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गैंगस्टर विनय त्यागी मर्डर, शूटरों की नाराजगी या फिर पर्दे के पीछे कोई बड़ी साजिश, SIT खोलेगी राज

कुख्यात विनय त्यागी हत्याकांड में कई ऐसे अनसुलझे सवाल है, जिनकी परतें शायद SIT जांच में खुल पाएंगी.

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गैंगस्टर विनय त्यागी मर्डर (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 1, 2026 at 8:21 PM IST

8 Min Read
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किरणकांत शर्मा

देहरादून: उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशों में कुख्यात विनय त्यागी को बीती 24 दिसंबर को बदमाशों ने दिनदहाड़े पुलिस हिरासत में गोली मारी थी. गोली लगने के करीब तीन दिन विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में उपचार के दौरान मौत हो गई थी. विनय त्यागी हत्याकांड को लेकर अब कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. विनय त्यागी की बहन सीमा त्यागी ने इस हत्याकांड के पीछे 750 करोड़ रुपए की ब्लैक मनी भी बताई थी, जिसका राज विनय त्यागी जानता था. इसलिए इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया था. SIT की जांच कहा तक पहुंची, उसी के बारे में विस्तार से बताते हैं.

SIT अपनी जांच में किन बिंदुओं को शामिल किया है? 750 करोड़ रुपए की ब्लैक मनी का सच क्या है? विनय त्यागी हत्याकांड में जिन दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, उनकी थ्योरी पर पुलिस को कितना विश्वास है? और पुलिस की जांच में वो थ्योरी कितनी सटीक बैठ रही हैं? इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए ईटीवी भारत ने एसआईटी इंचार्ज शिशुपाल नेगी से बात की.

कौन था विनय त्यागी: विनय त्यागी महज एक अपराधी नहीं बल्कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा सहित कई राज्यों में सक्रिय एक कुख्यात गैंगस्टर था. उसके खिलाफ 40 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें फिरौती, डकैती, रंगदारी, अवैध वसूली और हथियारों से जुड़े संगीन अपराध शामिल थे.

gangster Vinay Tyagi
कुख्यात विनय त्यागी की गोली मारकर हत्या की गई थी. (ETV Bharat)

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह लंबे समय से जेल में बंद था. हाल ही में उसे देहरादून से हरिद्वार जेल शिफ्ट किया गया था. 24 दिसंबर को पुलिस एक मामले में विनय त्यागी को हरिद्वार के लक्सर कोर्ट में पेशी पर ले जा रही थी, तभी लक्सर फ्लाईओवर पर पुलिस की गाड़ी जाम में फंस गई. इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी में बैठे विनय त्यागी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे. वहीं विनय त्यागी भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी बाद में उपचार के दौरान एम्स ऋषिकेश में मौत हो गई थी.

हमले के दूसरे ही दिन 25 दिसंबर को हरिद्वार पुलिस ने दोनों आरोपियों को बिजनौर हाईवे से गिरफ्तार किया. पुलिस ने बताया कि सन्नी यादव उर्फ शेरा (28 वर्षीय) इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी है. उसके साथ ही अजय सैनी (24 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया गया. दोनों आरोपी अपराधी हैं और काशीपुर के रहने वाले हैं. दोनों के ऊपर कई मामले दर्ज हैं.

विनय त्यागी के साथ ही दफ्न हो गए कई राज: जिंदा होते हुए विनय त्यागी उतना चर्चाओं में नहीं था, लेकिन मर्डर के बाद विनय त्यागी की हर जगह चर्चा हो रही है. पुलिस पर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर कैसे दिनदहाड़े पुलिस सुरक्षा में गैंगस्टर को बदमाशों ने गोली मारी. बताया जा रहा है कि विनय त्यागी कई अपराधियों के बड़े राज जानता था, वो राज बाहर न आएं इसलिए विनय त्यागी की हत्या कराई गई है. ऐसे में अब कहा जा रहा है कि विनय त्यागी की मौत के साथ ही वो राज भी दफ्न हो गए, जो कई लोगों को हिला सकते थे. SIT उनकी राज की परतें खोलने में लगी हुई है.

शिशुपाल नेगी को विनय त्यागी हत्याकांड के लिए गठित की गई SIT का प्रभारी बनाया गया है. ईटीवी भारत से बातचीत SIT प्रभारी शिशुपाल नेगी ने बताया कि विनय त्यागी हत्याकांड की जांच कई एंगल की जा रही है. कोर्ट से आरोपियों की रिमांड मिलने के बाद पूछताछ और तेज की जाएगी.

रुपए का विवाद बना हत्या की वजह? SIT जांच में अब तक जो सबसे अहम बात सामने आई है, उसके आधार पर अभी तक ये ही कहा जा सकता है कि विनय त्यागी की हत्या रुपयों के विवाद में हुई है. जांच अधिकारियों के मुताबिक, जिन दो शूटरों ने विनय त्यागी की हत्या की है, उन्होंने लंबे समय तक विनय त्यागी के लिए काम किया है. दोनों आरोपी, विनय त्यागी के साथ फिरौती, वसूली, डकैती और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं, फिर भी बदले में विनय त्यागी ने दोनों आरोपियों को कुछ नहीं दिया था.

