भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता : पीएम मोदी
वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है.

Published : January 11, 2026 at 6:50 PM IST
राजकोट (गुजरात) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी गुजरात के दौरे पर हैं. सोमनाथ में स्वाभिमान पर्व में शामिल होने के बाद वे राजकोट पहुंचे. जहां उन्होंने दो दिन के वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) का उद्घाटन किया. यह कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) का दूसरा एडिशन है.
यह इवेंट पूरे इलाके की इंडस्ट्रीज़, एमएसएमईएस, सरकारी संस्थाओं और एंटरप्रेन्योर्स के लिए एक मज़बूत प्लेटफ़ॉर्म देगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा 7 जिलों (अमरेली, भावनगर, जामनगर, कच्छ, मोरबी, राजकोट और सुरेंद्रनगर) में 3540 एकड़ से ज़्यादा एरिया में फैले 13 नए स्मार्ट इंडस्ट्रियल एस्टेट का उद्घाटन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "2026 की शुरुआत के बाद यह मेरा पहला गुजरात दौरा है. यह और भी सुखद है क्योंकि मेरी 2026 की यात्रा सोमनाथ दादा के चरणों में पूजा अर्चना के साथ शुरू हुई. मैं गुजरात के दिल राजकोट में इस शानदार इवेंट में हिस्सा ले रहा हूं. इसका मतलब डेवलपमेंट और हेरिटेज दोनों है. यह मंत्र हर जगह गूंज रहा है. जब भी वाइब्रेंट गुजरात समिट का प्लेटफॉर्म बनता है, मुझे सिर्फ़ एक समिट नहीं दिखता, मुझे 21वीं सदी में मॉडर्न इंडिया का सफ़र दिखता है, एक ऐसा सफ़र जो एक सपने से शुरू हुआ था और अब पक्के भरोसे के मुकाम पर पहुंच गया है.
Speaking at the Vibrant Gujarat Regional Conference for Kutch and Saurashtra Region.
— Narendra Modi (@narendramodi) January 11, 2026
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दो दशकों में, वाइब्रेंट गुजरात का सफर एक ग्लोबल बेंचमार्क बन गया है. अब तक इसके दस एडिशन हो चुके हैं, और हर एडिशन के साथ, इस समिट की पहचान और भूमिका और मज़बूत हुई है..."
मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं पहले दिन से ही वाइब्रेंट गुजरात समिट के विज़न से जुड़ा हुआ हूं. शुरुआती दौर में हमारा मकसद दुनिया को गुजरात की क्षमता से परिचित कराना था. हम चाहते थे कि लोग यहां आएं, यहां इन्वेस्ट करें और भारत को इसका फायदा मिले. हम यह भी चाहते थे कि दुनिया भर के इन्वेस्टर्स को फ़ायदा हो. लेकिन आज, यह समिट सिर्फ़ इन्वेस्टमेंट से आगे बढ़कर ग्लोबल ग्रोथ, इंटरनेशनल कोऑपरेशन और पार्टनरशिप के लिए एक मज़बूत प्लेटफ़ॉर्म बन गया है.
पिछले कुछ सालों में, ग्लोबल पार्टनर्स की संख्या लगातार बढ़ी है, और समय के साथ, यह समिट भी समावेश का एक बड़ा उदाहरण बन गया है. यहां, कॉर्पोरेट ग्रुप्स, कोऑपरेटिव्स, एमएसएमईएस, स्टार्टअप्स, बहुपक्षीय और द्विपक्षीय संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थान, सभी एक साथ बातचीत और चर्चा में शामिल होते हैं. वे गुजरात के विकास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं. पिछले दो दशकों में, वाइब्रेंट गुजरात समिट ने लगातार कुछ नया, कुछ खास किया है..."
नरेंद्र मोदी ने कहा, "...भारत तेज़ी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनामी बनने की ओर बढ़ रहा है, और जो डेटा आ रहा है, उससे यह साफ़ है कि भारत से दुनिया की उम्मीदें बढ़ रही हैं.
भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी इकॉनमी है. महंगाई कंट्रोल में है. खेती का प्रोडक्शन नए रिकॉर्ड बना रहा है. यह दूध प्रोडक्शन में नंबर वन है. यह जेनेरिक दवा प्रोडक्शन में नंबर वन है. दुनिया में सबसे ज़्यादा वैक्सीन बनाने वाला देश भारत है... भारत की ग्रोथ पर फैक्ट शीट... पिछले 11 सालों में, भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा कंज्यूमर बन गया है.
हमारा यूपीआई दुनिया का नंबर वन रियल-टाइम डिजिटल ट्रांज़ैक्शन प्लेटफ़ॉर्म बन गया है. आज, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है.
