अपने दर्द को मीडिया में सुर्खियां बनाने का जरिया न बनाएं, ट्विशा शर्मा केस में सुप्रीम कोर्ट
चीफ जस्टिस सूर्यकांत का मीडिया को रिपोर्टिंग में संयम की सलाह. पीड़ित और आरोपी पक्ष को पब्लिक या मीडिया प्लेटफॉर्म की बजाए जांच एजेंसी के सामने बयान दर्ज कराने के निर्देश.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 25, 2026 at 1:43 PM IST
|Updated : May 25, 2026 at 2:40 PM IST
भोपाल: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले उसने स्वत संज्ञान लिया क्योंकि यह बात कही जा रही थी कि न्यायपालिका के शामिल होने की वजह से निष्पक्ष जांच नहीं हो पाई है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जिस तरह से केस को हैंडल किया गया, उससे वह दुखी हैं, और मीडिया से कहा कि वह ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में रिपोर्टिंग करते समय संयम बरतें. चीजों को कानून और प्रक्रिया के हिसाब से आगे बढ़ने दें. वहीं, मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि ट्विशा की सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह जांच में अड़चन डाल रही हैं.
एक्टर ट्विशा शर्मा की मौत पर दर्ज किए गए सुओ मोटो केस की सुनवाई कर रहा था कोर्ट
यह मामला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की बेंच के सामने आया. सुप्रीम कोर्ट 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में मॉडल और एक्टर ट्विशा शर्मा की मौत पर दर्ज किए गए सुओ मोटो केस की सुनवाई कर रहा था.
CJI सूर्यकांत ने कहा, “यह भी कहानी बनाई गई कि ज्यूडिशियरी के शामिल होने की वजह से फेयर इन्वेस्टिगेशन नहीं हो पा रही है. इसी बैकग्राउंड में हमने सुओ मोटो प्रोसिडिंग्स शुरू की हैं.” सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि CBI जांच अपने हाथ में लेगी, और वह यह पक्का करेंगे कि एडमिनिस्ट्रेटिव कदम आज ही उठाए जाएं.
कोर्ट ने कहा, घटना की निष्पक्ष, स्वतंत्र और बिना किसी भेदभाव के जांच होनी चाहिए
CJI ने कहा कि एक युवा बेटी को खोने पर परिवार को जिस असीम पीड़ा और दुख से गुजरना पड़ता है, उसके प्रति अदालत की पूरी सहानुभूति है. इसमें कोई शक नहीं है और कहा, “हमें उनके साथ हमदर्दी है लेकिन फिर कानून का एक प्रोसीजर होता है…” CJI ने कहा कि एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है, इसकी निष्पक्ष, स्वतंत्र और बिना किसी भेदभाव के जांच होनी चाहिए. हम पीड़ित के परिवार वालों के साथ-साथ आरोपी पक्ष से भी यह कहना चाहेंगे कि पब्लिक में या मीडिया प्लेटफॉर्म पर बयान देने के बजाय उन्हें जांच एजेंसी के सामने अपना बयान दर्ज करवाना चाहिए.
तुषार मेहता ने कहा कि संभावित आरोपियों में से एक, पूर्व जज ने अलग-अलग चैनलों को इंटरव्यू देना शुरू कर दिया है और मृतक को लगभग बदनाम कर रही हैं. मेहता ने कहा कि FIR 15 मई को दर्ज की गई थी, सास ने 14 मई को एंटीसिपेटरी बेल के लिए अर्जी दी, और 15 मई को एंटीसिपेटरी बेल दे दी गई, जिसे पीड़िता और राज्य सरकार चुनौती दे रही है. उनका बयान दर्ज करने में उनकी तरफ से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है.
सॉलिसिटर जनरल ने कहा, माता-पिता के लिए मरी हुई बेटी से बेहतर है कि तलाकशुदा बेटी
CJI ने कहा कि उन्हें राज्य पुलिस पर कोई शक नहीं है कि वे मामले की निष्पक्षता और बिना भेदभाव के जांच करेंगे, और कोर्ट राज्य पुलिस का हौसला नहीं तोड़ना चाहता. मेहता ने कहा कि मामला अब CBI के पास चला गया है. मेहता ने कहा कि लड़की की मौत अप्राकृतिक थी और माता-पिता के लिए मरी हुई बेटी से बेहतर है कि उसकी बेटी तलाकशुदा हो और कहा, “जब वह बार-बार कह रही है कि मैं नरक में जी रही हूं. प्लीज मुझे बचा लो”.
बेंच ने कहा कि ट्विशा की दुर्भाग्य से 12 मई, 2026 को भोपाल में उसके ससुराल में अप्राकृतिक मौत हो गई. बेंच ने संस्थागत भेदभाव और राज्य पुलिस द्वारा की जा रही निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने में नाकामियों के बारे में मीडिया रिपोर्टों की ओर भी इशारा किया. बेंच ने कहा, “निष्पक्षता की कमी यह थी कि पति एक प्रैक्टिसिंग लॉयर है और उसकी सास एक रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज है”, और मृतका के परिवार वालों ने जांच के मामले में अनुचित प्रभाव डालने का आरोप लगाया.
बेंच ने कहा कि राज्य सरकार ने जांच CBI को सौंपने की सिफारिश की थी और मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह यह मामला अधिकारियों के सामने उठाएंगे ताकि यह पक्का हो सके कि CBI तुरंत जांच अपने हाथ में ले ले.
ट्विशा शर्मा की 12 मई को भोपाल में उसके ससुराल में हो गई थी मौत
33 साल की ट्विशा शर्मा की 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में उसके ससुराल में मौत हो गई थी. उसके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए परेशान करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था. हालांकि, उनके ससुराल वालों ने दावा किया कि उसे ड्रग्स की लत थी. पुलिस ने महिला के पति, वकील समर्थ सिंह और उसकी सास, पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में FIR दर्ज की.

