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धर्म परिवर्तन करने पर मां को अपनाने से बेटे ने किया था इनकार, अब गलती का हुआ अहसास

धर्म परिवर्तन करने पर बेटे ने मां को अपनाने से इनकार किया था. यह मामला गोड्डा से जुड़ा है.

Religion divides mother and son
प्रतीकात्मक तस्वीर. (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 25, 2026 at 7:50 PM IST

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रिपोर्टः रंजीत कुमार राठौड़

गोड्डाः मां और बेटे के बीच मजहब की दीवार का मामला झारखंड के गोड्डा जिला में सामने आया है. जानकारी के अनुसार 20 साल बाद कोलकाता के एक शेल्टर होम में बेटे और मां की मुलाकात हुई. फिर भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, लेकिन आड़े आ गया दोनों का अलग-अलग धर्म. फिर बेटे ने कह दिया कि मां आपने तो दूसरा धर्म अपना लिया है. ऐसे में भला मैं कैसे आपको स्वीकार करूंगा. यह वाक्या जुड़ा है झारखंड के गोड्डा जिला के पोड़ैयाहाट प्रखंड के ग्राम दाहूपगार से.

दरअसल, गोड्डा के दाहूपगार गांव निवासी 33 वर्षीय मदन बेसरा के बचपन में ही उनके पिता राजेंद्र बेसरा की मौत हो गई थी, फिर मां अपने बच्चों को लेकर नानी और मौसी के यहां चली गईं. इसके बाद गरीबी से जूझती मां सुशीला मुर्मू कोलकाता स्थित किसी संस्था से जुड़ गईं और वहीं काम कर गुजर-बसर करने लगीं.

जानकारी देते सुशीला मुर्मू के बेटे और बहू (ETV BHARAT)

धर्म बदलने पर मां को अपनाने से किया था इनकार

इधर, तकरीबन दो दशक बाद सुशीला मुर्मू का छोटा बेटा मदन बेसरा काम की तलाश में कोलकाता पहुंचा तो उसने काफी प्रयास से मां को ढूंढ निकाला और उन्हें घर ले जाने का आश्वासन दिया. कुछ दिनों के बाद मदन बेसरा गोड्डा लौट आया. गोड्डा आने के बाद भी मां-बेटे के बीच फोन पर बातें होने लगी. इसी दौरान एक दिन फोन पर मां से बातचीत के क्रम में मदन बेसरा ने कहा कि मां मैं अब आपको स्वीकार नहीं कर सकता हूं, घर नहीं ले जा सकता हूं, क्योंकि आपका धर्म अलग हो गया है.

जानकारी देते सुशीला मुर्मू के बेटे और बहू (ETV BHARAT)

इस मामले की सच्चाई जानने ईटीवी भारत की टीम गोड्डा के पोड़ैयाहाट प्रखंड स्थित दाहूपगार गांव स्थित मदन बेसरा के घर पहुंची. मदन बेसरा गांव में अपनी पत्नी के साथ किराने की दुकान चलाते हैं. उसे इस बात का अहसास ही नहीं था कि उसने ममता को तार-तार करने वाली बात कही थी.

जानकारी देते संवाददाता रंजीत कुमार राठौड़ (ETV BHARAT)

अब बेटे को अपनी गलती का हुआ अहसास

मदन ने कहा कि वो मां से बहुत प्यार करता है, लेकिन गलती से उन्होंने ऐसी बात कह दी थी. उसे अब गलती का अहसास हो गया है. उसने अपनी मां से भी मोबाइल से बात करवाई. जहां सुशीला मुर्मू ने पूरी कहानी का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ गलतफहमी हो गई थी, लेकिन वह बेटे के साथ रहना चाहती हैं और बेटे ने भी मां को साथ रखने की बात कही. मदन बेसरा ने कहा कि उनसे गलती हो गई है और वह जल्द ही मां के पास जाएगा. साथ ही मदन बेसरा ने यह भी कहा कि मां अपनी मर्जी से जो धर्म मानना चाहे, मान सकती हैं.

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