महंगी चीनी ने त्योहार की मिठास की फीकी, मिठाई विक्रेताओं का घटा प्रॉफिट, जानें क्यों बढ़े दाम
त्योहारी सीजन से पहले चीनी के दामों में बढ़ोतरी, मिठाई विक्रेताओं का घटा मार्जिन, मिठाई के दाम 10% बढ़ने की उम्मीद. रिपोर्ट- रोहित कुमार सोनी

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 23, 2026 at 12:17 PM IST
देहरादून: आगामी रक्षाबंधन त्योहार के साथ ही त्योहारी सीजन की शुरुआत होने जा रही है. इससे पहले देश भर में बढ़े चीनी के दामों ने लोगों के त्योहारों को फीका करना शुरू कर दिया है. त्योहारी सीजन की शुरूआत से पहले ही देश भर में चीनी के दामों में तेज बढ़ोतरी ने मिठाई व्यापारियों और उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ा दी है. एक से डेढ़ महीने के भीतर बाजार दरों में लगातार चीनी के दाम बढ़ने से छोटे मिठाई दुकानदारों के मार्जिन को कम कर दिया है. भले ही मिठाई के दुकानदार मिठाई के दामों में बढ़ोतरी न कर रहे हो, लेकिन आम उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ रहा है. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में चीनी के दाम बढ़ने से मिठाई व्यापारियों पर क्या असर पढ़ रहा है? ईटीवी भारत की रिपोर्ट में जानिए.
पिछले एक से डेढ़ महीने में चीनी की थोक और खुदरा कीमतों में करीब 30 से 35 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. होलसेल डीलर्स की मानें तो इसके पीछे, कच्चे माल की उपलब्धता, मौसमी उत्पादन पर प्रभाव, चीनी स्टोरेज के साथ ही स्थानीय मांग में अचानक बढ़ोतरी मानी जा रही है. हालांकि, एक से डेढ़ महीने पहले चीनी का दाम करीब 48 रुपए प्रति किलो था, जो वर्तमान समय में बढ़कर 65 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है. इस कारण व्यापारी वर्ग काफी अधिक चिंतित नजर आ रहा है. अगर ऐसे ही चीनी के दामों में बढ़ोतरी होती रही तो आने वाले समय में जनता के जेबों पर दोहरी मार पड़ेगी.
आढ़त बाजार के होलसेल डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव विनोद कुमार गोयल ने कहा कि,
एक महीने पहले चीनी का दाम रिटेल में 47 से 48 रुपए प्रति किलो चल रहा था. लेकिन वर्तमान समय में चीनी का दाम बढ़ाकर 62 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है. अक्टूबर महीने से अगर चीनी मिल चालू हो जाती है, तो फिर नवंबर के शुरुआती दोनों में नई चीनी बाजार में आ पाएगी.
-विनोद कुमार गोयल, महासचिव, होलसेल डीलर्स एसोसिएशन, आढ़त बाजार-

विनोद कुमार गोयल का कहना है कि, चीनी मिल के पास आगामी 3 महीने के समय के लिहाज से चीनी का स्टॉक कम है. जिस कारण चीनी के दामों में तेजी देखी जा रही है. साथ ही चीनी मिल, चीनी स्टॉक की रोक- रोककर सप्लाई कर रही है और लगातार ऊंचे दामों पर बेच रही है. भारत सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में चीनी के दामों में कमी आएगी.

फुटकर विक्रेता राजेश ने कहा कि,
'करीब एक महीने पहले चीनी का दाम 46 से 48 रुपए प्रति किलो था, लेकिन अब चीनी का दाम बढ़ाकर 62 रुपए हो गया है. चीनी के दाम बढ़ने से उनकी बिक्री भी प्रभावित हुई है. क्योंकि जहां पहले लोग 2 किलो या 5 किलो चीनी ले जा रहे थे वो अब 1 किलो या फिर 2 किलो चीनी ले जा रहे हैं'.

