छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस-प्रशासन पर उठाए सवाल, कहा- स्वतंत्रता दिवस पर मुझसे झंडा फहराने की आजादी छीनी गई
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

Published : August 15, 2026 at 7:30 PM IST
रांची:JPSC-JSSC गड़बड़ी मामले की सीबीआई जांच और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पिछले 15 दिनों से अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का इलाज सदर अस्पताल के HDU में चल रहा है. आज स्वतंत्रता दिवस के दिन वह अस्पताल से धरना स्थल जाकर झंडा फहराना चाहते थे और आज की तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे, लेकिन रांची पुलिस और प्रशासन ने बल पूर्वक उन्हें सदर अस्पताल के तीसरे तल्ले पर स्थित HDU में ही रोक दिया.
तिरंगा फहराने नहीं देने पर उठाए सवाल
इसके बाद HDU के फर्श पर ही लेट कर देवेंद्र नाथ महतो ने प्रशासन के इस व्यवहार का विरोध शुरू कर दिया है. उनके समर्थकों ने एक वीडियो जारी किया है. जिसमें अपने कुछ समर्थक युवाओं की गोद में सिर रखे देवेंद्र नाथ महतो कह रहे हैं कि आज जब भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मना रहा है, तब रांची पुलिस और प्रशासन ने उनसे तिरंगा फहराने की स्वतंत्रता छिन ली. देवेंद्र नाथ महतो कह रहे हैं कि क्यों यहां की सरकार स्वतंत्रता दिवस मनाने और तिरंगा फहराने का नाटक कर रही है.
मौलिक अधिकार के हनन का लगाया आरोप
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि क्या यही आजादी है कि जब हम झारखंड के एजुकेशन सिस्टम को सुधारने के लिए, जेपीएससी-जेएसएससी के भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए और राज्य के छात्र-युवाओं के न्याय के लिए जब पिछले एक महीने से लड़ रहे हैं, शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे हैं, भूख हड़ताल कर रहे हैं तो हमसे हमारा मौलिक अधिकार ही छीन लिया जाए. ऐसा व्यवहार तो अपराधियों के साथ भी नहीं होता है.
सहयोगी का गर्दन दबाने का लगाया आरोप
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि मैंने कल ही डॉक्टरों और प्रशासन के समक्ष अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी कि मुझे 15 अगस्त को झंडा फहराना है और तिरंगा यात्रा में शामिल होना है. कल शाम तक डॉक्टर और प्रशासन के लोग बोले कि आप बिल्कुल झंडा फहराइएगा, लेकिन आज जब मैं तैयार होकर धरना स्थल जाने लगा तो हमारे साथ पुलिस ने न सिर्फ दुर्व्यवहार किया, बल्कि मेरे एक सहयोगी का गर्दन दबाने का भी प्रयास किया.
सरकार और प्रशासन पर उठाए सवाल
अनशनकारी देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आज हम इस सरकार से पूछना चाहते हैं कि क्या यही आजादी है, क्या भगत सिंह, बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर, महात्मा गांधी ने इसी दिन के लिए आजादी दिलाई थी कि देवेंद्र नाथ महतो जैसे लोगों को झंडा फहराने का अधिकार से वंचित कर दिया जाए. देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि हम हॉस्पिटल प्रबंधन से लगातार बोल रहे हैं कि अगर हमारी तबीयत खराब है तो मैं लिख कर दे रहा हूं, मैं यहां अपना इलाज नहीं करना चाहता हूं, मैं अपनी मर्जी से जाना चाहता हूं.
इस दरम्यान अगर मुझे कुछ हो भी जाता है तो उसके लिए अस्पताल प्रबंधन जिम्मेवार नहीं होगा. इसके बावजूद मुझे अपनी मर्जी की जगह पर इलाज कराने, झंडा फहराने, तिरंगा यात्रा में शामिल होने की आजादी छीन ली गई. उन्होंने कहा कि ऐसा व्यवहार तो पेशेवर अपराधियों के साथ नहीं होता है, जैसा व्यवहार उनके साथ हो रहा है.
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