई में पीड़िता ने फिर से मदद की गुहार लगाई. महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी ने बताया कि व्हाट्सएप पर 'तीन तलाक' देने का मामला संज्ञान में आया है. इसमें संबंधित पुलिस पदाधिकारी से दो दिन में रिपोर्ट तलब की गई है.
''सिर्फ कानून से नहीं होगा. इसलिए समाज को भी एकजुट होना होगा. समाज की जागरूकता जरूरी है. तीन तलाक बंद हो, दहेज प्रथा बंद हो, इसमें समाज की भूमिका अहम हो जाती है. शिकायत मिली है, जांच करेंगे. महिला को इंसाफ मिलेगा.'' - ममता कुमारी, सदस्य, राष्ट्रीय महिला आयोग
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