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सरेंडर माओवादियों का रेड कारपेट पर होगा स्वागत, पुनर्वास और सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी: विजय शर्मा

गृहमंत्री विजय शर्मा ने बलांगीर बरगढ़ महासमुंद डिवीजन के माओवादियों के लिए आडियो संदेश जारी किया.

Audio message to Maoists
सरेंडर माओवादियों का रेड कारपेट पर होगा स्वागत (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 23, 2026 at 9:36 PM IST

6 Min Read
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रायपुर: माओवादियों की ओडिसा राज्य कमेटी के पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास की ओर से, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के लिए जारी किए पत्र के संबंध में ऑडियो संदेश जारी किया गया. ये ऑडियो संदेश डिप्टी सीएम सह गृहमंत्री विजय शर्मा ने जारी किया. अपने संदेश में विकास द्वारा बलांगीर बरगढ़ महासमुंद डिवीजन के पुनर्वास के निर्णय का उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्वागत किया. विजय शर्मा ने कहा कि आपका लिखा पत्र मुझे मिला है. आप सभी अपने साथियों के साथ मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं. आपका निर्णय स्वागत योग्य है. आप 2 से तीन मार्च तक जरूर सरेंडर कर दें. किसी भी तरह की चिंता नहीं करें. शासन आपकी पूरी हिफाजत के लिए तैयार है.

सरेंडर की तैयारी कर रहे माओवादियों के लिए गृहमंत्री का ऑडियो संदेश

विजय शर्मा ने अपने ऑडियो संदेश में कहा, ''आपकी ओर से कुछ चिंताएं बताई गई है. जिनका समाधान हम करेंगे. विजय शर्मा ने कहा कि आत्मसमर्पण शब्द के स्थान पर हम सम्मानपूर्वक पुनर्वास प्रयोग करते हैं. मुख्यधारा में आते ही घर भेजने में अभी परिस्थितियां पूर्ण ठीक नहीं हुई हैं, घर पर जान का खतरा हो सकता है. लंबे समय तक जंगल में रहने के कारण आपके विभिन्न प्रकार के दस्तावेज, बैंक खाता नहीं होता है. इन प्रक्रियाओं को भी पूर्ण करना आवश्यक है, मुख्यधारा में शामिल होने से पहले आपको विविध अजीविकामूलक कौशल सिखाने का भी एक प्रोग्राम सरकार द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें किसी को ड्राइवर तो किसी को मोबाइल रिपेयरिंग या मोबाइल ऑपरेट का कार्य सिखाया जा रहा है, ताकि वे सम्मानपूर्वक आजीविका अर्जित कर सकें. कुछ लोगों को अक्षर ज्ञान की भी आवश्यकता है वह भी दिलाया जा रहा है.''

सरेंडर माओवादियों का रेड कारपेट पर होगा स्वागत (ETV Bharat)

पुनर्वास केंद्र में मिल रही सुविधाओं की दी जानकारी

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा, '' पुनर्वास केंद्र के अंदर कोई बंद जेल के जैसी व्यवस्था नहीं है, यह एक खुला पुनर्वास केंद्र है, जिसमें लोग आना-जाना सब कुछ करते हैं, इस पुनर्वास केंद्र से लोग रायपुर भी घूमने आते हैं. केंद्र में सुबह से शाम तक की प्रक्रिया बनी है, जिसमें खेलकूद, स्वास्थ्य परीक्षण सभी समाहित हैं. इसमें तीन-चार महीने का वक्त दिया गया है. वह पूरा करके गांव की स्थितियां सामान्य होते ही लौट सकते हैं. कोर्ट भेजने और कार्रवाई करने जैसी कोई बात नहीं है. शासन द्वारा पुनर्वासित लोगों पर चल रहे मुकदमों के समाधान के लिए मंत्रियों की एक उप समिति का गठन भी किया है, जिसमें सभी प्रकरणों में से संविधान और विधि के दायरे में किन-किन प्रकरणों को वापस लिया जा सकता है इसके लिए विचार किया जा रहा है.''

''सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी''

विजय शर्मा ने कहा, ''छत्तीसगढ़ की सरकार ने जंगल से पुनर्वास के साथ जेल से भी पुनर्वास का प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए कानूनी प्रक्रिया क्या होगी इस पर भी चिंतन जारी है. जेल से पुनर्वास का अर्थ है कि जेल से जमानत करवाकर के बाहर लाकर उन्हें पुनर्वास केंद्र में लाया जाएगा, उसके बाद उनकी सहमति से उनका पुर्नवास कराया जाएगा. बाद उन्हें निश्चित समय के बाद अपने घर भेजा जाएगा.''

सुरक्षा और पुनर्वास का वादा दोहराया

विजय शर्मा ने कहा, ''अनेक मामलों में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है. उत्तर डिवीजन के सचिव रहे सतीश अपने साथ 210 लोगों को ले कर आये थे, कांकेर में 21 लोगों ने भी पुनर्वास किया, अभी केंद्रीय कमेटी सदस्य रामधेर मज्जी ने भी जब पुनर्वास किया तब भी सुरक्षा सुनिश्चित की गई थी. कोई भी चिंता ना करें चाहे ओडिशा पुलिस का अभियान हो या छत्तीसगढ़ का पुलिस का अभियान हो, सभी को सूचना देकर आपकी अपेक्षा के अनुरूप ही सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.''

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि हिंसा का मार्ग छोड़ कर आप किस विचारधारा पर काम करते हैं आप संविधान के दायरे में रहते हुए कैसे काम करते हैं इसमें आप स्वतंत्र हैं. समाज के विकास के लिए आप अपनी विचारधारा के साथ कार्य कर सकते हैं. बस हथियार हाथ में होगा तो वह गैर कानूनी माना जाएगा, समाज की भलाई के लिए लोगों की भलाई के लिए संविधान सम्मत कार्य करते हैं तो उसमें किसी को कोई समस्या नहीं है. अगर आपके हाथ में हथियार है तब तक आप समाज से भी अलग है, संविधान से भी अलग है और तब तक आप शासन प्रशासन से भी अलग हैं: विजय शर्मा, डिप्टी सीएम

हेल्प लाइन नंबर भी विजय शर्मा ने नक्सलियों के लिए जारी किया

विजय शर्मा ने पुनर्वास के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, ''सरकार आपका लाल कालीन बिछाकर स्वागत करने को तैयार है. उन्होंने मोबाइल नंबर 7646935894 जारी करते हुए कहा, आप इस नम्बर पर कॉल कर सकते हैं, सूचना पर परिवहन के लिए बस की व्यवस्था भी की जा सकती है. आप संपर्क के लिए पत्रकार साथी, पुनर्वासित आपके साथी सागर, आईजी, महासमुंद पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर सकते हैं. आपको सुरक्षित वापस लाया जाएगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बड़ी स्पष्टता से इस बात को कहा है कि सारे ऐसे साथी जो पुनर्वास करना चाहते हैं मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं उनका लाल कालीन बिछाकर स्वागत किया जाएगा.''

सीएम खुद आदिवासी समाज से आते हैं: विजय शर्मा

विजय शर्मा बोले, हमारे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं भी आदिवासी समाज से हैं और उन्होंने भी बड़ी स्पष्टता से इस बात के लिए कहा है, ''मैं स्वयं इस बात की पूरी चिंता करूंगा कि आप सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें और आपकी सुविधा उचित वाहन उपलब्ध हो जाए आने वाले समय में आप पूर्ण रूप से पुनर्वासित हो, आपके गांव में आपकी खेती बाड़ी की उचित व्यवस्था हो, आपका सम्मान हो आने वाले समय में आप जनता के लिए अच्छा काम कर सकें.''

पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास का धन्यवाद किया

विजय शर्मा ने पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपने सभी को मुख्यधारा में लाने के लिए जो प्रयास किया वह सराहनीय है. सारे आपके डीवीसी सदस्य, तीनों एरिया कमेटी सदस्य, अन्य पार्टी सदस्य, जिसमें 14 लोग बस्तर एवं एक तेलंगाना के हैं सभी का स्वागत है. उन्होंने अपील की की आप अपने हथियार भी अवश्य लेकर आएं.