#WATCH | Rajkot, Gujarat: Prime Minister Narendra Modi inaugurates 13 New Smart Industrial Estates in 7 Districts (Amreli, Bhavnagar, Jamnagar, Kutch, Morbi, Rajkot and Surendranagar) spanning an area of over 3540 Acres by Gujarat Industrial Development Corporation.
— ANI (@ANI) January 11, 2026
(Source: DD… pic.twitter.com/lwzKctGbq9
आज, भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है. हम तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट हैं. मेट्रो नेटवर्क के मामले में, हम दुनिया के टॉप 3 में शामिल हो गए हैं..." प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, "... सौराष्ट्र और कच्छ गुजरात के ऐसे इलाके हैं जो हमें सिखाते हैं कि चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अगर हम ईमानदारी और कड़ी मेहनत से डटे रहें, तो सफलता ज़रूर मिलेगी.
यह वही कच्छ है जिसने इस सदी की शुरुआत में भयानक भूकंप का सामना किया था. यह वही सौराष्ट्र है जहां सालों तक सूखा आम बात थी. महिलाओं और लड़कियों को पीने का पानी लाने के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता था. बिजली भी पक्की नहीं थी... समय बदलता है, और यह ज़रूर बदलता है. सौराष्ट्र और कच्छ के लोगों ने अपनी मेहनत से अपनी किस्मत बदल दी है.
आज, सौराष्ट्र और कच्छ सिर्फ़ मौकों के इलाके ही नहीं हैं, बल्कि वे भारत की ग्रोथ के लिए एक अहम इलाका बन गए हैं..." वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "...सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है.
भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में सौराष्ट्र और कच्छ की बहुत अहम भूमिका है, और यह भूमिका बाजार संचालित है, जिससे इन्वेस्टर्स में सबसे ज़्यादा भरोसा बनता है.
राजकोट में 2,50,000 से ज़्यादा एमएसएमईएस हैं. यहां के अलग-अलग औद्योगिक समूहों में पेचकस से लेकर ऑटो पार्ट्स, मशीन टूल्स, लग्ज़री कार लाइनर्स और यहां तक कि हवाई जहाज़, फ़ाइटर प्लेन और रॉकेट के पार्ट्स तक सब कुछ हमारे राजकोट में ही बनता है..."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "सौराष्ट्र और कच्छ भी भारत के ग्रीन डेवलपमेंट, ग्रीन मोबिलिटी और एनर्जी सिक्योरिटी के लिए एक बड़ा हब बन रहे हैं. कच्छ में 30 गीगावाट क्षमता वाला नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बनाया जा रहा है. यह दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क होगा.
आप सोच सकते हैं कि यह पार्क पेरिस शहर से पांच गुना बड़ा है. यानी इस इलाके में क्लीन एनर्जी के प्रतिबद्धताके साथ-साथ बिजनेस-स्केल इम्प्लीमेंटेशन की सच्चाई भी है. आप सभी ग्रीन हाइड्रोजन की क्षमता से परिचित हैं. भारत में इस दिशा में बहुत तेज़ी और बड़े पैमाने पर काम हो रहा है. यहां, कच्छ और जामनगर ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन के बड़े सेंटर बन रहे हैं। कच्छ में एक बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम बनाया जा रहा है..."
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "... आज का भारत विकसित बनने के लक्ष्य की ओर तेज़ी से काम कर रहा है, और हमारे इस लक्ष्य को पाने में 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' का बहुत बड़ा रोल है. रिफॉर्म एक्सप्रेस का मतलब है हर सेक्टर में नेक्स्ट-जेनरेशन रिफॉर्म.
कुछ समय पहले ही देश ने नेक्स्ट-जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स लागू किए हैं. इसका हर सेक्टर पर अच्छा असर दिखा है... रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार भारत ने इंश्योरेंस सेक्टर में बड़ा रिफॉर्म किया है... इसी तरह, करीब छह दशक बाद इनकम टैक्स कानून को मॉडर्न बनाया गया है.
इससे करोड़ों टैक्सपेयर्स को फ़ायदा हुआ है. भारत ने ऐतिहासिक लेबर रिफ़ॉर्म भी लागू किए हैं... मतलब, चाहे मज़दूर हों या इंडस्ट्री, सभी को इससे फ़ायदा होता है..."
पीएम मोदी के विजन ने अगले 50 साल के लिए देश की राह बदल दी : मुकेश अंबानी
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, "जय सोमनाथ! सोमनाथ में हमारे प्रधानमंत्री की प्रार्थना से निकली पॉजिटिव वाइब्रेशन पूरे गुजरात और भारत में गूंज रही है... प्रधानमंत्री जी, आपने भारत को एक सभ्यता के तौर पर उसका आत्मविश्वास वापस दिलाया है.
आज़ाद भारत के इतिहास में हमने भारत में इतनी उम्मीद, इतना आत्मविश्वास और इतनी ज़िंदादिली कभी नहीं देखी, जितनी अब देख रहे हैं.
