कल्याण बिगहा के 'मुन्ना' के सम्मान में झुक गया बिहार, जानें नीतीश की अनकही बातें
कल्याण बिगहा के 'मुन्ना' से बिहार के मुख्यमंत्री बनने वाले नीतीश कुमार की कहानी दिलचस्प है. उन्होंने 10वीं बार सीएम पद की शपथ ली.

Published : November 20, 2025 at 7:42 PM IST
रिपोर्ट: महमूद आलम
नालंदा: देश-दुनिया में ज्ञान की रोशनी फैलाने वाला बिहार का नालंदा आज एक बार फिर इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है. इसी नालंदा की मिट्टी और गांव की तंग गलियों से निकलकर नीतीश कुमार ने अपनी बड़ी और विशिष्ट पहचान बनायी है. खेल-कूदकर में हुए विवादों को पढ़ाई के साथ सुलझाने में आगे रहे 'मुन्ना' यानी नीतीश कुमार ने गुरुवार को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

कल्याण बिगहा में जश्न का माहौल: नीतीश ने जब शपथ ली तो पूरा गांधी मैदान नारों से गूंज उठा लोग नीतीश के सम्मान में खड़े हो गए. उनके इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण के साथ ही उनके पैतृक गांव कल्याण बिगहा में जश्न का माहौल है. गांव के लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशियां मनाईं. ढोल-नगाड़ों के बीच ग्रामीणों के चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था कि उनके गांव का बेटा आज राज्य की कमान 10वीं बार संभाल रहा है.
पिता स्वतंत्रता सेनानी: 1 मार्च 1951 को नालंदा के बख्तियारपुर के कल्याण बिगहा में मुन्ना उर्फ नीतीश कुमार का जन्म हुआ था. नीतीश का जन्म एक स्वतंत्रता सेनानी के घर हुआ था. नीतीश कुमार के पिता स्वतंत्रता सेनानी कविराज राम लखन सिंह (आयुर्वेदिक वैद्य) और मां परमेश्वरी देवी(गृहिणी) थीं. दोनों दंपती अपने बेटे को 'मुन्ना' कहकर पुकारते थे. फिर स्कूल में जाने के बाद मुन्ना का नाम नीतीश कुमार हो गया. नीतीश की पढ़ाई लिखाई गांव के स्कूल से शुरू हुई.

इंजीनियर हैं नीतीश: गांव से पढ़ाई पूरी करने के बाद नीतीश कुमार ने उच्च शिक्षा के लिए बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में नामांकन लिया. 1972 में बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को NIT राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के नाम से जाने लगा है. सीएम नीतीश कुमार यहां से विद्युत अभियांत्रिकी में ग्रेजुएट हुए. पढ़ाई के बाद बिहार राज्य विद्युत बोर्ड में कुछ दिनों के लिए उन्होंने काम भी किया.

नीतीश के करीबी ने क्या कहा?: कल्याण बिगहा गांव निवासी नीतीश कुमार के करीबी शिव मोहन प्रसाद ने पुरानी यादें ताजा की. उन्होंने कहा कि हम उन्हें बहुत बड़े नेता या हस्ती के रूप में नहीं जानते हैं. हम तो गांव के अभिभावक के तौर पर उन्हें जानते हैं. हमारे लिए वह बड़े भाई और गार्जियन की तरह हैं.

"आज भी जब वह गांव आते हैं, तो वैसे ही मिलते हैं. जब वे पहली बार विधायक बने थे, तो हम एक आहर की मरम्मत के लिए उनके पास गए थे. हम आपस में वैसे ही बात करते थे, जैसे गांव के लोग करते हैं. वे थोड़े जिद्दी स्वभाव के थे. कभी-कभी नाराज भी हो जाते थे, लेकिन बात सुनने के बाद काम जरूर पूरा करते थे."- शिव मोहन प्रसाद, सीएम नीतीश के करीबी

बचपन में दोस्तों के बीच के विवाद को सुलझाते थे मुन्ना: नीतीश कुमार के बचपन के साथी और रिश्ते में भाई लगने वाले अवधेश कुमार ने बताया कि बचपन में उन्हें (नीतीश कुमार) सब 'मुन्ना' कहकर बुलाते थे. उन्होंने कहा कि मुन्ना बचपन से ही बहुत तेज थे. उन्हें लड़ाई-झगड़ा बिल्कुल पसंद नहीं था. अगर गांव में कोई लड़ता था, तो वह बीच में आकर सबको शांत कराते थे और विवाद सुलझाते थे.
"नीतीश कुमार ने छठी-सातवीं कक्षा तक की पढ़ाई गांव से ही की, जिसके बाद वे बख्तियारपुर चले गए. उनका स्वभाव शुरू से ही बहुत शांत और सुलझा हुआ रहा है. आज पूरा बिहार उनके स्वभाव को देख रहा है. गांव में आज होली जैसा माहौल है, हम सबकी खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती है."- अवधेश प्रसाद, नीतीश के रिश्ते में भाई
'विकास पर मुहर': ग्रामीणों का कहना है कि नीतीश कुमार की बेदाग छवि, सटीक फैसले और विकास कार्यों ने ही उन्हें आज इस मुकाम पर पहुंचाया है. शिव मोहन प्रसाद कहते हैं कि विकास के बारे में क्या कहना, यह तो पूरा बिहार जानता है. 10वीं बार शपथ लेना यह साबित करता है कि जनता का उन पर कितना भरोसा है.
नीतीश ने कब-कब ली शपथ: नीतीश कुमार सबसे पहले 3 मार्च 2000 को सीएम बने लेकिन सात दिनों के अंदर ही इस्तीफा देना पड़ा. दूसरी बार 24 नवंबर 2005 में मुख्यमंत्री बने और 5 साल का कार्यकाल पूरा किया. तीसरी बार 26 नवंबर 2010 को सीएम पद की शपथ ली.

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद 17 मई 2014 को इस्तीफा दे दिया और अपनी जगह जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया. हालांकि 22 फरवरी 2015 को चौथी बार सीएम पद की शपथ लेकर सत्ता पर काबिज हो गए. उसके बाद से नीतीश लगातार मुख्यमंत्री बने हुए हैं लेकिन पाला बदलने के कारण कई बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेनी पड़ी है.
विधानसभा चुनाव 2015 में जीत के बाद जब महागठबंधन की सरकार बनी तो 20 नवंबर 2015 को उन्होंने पांचवीं बार सीएम पद की शपथ ली. 27 जुलाई 2017 को एनडीए के मुख्यमंत्री के तौर पर छठी बार शपथ ली. 2020 में जीत के बाद 16 नवंबर 2020 को सातवीं बार मुख्यमंत्री बने.
2022 में फिर से महागठबंधन में चले गए और 10 अगस्त को आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वहीं लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एनडीए में लौट गए और 28 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. 10वीं आज यानी 20 नवंबर 2025 को बिहार के सीएम पद की शपथ ली.
2025 में दलगत स्थिति?: 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. एनडीए के खाते में 202 सीटें आई,जिसमें बीजेपी को 89, जेडीयू को 85, एलजेपीआर को 19, हम पार्टी 5 और आरएलएम को 4 सीटें मिली हैं. वहीं महागठबंधन ने 35 सीटों पर कब्जा किया है. आरजेडी को 25, कांग्रेस को 6, सीपीआईएम को एक, सीपीआईएमएल को दो, आईआईपी को 1, बसपा को 1 और एआएमआईएम को 5 सीटें गई हैं.
ये भी पढ़ें
लगातार दो हार के बाद MLA, फिर CM बने तो 7 दिनों में इस्तीफा.. 10वीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार
'अपने वादों और घोषणाओं को पूरा करें..' तेजस्वी यादव ने CM नीतीश कुमार को दी बधाई
नीतीश का हाथ थामा, फिर लहराया गमछा.. शपथ ग्रहण में पीएम मोदी का टशन वायरल हो गया

