ETV Bharat / bharat

फिर से आंदोलन की राह पर किसान, SKM की 'मज़दूर-किसान पार्लियामेंट' की प्लानिंग, 10 मार्च से हर राज्य में किसान महापंचायत

इंडिया-यूएस ट्रेड डील के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने पूरे देश में आंदोलन करने का फैसला लिया है.

SKM announces nationwide stir against India US trade deal in Kurukshetra Haryana
फिर से आंदोलन की राह पर किसान (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 24, 2026 at 10:50 PM IST

5 Min Read
Choose ETV Bharat

कुरुक्षेत्र : हरियाणा के कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में संयुक्त किसान मोर्चा की नेशनल लेवल की बैठक हुई जिसमें राकेश टिकैत, जोगिंद्र सिंह उगराहां सहित कई किसान नेता शामिल हुए.

देश में आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा : संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भारत-US ट्रेड एग्रीमेंट और दूसरे ज़रूरी पॉलिसी मुद्दों के खिलाफ पूरे देश में आंदोलन का ऐलान किया है. साथ ही, ये भी बताया कि 9 मार्च को जब बजट सेशन ब्रेक के बाद फिर से शुरू होगा, तो नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'मज़दूर-किसान पार्लियामेंट' का आयोजन किया जाएगा. SKM के मीडिया सेल की तरफ से जारी एक प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, ये फैसला कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में हुई SKM की नेशनल काउंसिल की मीटिंग में लिया गया है.

फिर से आंदोलन की राह पर किसान, जानें किसान नेता राकेश टिकैत ने क्या कहा (Etv Bharat)

मजदूर-किसान पार्लियामेंट आयोजित होगी : मीटिंग में पंजाब, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र और केरल समेत 9 राज्यों के 150 से ज़्यादा रिप्रेजेंटेटिव शामिल हुए. SKM ने कहा कि अगले पार्लियामेंट सेशन के पहले दिन 9 मार्च को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक जॉइंट मज़दूर किसान पार्लियामेंट ऑर्गनाइज़ की जाएगी. मीटिंग में पंजाब, ओडिशा और महाराष्ट्र में किसानों के खिलाफ कथित पुलिस एक्शन की भी निंदा की गई.

10 मार्च से महापंचायतें होंगी : 10 मार्च से 13 अप्रैल तक, मोर्चा पंजाब के बरनाला से शुरू होकर पूरे देश में महापंचायतें करेगा, ताकि प्रस्तावित ट्रेड पैक्ट और केंद्र की दूसरी "कॉर्पोरेट-फ्रेंडली" पॉलिसीज़ के "खतरों" के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके. बयान में कहा गया है कि 23 मार्च को, शहीद दिवस पूरे भारत में एंटी-इंपीरियलिस्ट डे के तौर पर मनाया जाएगा, जिसके लिए डिटेल्ड प्लान राज्य लेवल पर बनाया जाएगा. SKM ने अपनी मांगें दोहराईं, जिनमें इंडिया-US ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन ना करना, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल, सीड बिल और VB GRAM-G एक्ट वापस लेना, चार लेबर कोड रद्द करना और C2+50 परसेंट फ़ॉर्मूले के हिसाब से MSP की कानूनी गारंटी देना शामिल है. साथ ही खेती के लोन माफ़ करने और 2013 के लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन और रिसेटलमेंट (LARR) एक्ट को असरदार तरीके से लागू करने की भी मांग की है. मोर्चा ने कहा कि 9 मार्च तक पूरे देश में गांव-लेवल की मीटिंग होगी.

राष्ट्रपति को पत्र लिखेंगे : किसान लोकल पोस्ट ऑफिस तक मार्च करके भारत के राष्ट्रपति को खुले लेटर भेजेंगे, जिसमें केंद्रीय कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल को हटाने की मांग की जाएगी, प्रधानमंत्री से ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन न करने के लिए कहा जाएगा, और केंद्रीय फाइनेंस मिनिस्टर से गेहूं और धान किसानों के बोनस खत्म करने वाले कथित कम्युनिकेशन को वापस लेने की अपील की जाएगी. 27 फरवरी से, SKM के डेलीगेशन अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विपक्षी नेताओं से मिलेंगे ताकि केंद्र की "पावर के सेंट्रलाइजेशन" का विरोध किया जा सके और GST एक्ट के तहत राज्यों की टैक्स लगाने की पावर को बहाल करने और डिवाइडिबल टैक्स पूल में राज्यों का हिस्सा 33 परसेंट से बढ़ाकर 60 परसेंट करने की मांग की जा सके.

5 सदस्यों की कमेटी बनाई : SKM (नॉन-पॉलिटिकल) के साथ बातचीत करने के लिए पांच सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई, और MSP से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट की बनाई कमेटी के साथ बातचीत करने के लिए 15 सदस्यों का एक पैनल बनाया जाएगा. मीटिंग की अध्यक्षता सात सदस्यों वाले प्रेसिडियम ने की, जिसमें जोगिंदर सिंह उगराहां, राकेश टिकैत, अशोक धावले, आशीष मित्तल, जगमोहन सिंह, राजन क्षीरसागर और जोगिंदर सिंह नैन शामिल थे. इसमें शामिल लोगों ने धर्मशाला परिसर में चौधरी छोटू राम को श्रद्धांजलि भी दी

किसान महापंचायत होंगी : जोगिंद्र सिंह उगराहां ने कहा कि अमेरिका-भारत ट्रेड डील के खिलाफ आंदोलन को लेकर किसानों की तैयारी शुरू हो चुकी है. किसानों को इसके हानिकारक प्रभावों से अवगत करने के लिए सभी राज्यों में किसान महापंचायत होगी जिसकी शुरुआत 10 मार्च को बरनाला से शुरू होगी जो 13 अप्रैल तक अलग अलग राज्यों में होगी.

किसानों की वैचारिक क्रांति शुरू : सीनियर किसान नेता राकेश टिकैत ने यहां मीटिंग को संबोधित करते हुए केंद्र की ट्रेड और विदेश पॉलिसी की आलोचना की. इस दौरान राकेश टिकैत ने कहा कि ट्रेड डील से ना केवल किसानों को नुकसान होगा बल्कि मजदूर ओर दुकानदार को भी इसका नुकसान उठाना होगा. उन्होंने कहा कि किसानों की वैचारिक क्रांति शुरू हो चुकी है. उन्होनें कहा कि जो हमारे मित्र देश है हमें उनसे सम्बन्ध ठीक रखने होंगे.

हरियाणा समेत देश की ताजा ख़बरें पढ़ने के लिए ईटीवी भारत ऐप डाउनलोड करें. यहां आपको मिलेंगी तमाम बड़ी ख़बरें, हर बड़ा अपडेट, वो भी सबसे सटीक और डिटेल एनालिसिस के साथ - Download App

ये भी पढ़ें : सोनीपत में महिला की मौत के बाद शव को रौंदती रही गाड़ियां, सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई दिल दहला देने वाली तस्वीर

ये भी पढ़ें : "भाई की जान बचाने के लिए लाखों रुपए का कर्ज लिया, चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश हो गई", सोनीपत में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

ये भी पढ़ें : कैथल में हेड कॉन्स्टेबल के फेसबुक पोस्ट से हड़कंप, लिखा- DSP ने नशे के केस में फंसाने की धमकी दी, SP ने बैठाई जांच