IIM रांची की छात्रा ने प्रबंधन पर लगाया भेदभाव का आरोप, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष दर्ज करायी शिकायत
IIM रांची की छात्रा ने प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि अनुसूचित जनजाति से आने के कारण उसके साथ भेदभाव किया जाता है.


Published : July 6, 2026 at 8:40 PM IST
रांची: IIM रांची की एक छात्रा ने संस्थान प्रबंधन द्वारा कथित भेदभाव को लेकर अनुसूचित जनजाति आयोग में शिकायत दर्ज कराई है. IIM रांची की PhD स्कॉलर और अनुसूचित जनजाति समुदाय से आने वाली प्रियंका कुजूर ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपने आदिवासी बैकग्राउंड की वजह से IIM मैनेजमेंट से भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है.
अपने माता-पिता के साथ छात्रा सर्किट हाउस पहुंची और IIM रांची मैनेजमेंट के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा से मुलाकात की.
प्रियंका कुजूर ने बताया कि BIT मेसरा से ग्रेजुएट होने के बावजूद, उन्हें अक्सर ताने मारे जाते हैं और कमजोर कहा जाता है. उन्होंने संस्थान में मार्क्स देने में भी भेदभाव का आरोप लगाया. प्रियंका के माता-पिता ने चिंता जताई कि IIM मैनेजमेंट का रवैया उनकी बेटी को डिप्रेशन में धकेल सकता है.
छात्रा की शिकायत सुनने के बाद, डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि वह कल (7 जुलाई) IIM रांची में होने वाली समीक्षा बैठक के दौरान इस शिकायत के बारे में जरूर जानकारी लेंगी. डॉ. लकड़ा ने आदिवासी समुदाय के छात्रों को भरोसा दिलाया कि आयोग उनके साथ कोई अन्याय नहीं होने देगा, चाहे मामला IIM रांची का हो या देश भर के अन्य इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट का.
सदस्य डॉ. आशा लकड़ा की अगुवाई में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की एक टीम अभी रांची में है. आयोग पूरे राज्य से अनुसूचित जनजातियों से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई कर रहा है. आज, रांची सर्किट हाउस में, डॉ. आशा लकड़ा की अगुवाई में आयोग ने 15 मामलों की सुनवाई की. आयोग कल, 7 जुलाई को RIMS और IIM रांची में समीक्षा बैठकें भी करेगा.
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