UP-Bihar Bullet Train: दिल्ली से पटना सिर्फ 4.5 घंटे और लखनऊ 2 में, आ गई स्टेशनों की लिस्ट, आपके शहर में रुकेगी या नहीं?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, नया प्रस्तावित बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट दिल्ली से पटना का सफर मात्र 4.5 घंटे में पूरा करना मुमकिन बनाएगा.

Published : September 3, 2026 at 11:43 AM IST
नई दिल्ली: भारत में बुलेट ट्रेन नेटवर्क को लेकर एक बड़ी और ऐतिहासिक योजना सामने आई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि देश का अगला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से दिल्ली से पटना के बीच का सफर सिर्फ 4.5 घंटे में पूरा हो सकेगा, जो अभी करीब 12 से 14 घंटे लेता है.
रेल मंत्री ने ने पालगंज रोड-नानपरा-बहराइच रेल लाइन के उद्घाटन के दौरान इस योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 1,170 किलोमीटर लंबा होगा. यह देश की राजधानी दिल्ली को उत्तर प्रदेश और बिहार के कई बड़े और प्रमुख शहरों से सीधे जोड़ेगा.
इस प्रोजेक्ट के तहत प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का अनुमानित समय इस प्रकार होगा:
- दिल्ली से आगरा (200 किमी): केवल 58 मिनट
- दिल्ली से कानपुर (455 किमी): 1 घंटा 50 मिनट
- दिल्ली से लखनऊ (495 किमी): 2 घंटे 12 मिनट
- दिल्ली से प्रयागराज (750 किमी): 3 घंटे
- दिल्ली से वाराणसी (945 किमी): 3 घंटे 33 मिनट
- दिल्ली से पटना (1,170 किमी): मात्र 4.5 घंटे
आर्थिक और पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
यह कॉरिडोर मुंबई-अहमदाबाद रूट के बाद देश का दूसरा बड़ा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट होगा. इस हाई-स्पीड नेटवर्क से न केवल लाखों आम यात्रियों को समय की बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे. विशेष रूप से आगरा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों में पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.
रफ़्तार का नया दौर
वर्तमान में भारत की सबसे तेज़ ट्रेन 'वंदे भारत' है, जिसकी अधिकतम रफ़्तार लगभग 180 किमी प्रति घंटा है. इसके विपरीत, बुलेट ट्रेन की डिजाइन स्पीड 350 किमी प्रति घंटा और ऑपरेटिंग स्पीड 320 किमी प्रति घंटा होगी. भारत की पहली बुलेट ट्रेन (मुंबई-अहमदाबाद) का पहला सेक्शन (सूरत से वापी) अगस्त 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है.
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी बड़ा कदम (सेमीकॉन 2.0)
रेल मंत्री ने देश के तकनीकी विकास को लेकर एक और बड़ी जानकारी साझा की. 'सेमीकॉन 2.0' पहल के तहत भारत अब 1 लाख नए सेमीकंडक्टर इंजीनियर तैयार करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है. सरकार का उद्देश्य देश में चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च और एडवांस पैकेजिंग का एक मजबूत इकोसिस्टम बनाना है. वैश्विक स्तर पर साल 2032 तक इस क्षेत्र में लगभग 10 लाख कर्मचारियों की कमी होने की संभावना है, जिसे पूरा करने में भारत के इंजीनियर बड़ी भूमिका निभाएंगे.

