तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर में आएंगे दो नए मेहमान, वंतारा से लाने की तैयारी पूरी
जानवर अदला-बदली समझौते के तहत, तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर दो ज़ेबरा के बदले एक मकाक और एक किंग कोबरा को वंतारा में ट्रांसफर करेगा.

Published : August 15, 2026 at 8:39 PM IST
तिरुवनंतपुरम (केरल): तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटक इस ओणम सीजन में नए आकर्षण का मजा ले सकेंगे, क्योंकि चिड़ियाघर में ज़ेबरा का एक जोड़ा लाने की तैयारी पूरी हो गई है.
चिड़ियाघर के अधिकारियों के मुताबिक, ज़ेबरा को ग्रीन्स जूलॉजिकल, रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर (GZRRC) से लाया जा रहा है, जिसे वंतारा के नाम से जाना जाता है. यह गुजरात के जामनगर में है और इसे उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी ने बनवाया है.
इस घटनाक्रम पर खुशी जाहिर करते हुए, तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर की डायरेक्टर मंजुला देवी ने कहा कि कई वर्षों के बाद चिड़ियाघर में ज़ेबरा को वापस लाना एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि उनकी मौजूदगी छुट्टियों में आने वाले पर्यटकों के लिए एक खास आकर्षण का काम करेगी.
तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर में 2017 से ज़ेबरा नहीं हैं, जब सीता नाम का एक ज़ेबरा, जिसे अप्रैल 2002 में चेन्नई के वंडालूर में अरिग्नार अन्ना जूलॉजिकल पार्क से लाया गया था, उम्र से जुड़ी दिक्कतों की वजह से मर गया था. लगभग नौ साल बाद ज़ेबरा की वापसी से चिड़ियाघर की जैव विविधता बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही लोगों की दिलचस्पी फिर से बढ़ेगी और पर्यटकों की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है.
आने वाले जोड़े में तीन और पांच साल के दो ज़ेबरा हैं. चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डॉ. निकेश किरण ने पहले ही उनके स्वास्थ्य की जांच कर ली है, और पुष्टि की है कि वे दूसरी जगह ले जाने के लिए फिट हैं. जानवरों को सड़क के रास्ते एक खास तौर पर डिजाइन की गई एनिमल एम्बुलेंस में ले जाया जाएगा. पशु चिकित्सक की देखरेख में एक समर्पित टीम तीन दिन के सफर के दौरान काफिले के साथ रहेगी ताकि पूरे रास्ते उनकी सुरक्षा और तंदुरुस्ती सुनिश्चित हो सके.
वंतारा भेजा जाएगा मकाक और किंग कोबरा
जानवर अदला-बदली समझौते के तहत, तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर एक सिंह-पूंछ मकाक (Male lion-tailed macaque) और एक किंग कोबरा को वंतारा में ट्रांसफर करेगा.
चिड़ियाघर के अधीक्षक टी.वी. अनिल कुमार ने कहा कि अदला-बदली की सभी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं ताकि ओणम की छुट्टियों के दौरान लोग ज़ेबरा को देख सकें. उन्होंने कहा कि चिड़ियाघर में अभी तीन किंग कोबरा हैं, जिनमें से एक को इस समझौते के तहत दूसरी जगह भेजा जाएगा.
डॉ. निकेश किरण ने ईटीवी भारत को बताया कि चिड़ियाघर में मौजूद पांच सिंह-पूंछ मकाक (Wanderoo) में से – जिसमें तीन नर और दो मादा हैं – एक बूढ़े नर मकाक को ट्रांसफर किया जाएगा.
इसके अलावा, चिड़ियाघर के अधीक्षक अनिल कुमार ने ईटीवी भारत को बताया कि चिड़ियाघर में एक जिराफ जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है. भारत के चिड़ियाघरों में जिराफ न होने के कारण, विदेश से एक जिराफ लाने की कोशिश की जा रही है, और जल्द ही इरादा पत्र (Expression of Interest) की घोषणा जारी होने की उम्मीद है.
इसके अलावा, तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर के अधीक्षक ने बताया कि कर्नाटक के हम्पी चिड़ियाघर से एक आलसी भालू (sloth bear) लाने की भी कोशिशें तेजी से चल रही हैं ताकि चिड़ियाघर के प्रदर्शनी संग्रह को और बढ़ाया जा सके.
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