ममता की हार के पीछे सत्ता-विरोधी लहर और SIR, बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर बोले सिद्धारमैया
सिद्धारमैया ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनाव परिणाम का जिक्र करते हुए कहा कि, कांग्रेस 2028 में जीत हासिल करेगी.

Published : May 5, 2026 at 6:30 PM IST
बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर बात की है. उन्होंने कहा कि, पश्चिम बंगाल में सत्ता विरोधी लहर कराए गए एसआईआर यानी की स्पेशल इंटेसिव रिविजन (विशेष गहन पुनरीक्षण) की वजह से ममता बनर्जी की हार हुई है.
साथ ही उन्होंने श्रृंगेरी में वोटों की गिनती के विवाद और 2028 में कांग्रेस की संभावनाओं पर बात की. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि, राज्य में नतीजे उम्मीद से ज़्यादा थे. उन्होंने कहा कि विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.
उन्होंने कहा, "हम 2028 का चुनाव भी जीतेंगे." मुख्यमंत्री ने श्रृंगेरी विधानसभा सीट पर वोटों की गिनती के विवाद का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार राजे गौड़ा ने असल में 2023 का चुनाव 201 वोटों से जीता था, उन्हें 59,171 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के जीवराज को 58,970 वोट मिले थे.
सिद्धारमैया ने कहा, इनमें से राजे गौड़ा को ईवीएम से 58,602 वोट और पोस्टल बैलेट से 569 वोट मिले, जबकि जीवराज को ईवीएम से 58,278 वोट और पोस्टल बैलेट से 692 वोट मिले. उन्होंने कहा, "एजेंटों के नतीजों पर साइन करने के बाद इन सभी को वैलिड घोषित कर दिया गया." जीवराज की याचिका के बाद, हाई कोर्ट ने 6 मार्च, 2026 को दोबारा गिनती का आदेश दिया.
सिद्धारमैया ने दोबारा गिनती के आंकड़ों में बड़ी गड़बड़ियों का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "यह पाया गया कि राजे गौड़ा के सिर्फ 314 वोट ही पात्र थे, और 255 को अयोग्य घोषित किया गया. जीवराज को 690 वोट मिले... यह वोट डकैती है." उन्होंने भाजपा पर बैलेट पेपर बदलने की "आपराधिक साजिश" का आरोप लगाया.
उन्होंने सवाल किया कि अगर वोट सच में अमान्य थे, तो पहले कोई आपत्ति क्यों नहीं उठाया गया. उन्होंने पार्टी एजेंट सुधीर कुमार मरोली का जिक्र करते हुए पूछा, "2023 में सभी एजेंट्स के साइन किया हुआ एक डॉक्यूमेंट है. तब किसी ने आपत्ति क्यों नहीं किया." मुख्यमंत्री ने चुनाव अधिकारियों के बर्ताव पर भी चिंता जताई.
उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक ने कथित तौर पर चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा, "ऑब्जर्वर से इजाज़त के बाद ही नतीजे घोषित किए जाने चाहिए थे. इसके बजाय, अधिकारियों ने जल्दबाजी में काम किया.
उन्होंने कहा कि, इसके लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पोस्टल बैलेट की फोरेंसिक जांच होनी चाहिए. इसी तरह की बातें बताते हुए, सिद्धारमैया ने ‘चिलुमे’ विवाद का जिक्र किया, जिसमें पहले वोटर लिस्ट में हेरफेर करने की कोशिशों का आरोप लगाया गया था.
उन्होंने कहा, "जो लोग निष्पक्ष चुनाव में विश्वास नहीं करते, वे ऐसी हरकतें करने से नहीं हिचकिचाएंगे." राजे गौड़ा की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है, और मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच की मांग की है.
राज्य में हाल ही में हुए उपचुनावों पर, उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवारों ने बागलकोट और दावणगेरे में जीत हासिल की है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने अब लगातार तीन उपचुनावों में जीत हासिल की है. उन्होंने कहा, "लोगों ने हमारे कार्यक्रम की तारीफ की है और हम पर भरोसा किया है." उन्होंने नतीजों का श्रेय सरकार की गारंटी स्कीम को दिया. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी उन इलाकों की समीक्षा करेगी जहां उसे वोटों का नुकसान हुआ हो, जिसमें कुछ हिस्सों में SDPI का प्रदर्शन भी शामिल है.
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