तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को मिला ग्रैमी अवॉर्ड, उस्ताद अमजद अली खान ने किया सम्मानित
उस्ताद अमजद अली खान अपने दो बेटों के साथ मैकलोडगंज पहुंचे. जहां उन्होंने धर्मगुरु दलाई लामा को सम्मानित किया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 3, 2026 at 6:04 PM IST
धर्मशाला: तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को बुधवार को मैकलोडगंज में ग्रैमी अवॉर्ड भेंट किया गया. यह सम्मान प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय संगीतकार और सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान ने अपने परिवार सहित धर्मगुरु से मुलाकात के दौरान प्रदान किया. यह अवॉर्ड उन्हें एल्बम मेडिटेशन: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा के लिए सर्वश्रेष्ठ ऑडियो बुक, नैरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग की श्रेणी में यह पुरस्कार प्राप्त हुआ, जो भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ करुणा, शांति और मानवता की एकता पर परम पावन के विचारों का मिश्रण है.
इस मौके पर उस्ताद अमजद अली खान ने कहा, 'तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड मिलना विश्व स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि है. हमने अपने बेटों, अमान अली बंगश, अयान अली बंगश के साथ 'द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस' दलाई लामा की आवाज के साथ सरोद बजा रहे हैं. इसलिए हम यह अवॉर्ड, ग्रैमी अवॉर्ड, होलीनेस, दलाई लामा को देने के लिए यहां हैं. अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद धर्मगुरु काफी प्रसन्न दिखाई दिए. इस अवसर पर उन्होंने दलाई लामा का आशीर्वाद भी लिया'.
सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान ने कहा कि उनका और तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का संबंध चार दशक पुराना है. उन्होंने बताया कि धर्मगुरु के 80वें जन्मदिवस पर उन्होंने दिल्ली में विशेष प्रस्तुति भी दी थी. उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सहनशीलता और धैर्य जीवन की सबसे बड़ी कुंजी हैं.
इस अवसर पर अमजद अली खान के पुत्र अयान अली बंगश और अमान अली बंगश भी मौजूद रहे. अमजद अली दोनों बेटों ने कहा कि दलाई लामा से मिलना उनके लिए यादगार अनुभव रहा. उन्होंने बताया कि धर्मगुरु का आशीर्वाद प्राप्त कर उन्हें अत्यंत खुशी हुई और अवॉर्ड ग्रहण करते समय दलाई लामा के चेहरे पर विशेष प्रसन्नता देखने को मिली.
गौरतलब है कि उस्ताद अमजद अली खान देश के प्रतिष्ठित शास्त्रीय संगीतकारों में शामिल हैं और उन्हें वर्ष 1991 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है.
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