आपके विज़न ने अगले 50 साल और उससे भी ज़्यादा समय के लिए भारत की राह को बदल दिया है. इतिहास में दर्ज होगा कि मोदी युग वह है जब भारत पोटेंशियल से परफॉर्मेंस की ओर, एस्पिरेशन से एक्शन की ओर, फॉलोअर से ग्लोबल ताकत बनने की ओर बढ़ा... पिछले पांच सालों में, हमने 3.5 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा निवेश किए हैं.
#WATCH | Rajkot, Gujarat | At the Vibrant Gujarat Regional Conference, Chairman & Managing Director of Reliance Industries Limited, Mukesh Ambani says, " jai somnath! the positive vibrations from our prime minister's prayers at somnath are resonating across gujarat and india...… pic.twitter.com/1RFapgzlay
— ANI (@ANI) January 11, 2026
आज, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हम अगले पांच सालों में इसे दोगुना करके 7 लाख करोड़ रुपये कर देंगे... जामनगर में, हम भारत का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रेडी डेटा सेंटर बना रहे हैं, जिसका एक ही लक्ष्य है, हर भारतीय के लिए किफायती एआई.
जियो भारत और दुनिया के लिए भारत में बना एक पीपल-फर्स्ट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा, जिससे गुजरात से शुरू होकर हर नागरिक हर दिन अपने डिवाइस पर अपनी भाषा में एआई सर्विसेज़ एक्सेस कर सकेगा, जिससे वे ज़्यादा एफिशिएंट और प्रोडक्टिव बनेंगे.
मुकेश अंबानी ने कहा, "रिलायंस फाउंडेशन 2036 ओलंपिक्स को अहमदाबाद लाने के प्रधानमंत्री के विजन को पूरा करने के लिए एक ठोस कदम के तौर पर तैयार है. रिलायंस, गुजरात सरकार के साथ पार्टनरशिप करके नारनपुरा में वीर सावरकर मल्टीस्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को मैनेज करेगी. यह नेशनल और इंटरनेशनल इवेंट्स आयोजित करने और भारत के भविष्य के चैंपियन को ट्रेनिंग देने का हब है. हम सौराष्ट्र के जामनगर में एक वर्ल्ड-क्लास हॉस्पिटल भी बना रहे हैं और अपनी एजुकेशन सुविधाओं को कई गुना बढ़ा रहे हैं... हम सब जानते हैं कि दुनिया बहुत तेज़ी से बदल रही है.
भू-राजनैतिक हालात नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं, जिसमें कुछ अचानक होने वाली उथल-पुथल भी शामिल है. भारत के लिए राहत की बात यह है कि ये चुनौतियां हमारे लोगों को छू या परेशान नहीं कर सकतीं.
ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत के पास नरेंद्र मोदी नाम की एक ऐसी सुरक्षा दीवार है जिसे कोई हरा नहीं सकता. दुनिया को बताएं कि यह भारत का सबसे अहम दशक है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, भारत न सिर्फ़ भविष्य की तैयारी कर रहा है, बल्कि उसे आकार भी दे रहा है..."
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड के एमडी, करण अडाणी ने कहा, "प्रधानमंत्री जी, आपके नेतृत्व में, भारत में सिर्फ़ पैमाने में ही नहीं, बल्कि हमारी सोच में भी बड़ा बदलाव आया है.
आपने देश को लंबे समय के लिए सोचना, घोषणाओं के बजाय संस्थाएं बनाना, और विकास को प्रोजेक्ट्स की एक सीरीज़ के तौर पर नहीं, बल्कि एक सभ्यता के मिशन के तौर पर देखना सिखाया है.
गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से लेकर भारत का ग्लोबल कॉन्फिडेंस वापस लाने तक, आपने डेमोक्रेसी में डिसाइसिव लीडरशिप कैसी होती है, इसे फिर से डिफाइन किया है. आज, भारत सिर्फ़ आगे बढ़ने की नहीं, बल्कि दुनिया को लीड करने, स्टैंडर्ड तय करने और दुनिया का भविष्य बनाने की चाहत रखता है. और गुजरात इस सोच का जीता-जागता सबूत है, जहां विजन के साथ काम होता है और महत्वाकांक्षा के साथ डिलीवरी होती है.
आज, गुजरात भारत के सबसे इंडस्ट्रियली एडवांस्ड और ग्लोबली कनेक्टेड राज्यों में से एक है, जो भारत की जीडीपी में 8% से ज़्यादा का योगदान देता है, इंडस्ट्रियल आउटपुट का 17% हिस्सा है, अपने पोर्ट्स के ज़रिए देश का 40% कार्गो हैंडल करता है, और रिन्यूएबल एनर्जी में सबसे आगे है.
गुजरात इस बात का उदाहरण है कि इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट का असली मतलब क्या है. यह रातों-रात नहीं हुआ. यह तब शुरू हुआ जब आपने, सर, मुख्यमंत्री के तौर पर, कुछ साबित किया कि अच्छे शासन और काम करने की स्पीड से, राज्यों को सच में बदला जा सकता है. व्यापार करना आसान हो गया. देश की भाषा का हिस्सा बनने से बहुत पहले, गुजरात ने दिखा दिया था कि असल में इसका क्या मतलब है. कम रुकावट, तेज़ फ़ैसले, मज़बूत संस्थाएं, और एंटरप्राइज़ के लिए गहरा सम्मान..."
करण अडाणी ने कहा, "... प्रधानमंत्री के तौर पर, आपने इस सोच को पूरे भारत में पहुंचाया है"
सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद के ज़रिए, राज्य ग्रोथ के इंजन बन गए हैं. बड़े पैमाने पर आधारभूत संरचना बनाया जा रहा है. योजना में स्थिरता लौट आई है. और आज भारत निवेश और निर्माता के लिए दुनिया की सबसे आकर्षक जगहों में से एक है.
ऐसे समय में जब ग्लोबल इकॉनमी में अनिश्चितता और बिखराव है, भारत एक अच्छी जगह के तौर पर उभर रहा है, जो करीब 8% की ग्रोथ कर रहा है, अपना मैन्युफैक्चरिंग बेस बढ़ा रहा है और पूरे भरोसे के साथ 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की ओर बढ़ रहा है.
इस राष्ट्रीय सफ़र में, कच्छ बदलाव का एक मज़बूत निशान है. कभी दूर और मुश्किल माना जाने वाला कच्छ आज भारत के सबसे रणनीतिक औद्योगिक रसदऔर एनर्जी हब में से एक बन गया है.
#WATCH | Rajkot, Gujarat | At the Vibrant Gujarat Regional Conference, Karan Adani, MD of Adani Ports & Special Economic Zone Ltd, says, " prime minister, under your leadership, india has undergone a fundamental transformation, not just in scale, but in our mindset. you have… pic.twitter.com/b2Qdht2HkX
— ANI (@ANI) January 11, 2026
अडानी ग्रुप के लिए, मुंद्रा हमारी कर्मभूमि है. यह न सिर्फ़ भारत का सबसे बड़ा कमर्शियल पोर्ट और पूरी तरह से इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स गेटवे है, बल्कि भारत के सबसे बड़े कॉपर स्मेल्टर प्लांट, एक कोल-टू-पीवीसी कॉम्प्लेक्स और एक सोलर मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स का भी घर है.
मुंद्रा दिखाते हैं कि कैसे लंबे समय का विजन न सिर्फ़ एक इलाके को बदल सकता है, बल्कि इंडस्ट्रीज़ को भी बदल सकता है.
खबड़ा में हम 37 गीगावाट कैपेसिटी वाला दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बना रहे हैं. यह सिर्फ़ एक एनर्जी प्रोजेक्ट नहीं है. यह दुनिया के लिए भारत का बयान है कि इकोनॉमिक ग्रोथ, क्लाइमेट रिस्पॉन्सिबिलिटी और एनर्जी सिक्योरिटी एक साथ आगे बढ़ सकते हैं.
अडानी ग्रुप के लिए गुजरात सिर्फ़ इन्वेस्टमेंट का राज्य नहीं है. यह हमारी नींव है. हमारे चेयरमैन, गौतम अडाणी, का हमेशा से मानना रहा है कि हमारे ग्रुप की ग्रोथ देश की ग्रोथ से जुड़ी होनी चाहिए.
गुजरात ही वह जगह है जहां से हमारी यात्रा शुरू हुई और गुजरात ही वह जगह है जहां हमारा लंबे समय का कमिटमेंट टिका हुआ है. इसी बुनियाद पर, अडानी ग्रुप अगले पाँच सालों में कच्छ इलाके में 1.5 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की प्रतिबद्धता करता है.
हम अपना कावड़ा प्रोजेक्ट पूरा कर लेंगे और 2030 तक पूरी 37 गीगावाट कैपेसिटी चालू कर देंगे. और हम अगले 10 सालों में मुंद्रा में अपनी पोर्ट कैपेसिटी को भी दोगुना कर देंगे. इनमें से हर इन्वेस्टमेंट भारत की नेशनल प्रायोरिटी, रोज़गार पैदा करने, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता, सस्टेनेबिलिटी और दीर्घकालिक लचीलापन के साथ अलाइन है.जैसे-जैसे भारत विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है, गुजरात इस राष्ट्रीय बदलाव का आधार बना रहेगा. अडानी ग्रुप एक मज़बूत, आत्मनिर्भर और दुनिया भर में सम्मानित भारत बनाने में एक भरोसेमंद पार्टनर बनने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
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