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बिहार के इस शहर में 'टमटम' की सवारी नहीं की तो मजे अधूरे रह जाएंगे, फिल्मों के हिट किरदारों के नाम पर तांगे

आज टमटम गायब होते जा रहे हैं, लेकिन बिहार के इस शहर में इसकी सवारी जारी है.फिल्मों के हिट किरदारों के नाम पर तांगे हैं.

Tamtam in Bihar
राजगीर में तांगा की सवारी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 26, 2025 at 5:45 PM IST

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नालंदा: कभी राजा-रजवाड़ों की टमटम शान हुआ करता था और दूसरे शहरों की तरह नालंदा में भी यात्रियों की सवारी का मुख्य साधन होता था. समय का मिजाज बदलता गया और टमटम की जगह मोटर गाड़ियों ने ले ली. लेकिन बिहार के राजगीर में आज भी विरासत की संस्कृति के तौर पर सड़कों पर टांगे दौड़ रहे हैं. दूर-दूर से लोग इसकी सवारी करने पहुंचते हैं.

सड़कों पर दौड़ती रंग-बिरंगी टमटम: नए साल के मौके पर पंच पहाड़ियों की गोद में बसे बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर की खूबसूरत प्राकृतिक वादियों का लुत्फ़ उठाने हज़ारों लाखों की संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं. यहां की पहचान सिर्फ इसके ऐतिहासिक खंडहर या गर्म जलकुंड नहीं हैं, बल्कि यहां की सड़कों पर दौड़ती रंग-बिरंगी टमटम भी इसकी विरासत का अहम हिस्सा है.

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राजगीर में आज भी चलते हैं टमटम: आधुनिकता के दौर में जब हर जगह टैक्सी और ई-रिक्शा का शोर है, राजगीर में आज भी अपनी इस शाही सवारी को सहेजे हुए हैं. घोड़ों के गले में बंधे घुंघरुओं की खनक और सधी हुई चाल सैलानियों को एक अलग ही दुनिया में ले जाती है. यहां टमटम महज एक वाहन नहीं, बल्कि राजगीर की संस्कृति का चलता-फिरता विरासत है.

Tamtam in Bihar
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

घोड़ों के शाही नाम: राजगीर में चलने वाले घोड़ों के नाम भी कम शाही नहीं हैं. किसी का नाम बाहुबली-2 है, तो कोई जगमोहन, रानी कुमारी और राजधानी के नाम से मशहूर है. इन घोड़ों की कीमत 20 हजार से लेकर 5 लाख रुपए तक है.

Tamtam in Bihar
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

सेहत का रखा जाता है खास ख्याल: इनकी सेहत का खास ख्याल रखा जाता है. इन्हें चना, गुड़, बिचाली के साथ-साथ शाम को गाय-भैंस का दूध और घी के लड्डू खिलाए जाते हैं. एक घोड़े के खाने पर रोजना करीब 300 से 500 रुपए प्रतिदिन का खर्च आता है.

Tamtam in Bihar
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

506 तांगों का रजिस्ट्रेशन: राजगीर नगर परिषद में 506 तांगा पंजीकृत है. जिसके लिए साल में 500 रुपए का शुल्क दिया जाता है. अभी सड़कों पर करीब 400 तांगे दौड़ रहे हैं, जिनसे 1000 परिवारों का भरण-पोषण होता है. दिलीप यादव (चालक, राजधानी तांगा) बताते हैं कि हमारे घोड़े की कीमत ढाई से चार लाख तक है.

Tamtam in Bihar
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

2022 में नीतीश ने की थी सवारी: नालंदा में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2022 में राजगीर में टमटम की सवारी का लुफ्त उठाया था. मुख्यमंत्री ने टमटम पर बैठकर ही रोड शो करते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार किया था. मुख्‍यमंत्री, राजगीर के बस स्टैंड से टमटम पर सवार हुए और धर्मशाला रोड, राजगीर मेन बाजार और जेपी चौक होते हुए निचला बाजार तक भ्रमण किया था.

