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सरोगेसी के नाम पर दुष्कर्म, 8 महीने के लिए बंधक बनाया, बच्चा होते ही डॉक्टर लेकर फरार

इंदौर में कर्ज चुकाने के नाम पर महिला को सरोगेसी का दिया झांसा, फिर दुष्कर्म कर जाल में फंसाया, पुलिस कमिश्नर के पास पहुंचा कपल

SURROGACY FRAUD AND DEVILISH ACT INDORE
कर्ज चुकाने के नाम पर सरोगेसी का लालच, फिर किया दुष्कर्म (IANS & ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 25, 2026 at 7:57 PM IST

3 Min Read
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इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर से IVF और सरोगेसी के नाम पर महिला से दुष्कर्म और नवजात के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इंदौर के खजराना क्षेत्र में रहने वाले लव मैरिड कपल ने ये आरोप लगाया है कि उन्हें एक नामी डॉक्टर ने सरोगेसी के नाम पर झांसा दिया और फिर अपने साथियों के साथ मिलकर सरोगेसी से बच्चा हासिल करने के लिए ऐसा जाल बिछाया कि पीड़िता 8 महीने तक कैमरों की निगरानी में बंधक रही. यही नहीं, डॉक्टर ने सरोगेसी के नाम पर ब्लैकमेल कर पीड़िता से दुष्कर्म किया और बच्चा होने पर छीनकर भाग गया.

पुलिस कमिश्नर को सुनाई आपबीती

मामला इंदौर के एक जानमाने हॉस्पिटल के डॉक्टर से जुड़ा हुआ है, जिसकी शिकायत पीड़ित दंपत्ति ने इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह से की है. शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए महिला थाना टीआई को जांच के आदेश दिए हैं, जिसके बाद कार्रवाई तेज शुरू हुई. वहीं, हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और डॉ. रूपाली राठौर के साथ दंपत्ति ने पूरी घटनाक्रम पुलिस कमिश्नर को बताया.

मामले की जानकारी देते एडवोकेट कृष्ण कुमार (Etv Bharat)

कर्ज चुकाने के नाम पर सरोगेसी का लालच, फिर किया दुष्कर्म

एडवोकेट कुन्हारे के मुताबिक लव मेरिड कपल दंपत्ति पर काफी कर्जा था, जिसके लिए उनके एक परिचित ने एक डॉक्टर से मिलवाया और लोन सेटल करवाने का आश्वासन दिया. मुलाकात के बाद डॉक्टर ने खुद को बड़े हॉस्पिटल का विशेषज्ञ बताते हुए IVF और सरोगेसी के नाम पर पहले विश्वास जीता, फिर कई ब्लैंक स्टाम्प पेपर्स, आधार की कॉपी और धमकियों के दम पर पीड़िता का तीन बार IVF करवाया लेकिन वह फेल हो गया, जिसके बाद दबाव बनाकर महिला को इंदौर के होटल ले जाया गया और कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिलाकर दुष्कर्म किया.

Surrogacy Fraud and Devilish Act
सरोगेसी के लिए 8 महीने बंधक रही महिला (Photo Source : Dr. Rupali Rathor Advocate)

प्रेग्नेंट होने पर बंधक बनाया, डिलीवरी होते ही बच्चा लेकर भागे

आरोप है कि गर्भवती होने पर महिला और उसके पति को धमकाकर एक फ्लैट में CCTV कैमरों की निगरानी में कैद रखा गया. इस दौरान दोनों पति पत्नी पर ऑडियो सोर्स वाले सीसीटीवी लगाकर निगाह रखी जाती थी. आठवें महीने के दौरान जब महिला को गर्भ में समस्या हुई तो पीड़िता ने मदरहुड हॉस्पिटल में एक पुत्र को जन्म दिया. लेकिन हॉस्पिटल से बाहर निकलते ही आरोपी डॉक्टर और उसके साथियों ने बच्चे को जबरन छीन लिया और पति का मोबाइल फॉर्मेट कर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी.

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पीड़िता के अनुसार, डॉक्टर के साथियों ने फर्जी क्षतिपूर्ति समझौता, झूठे दस्तावेज और यहां तक कि बच्चे का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तक तैयार करवाया. दंपत्ति ने आशंका जताई है कि आरोपी विदेश भागने की फिराक में है और बच्चे की जान को भी खतरा है. वहीं, इस मामले एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने कहा, '' भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है, लेकिन मजबूर महिलाओं का शोषण अभी भी हो रहा है. पीड़िता और उसके बच्चा की पहचान सुरक्षित रखने के लिए आरोपी डॉक्टर का नाम उजागर नहीं किया गया है.'' वहीं इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा, '' मामला सामने आने के बाद महिला थाने को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देष दिए गए हैं.''