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पुलिस गिरफ्त में दोनों आरोपी. (ETV Bharat)

आरोपियों का विनय त्यागी पर 20 से 22 लाख रुपए बकाया था: पुलिस का दावा है कि विनय त्यागी के पास आरोपियों का करीब 20 से 22 लाख रुपये बकाया था. आरोपी जब भी विनय त्यागी से अपना हिस्सा में मांगते तो वो हर बार टालमटोल कर देता था. इसलिए दोनों शूटरों ने विनय त्यागी को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली. काफी समय से दोनों शूटर विनय त्यागी की रेकी कर रहे थे. जैसे ही दोनों शूटरों को मौका मिला, उन्होंने विनय त्यागी को गोली मार दी.

दोनों आरोपी क्या कोई बड़ा नेटवर्क? पुलिस ने भले ही विनय त्यागी के हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया हो, लेकिन अभी तक उनके पास से वो हथियार बरामद नहीं कर पाई, जिसे विनय त्यागी को गोली मारी गई थी. SIT का बड़ा फोकस उस हथियार (पिस्टल) को ढूंढना भी है.

SIT प्रभारी शिशुपाल नेगी ने बताया कि,

आरोपियों के पास हथियार से कहां से आया था और वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने उसे कहां ठिकाने लगाया, इसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. इसके अलावा इस हत्याकांड में कोई और व्यक्ति या गिरोह तो शामिल नहीं है, उसकी भी जांच की जा रही है. कहीं किसी ने पर्दे के पीछे से तो विनय त्यागी की हत्या की साजिश नहीं रची, इसका पता करने के लिए पुलिस आरोपियों को रिकॉर्ड खंगालने में लगी हुई है. विनय त्यागी की हत्या से पहले आरोपी किस के संपर्क में थे, उसकी छानबीन चल रही है. वहीं ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का भी फोन रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं.
- शिशुपाल नेगी, SIT प्रभारी -

बहन का बड़ा आरोप: हालांकि, विनय त्यागी की बहन सीमा त्यागी इस मामले में एक अलग एंगल भी सामने लाई है. सीमा ने ये आरोप लगाए हैं कि 750 करोड़ रुपयों के कारण उसके भाई की हत्या हुई. ये पैसे किसी ठेकेदार के हैं जो एक देहरादून निवासी डॉक्टर के पास रखे हुए हैं. सीमा का कहना था कि विनय इस रकम की जानकारी ईडी को देना चाहता था. वही ठेकेदार इस हत्या के पीछे है. ठेकेदार ने डॉक्टर के जरिए विनय को चोरी के आरोप में झूठे केस कर जेल भिजवाया. फिर देहरादून से रुड़की जेल शिफ्ट करने के लिए भी फर्जी कागजात भी तैयार किए गए. दो दिन बाद लक्सर में ये हमला कर दिया गया.

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24 दिसंबर को विनय त्यागी को दो लोगों ने मारी थी गोली. (ETV Bharat)

हालांकि, पुलिस ये भी साफ कर चुकी है कि अगर जरूरत पड़ी तो विनय त्यागी के परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जाएगी. परिवार की ओर से सामने आ रही बातों को जांच में शामिल किया जा सकता है, जिससे किसी भी संभावित साजिश को नजरअंदाज न किया जाए.

दूसरे राज्यों की एजेंसियां भी अलर्ट: विनय त्यागी का आपराधिक नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था. ऐसे में उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा की पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां भी इस केस पर नजर बनाए हुए हैं. SIT प्रभारी के मुताबिक, अन्य राज्यों में चल रही पुरानी जांचों से भी इनपुट लिया जा रहा है, ताकि हत्या के पीछे का पूरा नेटवर्क उजागर किया जा सके.

कोर्ट खुलने का इंतजार, फिर तेज होगी कार्रवाई: फिलहाल पुलिस कोर्ट खुलने का इंतजार कर रही है. जैसे ही रिमांड की अनुमति मिलेगी SIT आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी. हत्या के पीछे छिपे हर पहलू को सामने लाने का प्रयास करेगी.

गैंगस्टर विनय त्यागी की हत्या सिर्फ दो शूटरों की नाराजगी का नतीजा है या इसके पीछे किसी बड़े अपराध सिंडिकेट की साजिश. यह आने वाले दिनों में साफ होगा. लेकिन इतना तय है कि यह हत्याकांड उत्तराखंड में संगठित अपराध की जड़ों और जेल से चल रहे नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े करता है. अब सबकी निगाहें SIT की जांच पर टिकी हैं जो इस सनसनीखेज हत्याकांड की असली कहानी सामने लाएगी.

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