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ओमान के पास तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत

केंद्रीय जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री ने कहा कि शुरू में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है.

3 Indian sailors killed in US attack on oil tanker
तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत (file photo-AFP)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : June 11, 2026 at 4:39 PM IST

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Updated : June 11, 2026 at 6:01 PM IST

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नई दिल्ली: पलाऊ के झंडे वाले वाणिज्यिक पोत ‘सेटेबेलो’ पर सवार तीन भारतीय नाविक, जो पहले ओमान तट के पास अमेरिकी सेना के हमले के बाद लापता बताए गए थे, अब उनकी मौत की पुष्टि हो गई है. इस बारे में केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि शहीद चालक दल के सदस्यों के शवों को उनके अंतिम संस्कार के लिए वापस लाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. पलाऊ के झंडे वाले वाणिज्यिक पोत सेटेबेलो पर हुई दुखद घटना के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ. सोनोवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "दुख की बात है कि शुरू में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है, उनके शव मिल गए हैं और उनकी पहचान हो गई है."

तेल जहाज पर हमले के बाद शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जहाज से 21 भारतीय नाविकों को बचा लिया गया, जबकि तीन नाविक - डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर परिमाला सुरेश लापता बताए गए थे.

केंद्रीय मंत्री ने पलाऊ के झंडे वाले पोत सेटेबेलो पर हुई दुखद घटना को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में दुखी परिवारों के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इस मुश्किल समय में दुखी लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है और परिजनों की मदद करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा, "मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचाए गए क्रू मेंबर्स के पार्थिव शरीर को उनके अंतिम संस्कार के लिए जल्दी वापस भेजा जाए."

जब ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने इस तेल टैंकर पर हमला किया, तो उसमें कुल 28 क्रू मेंबर थे, जिनमें 24 भारतीय और चार विदेशी नागरिक थे जिसमें दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी शामिल थे. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले को माना और कहा कि जहाज ने ईरान से तेल ले जाने की कोशिश करके ईरानी पोर्ट्स पर अमेरिका की चल रही नाकाबंदी को तोड़ा है.

एक बयान में कहा गया था, "यूएस सेंट्रल कमांड ने पलाऊ के झंडे वाले वाणिज्यिक पोत सेटेबेलो को तब निष्क्रिय कर दिया जब वह ओमान की खाड़ी से गुजर रहा था. एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट ने जहाज के इंजन रूम में सटीक गोला-बारूद दागा, क्योंकि क्रू बार-बार अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन करने में नाकाम रहा."

बुधवार को भारत ने वाणिज्यिक जहाज पर अमेरिकी सेना के द्वारा किए गए हमले का कड़ा विरोध करने के लिए यूएस के राजनयिक को तलब किया. साथ ही बुधवार को अपने बयान में विदेश मंत्रालय (MEA) ने हमले की निंदा की.

इसमें कहा गया था, "हम आज सुबह ओमान के तट पर वाणिज्यिक पोत सेटेबेलो पर हुए हमले की निंदा करते हैं. जहाज पर सवार 24 भारतीय क्रू मेंबर में से अब तक 21 भारतीयों को बचा लिया गया है और तीन भारतीय लापता बताए जा रहे हैं."

यह घटना ईरान और इजराइल के बीच फिर से बढ़ी दुश्मनी के बीच हुई. ईरान के उत्तरी इजराइल पर मिसाइल दागने के बाद इजराइल ने पश्चिमी और मध्य ईरान में हवाई हमले किए.

विदेश मंत्रालय का बातचीत और कूटनीति पर जोर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संघर्ष सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला इस इलाके में चल रहे टकराव का नतीजा है. जायसवाल ने कहा, “जब वाणिज्यिक पोत सेटेबेलो पर हमला हुआ, तो हमने अमेरिकन पक्ष के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया. हमने अमेरिकी राजनयिक को तलब किया और हमलों की घटनाओं पर अपनी गहरी चिंता जताई. हमने उनके सामने भी अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया. हमने इस बात पर ज़ोर दिया कि हमारे समुद्री यात्रा समुदाय की भलाई सबसे ज़्यादा जरूरी है और ये हमले रुकने चाहिए. हमने आगे बताया कि बातचीत और कूटनीतिज्ञ ही इस झगड़े के शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता है, और अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट से बिना किसी रुकावट के आना-जाना होना चाहिए. इसलिए, हमने इन सभी बातों पर अपनी बात बहुत साफ कर दी, साथ ही यह भी दोहराया कि हमारे लोगों की ज़िंदगी, भलाई और सुरक्षा कितनी जरूरी है.”

उन्होंने आगे कहा, “ये हमले इस इलाके में तैनात अमेरिकी नेवी की तरफ से हुए थे, जैसा कि अलग-अलग रिपोर्ट्स में दिखाया गया है और इस मामले में दिए गए बयानों से भी साफ हुआ है. इन घटनाओं में शामिल तीन जहाज़ विदेशी झंडे वाले थे. उनमें से दो पलाऊ के झंडे वाले थे, जबकि तीसरा जहाज, जिस पर हमला हुआ, गिनी के झंडे वाला था. वे भारतीय जहाज नहीं थे; वे सभी विदेशी झंडे वाले जहाज़ थे.”

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Last Updated : June 11, 2026 at 6:01 PM IST