नकली सॉफ्टवेयर और फर्जी रसीद से टोल प्लाजा पर घपला, राजस्थान सहित 7 राज्यों में ईडी की छापेमारी
पुलिस में दर्ज एफआईआर और केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट के आधार पर ईडी ने यह कार्रवाई की है.

Published : September 2, 2026 at 2:18 PM IST
जयपुर: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के टोल बूथों पर अनाधिकृत सॉफ्टवेयर और फर्जी रसीदों के जरिए सामानांतर वसूली और सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपए की चपत लगाने से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को राजस्थान सहित 7 राज्यों में 14 ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की है. इस मामले में सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का चूना लगाए जाने की संभावना है.
ईडी की लखनऊ यूनिट ने बुधवार को राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल में 14 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की और तलाशी अभियान चलाया. पुलिस में 22 जनवरी, 2025 को दर्ज एक प्राथमिकी और इंफोर्स्मेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. हालांकि, ईडी की ओर से इस छापेमारी को लेकर आधिकारिक बयान नहीं आया है. विभिन्न न्यूज एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ईडी ने 7 राज्यों में 14 ठिकानों पर छापेमारी की है.
ED raids 14 places in case of fraudulent toll collection at various NHAI toll plazas
— ANI Digital (@ani_digital) September 2, 2026
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टोल ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ छेड़छाड़: दावा किया जा रहा है कि संदिग्ध ठेकेदारों और ऑपरेटरों ने एनएचएआई के आधिकारिक टोल ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ छेड़छाड़ कर इस हाईटेक घोटाले को अंजाम दिया. इसके तहत टोल बूथों पर एक रॉग (rogue) सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया गया. जब कोई वाहन टोल प्लाजा से गुजरता, तो यह अनाधिकृत सॉफ्टवेयर कंप्यूटर से फर्जी रसीद जारी कर देता. इसके बदले वाहन चालकों से नकद या ऑनलाइन रकम ली जाती. दावा किया जा रहा है कि यह रकम एनएचएआई के आधिकारिक बैंक अकाउंट और अकाउंटिंग सिस्टम के बदले निजी खातों में डायवर्ट की जाती.
ED Lucknow has launched searches at 14 premises across multiple states over alleged fraudulent toll collection and diversion of NHAI toll funds using unauthorized software. Further investigation is underway: ED Sources pic.twitter.com/umbR06RT5z
— IANS (@ians_india) September 2, 2026
हार्ड ड्राइव और सर्वर डेटा की छानबीन: राजस्थान में व्यस्ततम नेशनल हाइवे के टोल प्लाजा और उन्हें ऑपरेट करने वाली एजेंसियां और निजी ठेकेदारों को ईडी ने जांच के राडार पर रखा है. अब ईडी की टीम टोल बूथ पर लगे कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव, हिडन डिजिटल और सर्वर डेटा की छानबीन कर रही है. इससे पता लगाया जा रहा है कि प्रदेश के हाइवे पर कितनी रकम की धांधली की गई है. प्रारंभिक जांच में राजस्थान के टोल ऑपरेटर्स का लखनऊ में सामने आए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे थे. अंदेशा है कि एक संगठित तकनीकी सिंडिकेट अलग-अलग राज्यों के टोल बूथों पर इस तरह का अनधिकृत सॉफ्टवेयर मुहैया करवा रहा था.
प्रारंभिक जांच में मिले बड़े सबूत: इन रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि ईडी ने पुख्ता फॉरेंसिक जांच और एनएचएआई से मिले डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के आधार पर छापेमारी की कार्रवाई की है. प्रारंभिक जांच में टोल बूथों पर सामानांतर सॉफ्टवेयर के जरिए सरकारी खजाने को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाए जाने के सबूत मिले हैं. अब ईडी की टीमें जांच में जुटी हैं कि इस पूरे मामले में असली फायदा किसे हुआ है. फर्जी रसीदों से इकठ्ठा की गई रकम को कहां निवेश किया गया है. दावा किया जा रहा है कि इस कार्रवाई से एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी के नेटवर्क का खुलासा होगा.
सिरोही में भी ED की कार्रवाई: सिरोही शहर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने एक व्यवसायी के घर पर बुधवार अलसुबह सर्वे की कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए CRPF के जवान भी मौके पर मौजूद रहे. बताया जा रहा है कि पूरे परिसर में दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. खास बात यह है कि कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस को सर्वे से दूर रखा गया है. ED की टीम घर के अंदर दस्तावेजों और संभावित वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच किए जाने की जानकारी सामने आ रही है.

