आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की पहली महिला चीफ जस्टिस बनेंगी लिसा गिल! SC कॉलेजियम ने की सिफारिश
जस्टिस लिसा गिल अभी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जज के तौर पर काम कर रही हैं, जहाँ वह तीसरी सबसे सीनियर जज हैं.

Published : February 28, 2026 at 12:10 PM IST
अमरावती: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के अगले चीफ जस्टिस (CJ) के तौर पर जस्टिस लिसा गिल के नाम की सिफारिश की है. यह फैसला गुरुवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत की लीडरशिप में हुई कॉलेजियम मीटिंग में लिया गया.
अगर इस प्रस्ताव को भारत के राष्ट्रपति से मंजूरी मिल जाती है तो जस्टिस लिसा गिल आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की पहली महिला चीफ जस्टिस बनकर इतिहास रच देंगी. आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस, जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर का टर्म 24 अप्रैल को खत्म हो जाएगा.
इसे देखते हुए कॉलेजियम ने सिफारिश की है कि जस्टिस लिसा गिल को दो महीने पहले आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाए और जस्टिस ठाकुर के रिटायरमेंट के अगले दिन से उन्हें चीफ जस्टिस अपॉइंट किया जाए.
जस्टिस लिसा गिल अभी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जज के तौर पर काम कर रही हैं, जहाँ वह तीसरी सबसे सीनियर जज हैं. वह चंडीगढ़ की रहने वाली हैं. उन्होंने कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की और गवर्नमेंट विमेंस कॉलेज से ह्यूमैनिटीज में डिग्री ली. बाद में उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी और एलएलएम की डिग्री ली.
उन्होंने 1990 में वकील के तौर पर एनरोल किया और पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अपनी लीगल प्रैक्टिस शुरू की. इन सालों में, उन्होंने यूनियन टेरिटरी चंडीगढ़ और कई पब्लिक सेक्टर बोर्ड और कॉर्पोरेशन को रिप्रेजेंट किया. उन्हें 31 मार्च, 2014 को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का जज अपॉइंट किया गया.
चीफ जस्टिस की नियुक्ति में नई परंपरा
जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति में भी एक नई पॉलिसी शुरू की है. नए सिस्टम के अनुसार कॉलेजियम मौजूदा चीफ जस्टिस के रिटायरमेंट से कम से कम दो महीने पहले उनके उत्तराधिकारी की सिफारिश करेगा.
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक इस पॉलिसी का मकसद ज्यूडिशियल एडमिनिस्ट्रेशन को मजबूत करना और एफिशिएंसी और क्वालिटी में सुधार करना है. इस अरेंजमेंट के तहत भविष्य के चीफ जस्टिस के तौर पर नॉमिनेट किए गए जजों को दो महीने पहले संबंधित हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. इससे उन्हें फॉर्मल तौर पर चार्ज संभालने से पहले कोर्ट के कामकाज से परिचित होने में मदद मिलेगी.
इस नई पॉलिसी के तहत जस्टिस लिसा गिल सबसे पहले आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में जज के तौर पर शामिल होंगी और जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर के रिटायरमेंट के बाद चीफ जस्टिस का पद संभालेंगी. इस बीच ऐसी अटकलें हैं कि जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया का जज बनाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है, तो जस्टिस लिसा गिल तय समय से पहले पद संभाल सकती हैं.

