अभिषेक बनर्जी का दावा, अमर्त्य सेन को SIR के लिए चुनाव आयोग का मिला नोटिस
अभी यह साफ नहीं है कि उन्हें नोटिस मिला है या नहीं. इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई बयान नहीं आया है.

Published : January 7, 2026 at 8:33 AM IST
रामपुरहाट: तृणमूल कांग्रेस के ऑल-इंडिया जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन अब स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) विवाद में शामिल हो गए हैं. खबर है कि उन्हें भी चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर सुनवाई में पेश होने के लिए नोटिस भेजा गया है. बनर्जी ने यह दावा मंगलवार को बीरभूम के रामपुरहाट में एक पब्लिक मीटिंग में किया.
तृणमूल के ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी ने कहा, 'बीरभूम आते समय मैंने सुना कि एसआईआर ने नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को सुनवाई के लिए नोटिस भेजा है. जिस आदमी ने देश का नाम रोशन किया है, जिसने नोबेल पुरस्कार जीतकर दुनिया भर में नाम कमाया है, उसे एसआईआर के लिए नोटिस भेजा गया है.'
गौरतलब है कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का न्यूमरेशन फेज पूरा होने के बाद सुनवाई प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इस प्रोसेस के लिए जिन लोगों को बुलाया गया है, उनमें कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हैं. उस लिस्ट में एक खास नाम कवि जॉय गोस्वामी का है. इसके अलावा, ऐसी खबरें हैं कि एक्टर-सांसद देव को भी सुनवाई के लिए बुलाया गया है. अभिषेक बनर्जी के दावे के मुताबिक अमर्त्य सेन का नाम भी उस लिस्ट में जुड़ गया है.
उन्होंने सवाल किया कि भारत रत्न पाने वाले अमर्त्य सेन को सुनवाई के लिए क्यों बुलाया जाएगा? उन्होंने यह भी मांग की कि बीजेपी को इसका जवाब देना चाहिए. दूसरी ओर उन्होंने एसआईआर को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की. अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'मैंने कहा है कि वे चाहे कितना भी एसआईआर करें और कितनी भी साजिशें रचें, पिछली बार के मुकाबले हमारी सीटों की संख्या बढ़ेगी.'
अमर्त्य सेन के अलावा, अभिषेक ने मोहम्मद शमी का नाम भी लिया. ऐसा इसलिए क्योंकि शमी को भी एसआईआर सुनवाई के लिए बुलाया गया है. इस बारे में अभिषेक ने कहा, 'उन्होंने मोहम्मद शमी को एसआईआर सुनवाई के लिए नोटिस भेजा है. जिस आदमी ने दुनिया भर में क्रिकेट में योगदान दिया है, वर्ल्ड कप में खेला है और देश का नाम रोशन किया है. उन्होंने उसे भी एसआईआर के लिए नोटिस भेजा है.
नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री प्रोफेसर अमर्त्य सेन 'भारत रत्न' से सम्मानित हैं. वे अभी विदेश में हैं. उनकी उम्र 92 साल है. चुनाव आयोग ने कहा था कि 80 साल से ज़्यादा उम्र के किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं होगी. इसलिए, अगर उन्हें सुनवाई के लिए समन मिलता भी है, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं होगी. हालांकि, यह अभी भी साफ नहीं है कि उन्हें नोटिस मिला है या नहीं. इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई बयान नहीं आया है. अभिषेक मंगलवार को बीरभूम में जिस प्रोग्राम में शामिल हुए उसका नाम था 'बंगाल फिर जीतेगा'. यह इवेंट रामपुरहाट में नेशनल हाईवे 14 के पास बिनोदपुर मैदान में हुआ.
इससे पहले दिन में डीजीसीए ने बनर्जी के हेलीकॉप्टर को रामपुरहाट में पब्लिक मीटिंग के लिए उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी. इससे उन्हें सीधे केंद्र सरकार को चुनौती देने पर मजबूर होना पड़ा. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के चार्टर्ड हेलीकॉप्टर से रामपुरहाट मीटिंग में पहुंचने के बाद अभिषेक ने कहा, 'मेरा इरादा उनसे दस गुना ज्यादा है.' डीजीसीए से उड़ान की इजाजत न मिलने की वजह से उनका हेलीकॉप्टर बेहाला फ्लाइंग क्लब में काफी देर तक रुका रहा. बाद में उन्होंने झारखंड सरकार से संपर्क किया और हेमंत सोरेन के हेलीकॉप्टर का इंतजाम किया.