"सीएम नीतीश कुमार भी 2022 में टमटम की सवारी कर चुके हैं. लॉकडाउन के बाद स्थिति सुधरी है, अब सीजन में 1000 से 1500 रुपए रोज की कमाई हो जाती है. लेकिन हमारी मांग है कि झूला और कुंड के पास टमटम पड़ाव बनाया जाए."- दिलीप यादव, तांगा चालक

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2022 में नीतीश कुमार ने दिलीप के तांगे पर की थी सवारी (ETV Bharat)

तांगा चालक ने बयां किया अपना दर्द: 1993 से कार्यरत तांगा चालक किशोरी दास का दर्द अलग है. वे कहते हैं कि ई-रिक्शा ने हमारे धंधे पर असर डाला है. यहां लोकल रेट 30 रुपए है, वे 5-10 रुपए में बैठा लेते हैं. महंगाई बढ़ गई है, कमाई उतनी ही है. पहले विदेशी सैलानी टमटम बहुत पसंद करते थे.

"अब बंगाल और जैन पर्यटक ही ज्यादा सवारी करते हैं. बाक़ी अपने निजी वाहनों से ही घूमते हैं. जिससे भी टमटम की सवारी पर असर पड़ा है. मगर लॉकडाउन के बाद पहले से बहुत सुधार हुआ है."- किशोरी दास,तांगा चालक

Tamtam in Bihar
तांगा चालक किशोरी दास (ETV Bharat)

पर्यटकों की पसंद टमटम: कोलकाता से परिवार के साथ छुट्टियां बिताने आए पर्यटकों के लिए राजगीर का मतलब ही टमटम की सवारी है. कोलकाता की प्रिया पाल ने कहा कि "मम्मी-पापा ने बताया था कि राजगीर जाओ तो टमटम पर जरूर बैठना. यह पुराने दिनों की याद दिलाता है. जैसे कोलकाता में ट्राम है, वैसे ही यहां टमटम जरूरी है."

Tamtam in Bihar
खाना खाता घोड़ा (ETV Bharat)

"यह पर्यटन नगरी की शोभा बढ़ाता है. इससे घूमने का मजा ही कुछ और है."-सुभा चंद्रा, पर्यटक

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पर्यटक प्रिया पाल (ETV Bharat)

"बचपन से आ रहे हैं. राजगीर अब बहुत बदल गया है, सुविधाएं बढ़ गई हैं, लेकिन टमटम की सवारी के बिना यहां का सफर अधूरा लगता है."- रजनी कौर, पटना से आई पर्यटक

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पर्यटक रजनी कौर (ETV Bharat)

कहां-कहां तक जाती है तांगा की सवारी: सैलानियों को 150 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से राजगीर के प्रमुख स्थलों की सैर कराई जाती है. इसमें शांति स्तूप, गर्म कुंड, बिम्बिसार जेल, ग्लास ब्रिज, जू सफारी और मनियार मठ आदि शामिल है. एक चक्कर में करीब 3 से 4 घंटे लगते हैं. एक चक्कर लगाने पर चालक को करीब 1200 रुपए तक मिल जाते हैं.

टमटम पर ई-रिक्शा की चोट: ऑफ सीजन में कई बार बोहनी भी नहीं होती है. राजगीर का यह टमटम उद्योग सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि एक विरासत है. ई-रिक्शा की होड़ में इसे बचाने के लिए प्रशासन को टमटम पड़ाव जैसी बुनियादी सुविधाएं देनी होंगी, ताकि बाहुबली और रानी की टापों की आवाज पंच पहाड़ियों में गूंजती रहे.

Tamtam in Bihar
टमटम की सवारी करते पर्यटक (ETV Bharat)

पर्यावरण के लिए बेहतर है तांगा: पर्यावरण के लिए तांगे की सवारी कई मायनों में बेहतर है. यह प्रदूषण (शून्य उत्सर्जन) नहीं फैलाता, सस्ता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है. हालांकि, घोड़ों की देखभाल, उनके कचरे के प्रबंधन और आधुनिक परिवहन से प्रतिस्पर्धा जैसे पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि यह एक टिकाऊ और अच्छा विकल्प बन सके.

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