फुटकर विक्रेता प्रेमचंद ने कहा कि,
'अभी कुछ हफ्ते पहले चीनी के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है. वर्तमान समय में रिटेल में चीनी 65 प्रति किलो बिक रही है. जबकि पहले 45 से 46 रुपए प्रति किलो चीनी बिक रही थी. चीनी का दाम बढ़ाने की वजह से उनकी सेल प्रभावित हुई है. क्योंकि लोगों ने कम चीनी खरीदनी शुरू कर दी है'.

ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए मिठाई विक्रेता मनोज कुमार ने कहा कि,
त्योहारी सीजन से पहले ही चीनी के दाम बढ़ गए हैं. अगर वो मिठाई के दामों में बढ़ोतरी करते हैं, तो लोग इस बात को कहेंगे कि अचानक मिठाई के दामों में वृद्धि कर दी गई है, लेकिन ये जरूर है कि चीनी के दाम में बढ़ोतरी होगी तो आने वाले समय में मिठाई के दामों में भी बढ़ोतरी होगी. हालांकि, त्योहार को देखते हुए फिलहाल मिठाई के दामों में बढ़ोतरी नहीं कर रहे हैं, इससे उनका प्रॉफिट मार्जिन जरूर काम हो रहा है.
-मनोज कुमार, मिठाई विक्रेता-

मिष्ठान विक्रेता शरद गोयल ने कहा कि,
एक महीने पहले चीनी के दाम करीब साढ़े 42 से 43 रुपए प्रतिकिलो था. लेकिन वर्तमान समय में 6400 रुपए प्रति क्विंटल (64 रुपए प्रति किलो) होलसेल में चीनी मिली है. बावजूद इसके किसी भी हलवाई ने मिठाई के दाम में बढ़ोतरी नहीं की है. क्योंकि पहले से ही ग्राहकों का रुझान मिठाई की तरफ कम है. ऐसे में अगर दाम बढ़ा देंगे तो उनकी सेल और कम हो जाएगी. अगर चीनी का दाम 65 रुपए प्रति किलो के पार हो जाता है तो कम से कम मिठाई के दामों में 10 फीसदी तक रेट बढ़ोतरी करनी पड़ेगी. हालांकि, चीनी के दाम बढ़ने से उनका प्रॉफिट घट गया है.
-शरद गोयल, मिष्ठान विक्रेता-
मिष्ठान विक्रेता अरुण कुमार ने कहा कि,
चीनी के साथ ही तमाम अन्य चीजों के दाम भी बढ़ गए हैं. जिसमें दूध और मावा भी शामिल है. वर्तमान समय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. हालांकि, चार महीने पहले जब कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हुई थी, उस दौरान मिठाई के दामों में बढ़ोतरी की गई थी. ऐसे में वही बढ़े हुए दाम अभी भी चल रहे हैं. लिहाजा, आगामी त्योहार को देखते हुए मिठाई के दामों में बढ़ोतरी करने का कोई विचार नहीं है. जबकि चीनी भी 7 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है. मिठाई के दाम में बढ़ोतरी न करने से उनका प्रॉफिट कम हो रहा है. आने वाले समय में अगर चीनी के दाम कम नहीं होते हैं तो फिर मिठाई के दामों में बढ़ोतरी की जाएगी.
-अरुण कुमार, मिष्ठान विक्रेता-
एक अन्य मिठाई दुकानदार नीरज ने कहा कि,
चीनी के दामों में करीब 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो गई है. क्योंकि पहले 42 से 43 रुपए प्रति किलो चीनी होलसेल में मिलती थी, लेकिन वर्तमान समय में वही चीनी 65 से 66 रुपए प्रति किलो मिल रही है. जिसका सीधा असर आम दुकानदार पर पड़ रहा है. वो अचानक से मिठाई के दाम में बढ़ोतरी नहीं कर सकते हैं, क्योंकि त्योहारी सीजन भी सिर पर है. लिहाजा दामों में बढ़ोतरी की जाती है तो ग्राहकों को लगेगा कि त्योहारी सीजन का फायदा उठाने के लिए मिठाई के दाम में बढ़ोतरी की गई है.
-नीरज, मिठाई विक्रेता-
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