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SIR: गणना प्रपत्र वितरण में बंगाल फिर हुआ फेल, नहीं बंट सके 22 लाख फॉर्म

पश्चिम बंगाल में एसआईआर के पहले चरण में गणना प्रपत्रों के वितरण का काम पूरा नहीं हो सका है.

SIR in Bengal
बंगाल में नहीं बंट सके SIR के 22 लाख फॉर्म. (IANS)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : November 15, 2025 at 12:18 PM IST

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तीन-चरणीय विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण, गणना प्रपत्रों के वितरण की समय सीमा फिर चूक गई है, क्योंकि अभी 22 लाख गणना प्रपत्र वितरित किए जाने बाकी हैं.

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार शाम 6 बजे तक राज्य में लगभग 7.45 करोड़ गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके थे. यह आंकड़ा 27 अक्टूबर तक मतदाता सूची के अनुसार पश्चिम बंगाल के कुल 7,66,37,529 मतदाताओं का लगभग 97 प्रतिशत है.

गणना प्रपत्रों के वितरण की प्रारंभिक अंतिम तिथि 11 नवंबर थी, लेकिन उस समय लगभग 15 प्रतिशत मतदाता इन्हें प्राप्त नहीं कर पाए थे. इसके बाद, गणना प्रपत्रों के वितरण की प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 14 नवंबर निर्धारित की गई. गणना प्रपत्रों के वितरण के पूरा होने का अर्थ पश्चिम बंगाल में तीन-चरणीय एसआईआर प्रक्रिया के पहले चरण का समापन भी होगा.

सीईओ कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि राज्य में लगभग 60 लाख मतदाताओं की पहचान "अज्ञात" के रूप में की जा चुकी है. इसका अर्थ है कि बूथ-स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) सीधे गणना फॉर्म वितरित नहीं कर सकते. ऐसे मामलों में, ऐसे मतदाताओं के घरों के मुख्य द्वारों पर नोटिस चिपका दिए गए हैं. इसमें उन्हें एक निश्चित तिथि के भीतर संबंधित बीएलओ से संपर्क करने के लिए कहा गया है.

जो मतदाता निर्दिष्ट तिथियों तक बीएलओ से संपर्क नहीं करते हैं, उन्हें "अज्ञात" के रूप में चिह्नित किया गया है. पश्चिम बंगाल में तीन-चरणीय एसआईआर का पहला चरण 4 नवंबर को शुरू हुआ. पूरी प्रक्रिया अगले साल मार्च तक पूरी होने की उम्मीद है. पश्चिम बंगाल में आखिरी बार एसआईआर 2002 में आयोजित की गई थी. जिन मतदाताओं के नाम या उनके माता-पिता के नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं थे, उन्हें मतदाता सूची में अपना नाम बनाए रखने के लिए भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा निर्दिष्ट 11 दस्तावेजों में से कोई भी जमा करना होगा.

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