पत्नी की डिलीवरी के लिए छुट्टी पर आया था जवान, सड़क हादसे में मौत, अगले दिन 'नन्ही परी' का हुआ जन्म
महाराष्ट्र के सातारा तालुक के दो जवान की मौत हो गयी. जिसके बाद पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है. पढ़ें, विस्तार से.


Published : January 11, 2026 at 7:53 PM IST
सातारा (महाराष्ट्र): सातारा तालुका के अरेदरे गांव के सैनिक प्रमोद परशुराम जाधव, जो अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए छुट्टी पर घर आए थे, एक सड़क हादसे का शिकार हो गए. एक अन्य दुखद घटना में, फलटण तालुका के बरड निवासी विकास विठ्ठलराव गावड़े, जो दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र (UN) शांति मिशन पर तैनात थे, वहां शहीद हो गए. इन दोनों घटनाओं से पूरे सातारा जिले में शोक की लहर दौड़ गई है.
मोटरसाइकिल और पिकअप की टक्कर
सातारा तालुका के अरेदरे गांव के सैनिक प्रमोद जाधव की शादी महज एक साल पहले हुई थी. उनकी गर्भवती पत्नी की डिलीवरी के लिए सातारा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके लिए वे आठ दिनों की छुट्टी लेकर घर आए थे. शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे, जब वे वाढे फाटा से सातारा की ओर आ रहे थे, तो पुराने आरटीओ ऑफिस चौक के पास उनकी मोटरसाइकिल की भिड़ंत एक पिकअप ट्रक से हो गई. सड़क पर गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
हृदयविदारक बात यह रही कि रात में सैनिक की एक्सीडेंट में मौत हुई और शनिवार 10 जनवरी की सुबह उनकी पत्नी ने एक नन्ही बच्ची को जन्म दिया. अपनी बेटी का चेहरा देखने के लिए वे इस दुनिया में नहीं रहे. इस दुखद घटना ने पूरे अरेदरे गांव को मातम में डुबो दिया है.

आंसुओं के साथ अंतिम विदाई
मेडिकल औपचारिकताओं के बाद, शनिवार दोपहर को अरेदरे गांव के श्मशान घाट में सैनिक प्रमोद जाधव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. उनकी पत्नी और नवजात बेटी को उन्हें आखिरी विदाई देने के लिए लाया गया था. उस समय उनकी पत्नी की चीख-पुकार और करुण विलाप ने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल दहला दिया.
अरेदरे के ग्रामीणों ने अपने गांव के बेटे को नम आँखों से विदाई दी. इस दुर्घटना का मामला शाहूपुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है और उप-निरीक्षक (PSI) शंकर गायकवाड़ मामले की आगे की जांच कर रहे हैं.

दक्षिण सूडान में विकास गावड़े शहीद
फलटण तालुका के बरड गांव के लाल, विकास गावड़े, अफ्रीकी महाद्वीप के दक्षिण सूडान में शहीद हो गए. वे वहां संयुक्त राष्ट्र (UN) शांति मिशन पर तैनात थे. ग्रामीणों को प्रारंभिक जानकारी मिली है कि वहां एक दुर्घटना के दौरान वे शहीद हुए. शहीद का पार्थिव शरीर सूडान से सीधे मुंबई लाया जाएगा. वहां से बरड गांव लाने के बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
विकास का संक्षिप्त परिचय
विकास गावड़े 115 इंजीनियर रेजिमेंट में नायक (कॉर्पोरल) के पद पर थे. वे दस साल पहले सेना में भर्ती हुए थे. विकास के पिता एक राजमिस्त्री और किसान हैं. उनके परिवार में छोटा भाई, पत्नी और एक दो साल की बेटी है.
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