ETV Bharat / bharat

बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कल! छावनी में तब्दील हुआ इलाका, खुफिया तंत्र एक्टिव

बनभूलपुरा में रेलवे अपनी भूमि पर अतिक्रमण कर बने 3,660 मकान हटाना चाहता है, इससे 5,236 परिवार प्रभावित होंगे

BANBHOOLPURA RAILWAY LAND
छावनी में तब्दील हुआ बनभूलपुरा इलाका (PHOTO- ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : December 1, 2025 at 2:58 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

हल्द्वानी (उत्तराखंड): नैनीताल के हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे भूमि पर अतिक्रमण मामले में 2 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है. सभी की नजरें कोर्ट के फैसले में टिकी हुई हैं. फैसला आने से पहले ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है. इसके लिए रेलवे अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन बैठक कर चुका है. बनभूलपुरा को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. खुफिया तंत्र को एक्टिव किया जा चुका है.

हल्द्वानी रेलवे स्टेशन की 30 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट से मंगलवार को फैसला आ सकता है. फैसला आने से पूर्व रेलवे विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है. संवेदनशील क्षेत्र बनभूलपुरा में भारी फोर्स को तैनात कर दिया है.

छावनी में तब्दील हुआ बनभूलपुरा इलाका (VIDOE- ETV Bharat)

दरअससल, वर्ष 2022 में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में नैनीताल हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की गई थी. वर्ष 2023 में नैनीताल हाईकोर्ट ने इस जमीन को खाली करने के आदेश जारी किए थे. जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने जिला प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया था. लेकिन विरोध और स्थानीय लोगों द्वारा सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाने के बाद मामला टल गया था. तब से लेकर मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रहा थी. अब मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट, रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में बड़ा फैसला दे सकती है.

बनभूलपुरा क्षेत्र में लगभग 3660 मकान हैं. जिसमें तकरीबन 5236 परिवार निवास करते हैं.

एसपी क्राइम डॉक्टर जगदीश चंद्रा ने बताया कि रेलवे अतिक्रमण भूमि मामले में कोर्ट का फैसला आ सकता है. जिसको लेकर पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारी कर ली है. आज आरपीएफ और जिला पुलिस ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर लोगों को अपील की है कि किसी भी भ्रामक अफवाओं में ध्यान न दें. कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका सम्मान किया जाएगा.

सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले में नजर बनाए हुए है. माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा.

अवैध मदरसा ध्वस्तीकरण मामले में दहल चुका है बनभूलपुरा: गौर हो कि, 8 फरवरी 2024 में जिला प्रशासन द्वारा बनभूलपुरा में नजूल भूमि पर अतिक्रमण कर मदरसा बनाए जाने के मामले में ध्वस्तीकरण के दौरान बवाल हो गया था. बवाल के दौरान अराजकतत्वों द्वारा बनभूलपुरा थाने को आग के हवाले करते फॉर्स और अधिकारियों पर पथराव कर घायल कर दिया था. मामले को देखते हुए प्रशासन ने अराजकतत्वों पर कार्रवाई भी की थी. बवाल के दौरान हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अधिकारी, पुलिस कर्मी, मीडिया कर्मी चोटिल भी हुए थे. कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन द्वारा कर्फ्यू भी लगाया गया था.

ये भी पढ़ें: