'भिंडी' नाम से मशहूर है बिहार का यह गांव, जानिए क्या है इसके पीछे की कहानी?
बिहार का ऐसा गांव जहां के लोगों की पहचान भिंडी है. यहां के लोग सिर्फ भिंडी खाते नहीं बल्कि भिंडी में रहते भी हैं.

Published : December 16, 2025 at 6:27 PM IST
- रिपोर्ट: अमित कुमार
समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर में एक ऐसा गांव है, जिसका नाम सुनकर हैरान हो जाएंगे. सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि 'खाना है या फिर जाना है' जिला मुख्यालय से लगभग 25 किमी दूर इस गांव की पहचान यहां के लोगों के काम से है.
भिंडी ही पहचान: हम बात कर रहे हैं मोरवा प्रखंड स्थित एक बड़ी आबादी वाली पंचायत की. यहां के लोगों के पहचान पत्र, आधार कार्ड पर पंचायत के नाम के आगे 'भिंडी' लिखा होता है. मोरवा प्रखंड में हरपुर भिंडी और बशही भिंडी मशहूर है. यहां के लोग भिंडी ना सिर्फ खाते हैं बल्कि खिलाते भी हैं और भिंडी (गांव) में रहते हैं.
जिधर नजर, उधर भिंडी: हरपुर भिंडी पंचायत के रहने वाले किसान सूर्य नारायण सिंह कहते हैं कि 'अगर भिंडी की खेती देखनी हो तो जनवरी महीने के बाद इस गांव में आइये, जिधर नजर जाएगी, उधर भिंडी की खेती दिखाई देगी.' यहां पूरे फसल में 75 प्रतिशत खेती भिंडी की होती है.
"हमारे यहां 75 प्रतिशत खेती भिंडी की होती है. कई किस्म की भिंडी उगाई जाती है. ज्यादातर हाईब्रिड भिंडी की खेती की जाती है, क्योंकि इसमें मुनाफा ज्यादा है. कम मेहनत में अच्छी पैदावार होती है." -सूर्य नारायण सिंह, किसान, हरपुर भिंडी निवासी
'सदियों से गांव की पहचान': हरपुर भिंडी पंचायत के ही रहने वाले मुकेश कुमार सिंह भी भिंडी की खेती करते हैं. कहते हैं कि इसी से इस पंचायत की पहचान है, हालांकि वे कहते हैं कि यह पंचायत कितनी पुरानी है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन सदियों से इसके नाम के आगे भिंडी लगता रहा है.
"हरपुर भिंडी में सबसे ज्यादा किसान भिंडी की खेती करने वाले हैं. हरी सब्जी में बैंगन, गोभी, मटर आदि की भी खेती होती है, लेकिन भिंडी की खेती सबसे ज्यादा होती है. इसमें 90 प्रतिशत की बचत होती है." -मुकेश कुमार सिंह, हरपुर भिंडी पंचायत

यहां की आबादी 9182: मुकेश कुमार कहते हैं कि यहां कुशवाहा जाती के लोग ज्यादा है, इसलिए सभी सब्जी की खेती करते हैं. यंहा की कुल आबादी करीब 9182 है. परिबार की संख्या करीब साढ़े 1700 के करीब है.
सबसे ज्यादा भिंडी की खेती: गांव के किसान संजय यादव कहते हैं कि यहां के ज्यादातर किसान खेती करते हैं. अलग-अलग सब्जी की खेती होती है, लेकिन सबसे ज्यादा भिंडी की खेती होती है. हरपुर भिंडी और बशही भिंडी को मिलाकर 75-90 फीसदी किसान सिर्फ भिंडी उपजाते हैं
"करीब 1300-1400 किसान भिंडी की खेती करते हैं. कुछ किसान परवल, मूली व तम्बाकू की भी खेती करते हैं. यंहा की मूली भी काफी बेहतर किस्म की होती है. 200 से अधिक बीघा में सलाना भिंडी की खेती होती है." -संजय यादव, किसान

आसपास के जिलों में भिंडी सप्लाई: यह इलाका मुजफ्फरपुर जिला से जुड़ा हुआ है. इसलिए यहां की भिंडी मुजफ्फरपुर सहित वैशाली तक जाती है. उत्तर बिहार में खास स्थान रखने वाली मोतीपुर सब्जी मंडी व अन्य सब्जी मंडी में यंहा की भिंडी सप्लाई की जाती है.
'प्रति बीघा 60-80 क्विंटल उपज': कमलेश राय बताते हैं कि सब्जी मंडी में 'भिंडी गांव की भिंडी' की बोली लगाते सुन सकते हैं, क्योंकि यहं की भिंडी काफी फेमस है. कई किस्म की भिंडी उपजाई जाती है, लेकिन माइको हाईब्रिड किस्म की भिंडी की खेती ज्यादा होती है. हर साल यहां प्रति बीघा 60-80 क्विंटल भिंडी की उपज होती है.
'खेती से ही गांव की पहचान': कमलेश बताते हैं कि भिंडी की खेती से ही यहां के लोगों का परिवार चलता है. अन्य खेती से भी अच्छा मुनाफा होता है. यहां की खेती से ही गांव की पहचान होती है.

"यहां के काफी किसान भिंडी की खेती करते हैं. इसकी खेती से मुनाफा भी होता है. किसानों के लिए मुख्य आमदनी का स्रोत भिंडी की खेती है." -कमलेश राय, किसान
राज्य के अन्य जिलों में भी भिंडी की खेती: बता दें कि भिंडी सिर्फ समस्तीपुर ही नहीं बल्कि मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्णिया समेत कई जिलों की प्रमुख खेती है. परभणी क्रांति, काशी क्रांति, सयाजी संकर भिंडी 2211 जैसी किस्म अच्छा मुनाफा देता है.
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