ऑस्ट्रेलियाई पर्यटकों ने उत्तराखंड में खेली होली, नैना देवी मंदिर में होली महोत्सव में झूमीं
ऑस्ट्रेलिया से आई पर्यटकों के लिए नैनीताल में होली खेलना नया अनुभव रहा, उन्होंने बताया कि रंगों के त्यौहार का उन्होंने भरपूर आनंद लिया

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 28, 2026 at 1:45 PM IST
नैनीताल: रंगों की होली हालांकि 4 मार्च को है, लेकिन उत्तराखंड में अभी से होली की धूम मची है. जगह-जगह होली गीत गूंज रहे हैं. कहीं बैठकी होली चल रही है, तो कहीं खड़ी होली रंग जमा रही है. नैनीताल के मां नैना देवी मंदिर में चल रहे होली महोत्सव में ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक भी झूमते दिखे. उन्होंने होली को यादगार अनुभव बताया.
ऑस्ट्रेलिया से आए पर्यटकों ने मनाई होली: उत्तराखंड के साथ ही नैनीताल की फिजाओं में इन दिनों होली के रंग सिर्फ स्थानीय लोगों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि विदेशों से आए पर्यटक भी कुमाऊं की पारंपरिक होली के दीवाने हो रहे हैं. मां नैना देवी मंदिर में चल रहे होली महोत्सव के दौरान ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जब ऑस्ट्रेलिया से पहुंचे पर्यटक उत्तराखंडी संस्कृति के रंग में पूरी तरह रंगे नजर आए.
उत्तराखंड की होली के दीवाने हुए ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक: दरअसल, ऑस्ट्रेलिया से नैनीताल घूमने आए इन पर्यटकों को पहले होली के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. नैनीताल में सैर सपाटा करते हुए जैसे ही वे नैना देवी मंदिर पहुंचे और यहां पारंपरिक कुमाऊंनी होली का आयोजन देखा, वे इस सांस्कृतिक उत्सव से बेहद प्रभावित हो गए. मंदिर परिसर में गूंजते पारंपरिक होली गीत, ढोलक की थाप और श्रद्धा से भरा वातावरण उनके लिए बिल्कुल नया और यादगार अनुभव बन गया.

ऑस्ट्रेलियाई पर्यटकों ने बताया अनोखा अनुभव: ऑस्ट्रेलिया से आई पर्यटक डोरीन कुमर ने बताया कि यह उनके जीवन की पहली होली है. उन्होंने कहा कि कुमाऊंनी होली का आनंद उन्होंने अपने परिवार के साथ भरपूर लिया और यहां की संस्कृति ने उन्हें बेहद आकर्षित किया. वहीं मारियन चैन ने इसे अपने जीवन का अनोखा अनुभव बताते हुए कहा कि होली के दौरान लोगों का अपनापन और सांस्कृतिक आत्मीयता उन्हें खास लगी.

विदेशी पर्यटकों ने पहली बार देखे होली के रंग: पहली बार भारत आईं पर्यटक शेरी ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नैनीताल में उन्होंने प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखा. उनके अनुसार, यहां की होली केवल रंगों का त्यौहार नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने वाला उत्सव है, जिसका आनंद उन्होंने दिल से लिया.

शेरी ने बताया कि उन्होंने होली का ऐसा अनूठा रूप पहली बार देखा है. नैनीताल की पारंपरिक होली आध्यात्म और लोक संस्कृति का सुंदर संगम है, जो विदेशी मेहमानों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है.


