'तेजस्वी ने मुझे उपाध्यक्ष से हटाया, लालू यादव धृतराष्ट्र की तरह..' शिवानंद तिवारी ने खोला मोर्चा
बिहार चुनाव में हार के बाद आरजेडी में सिर फुटव्वल जारी है. रोहिणी आचार्य के बाद अब शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव पर हमला बोला.

Published : November 16, 2025 at 5:53 PM IST
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल की करारी हार हुई है. परिणाम आने के बाद पार्टी और परिवार में सिर फुटव्वल शुरू हो गया है. परिवार में जहां रोहिणी आचार्य ने मोर्चा खोल दिया है, वहीं पार्टी में वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी मुखर होते दिख रहे हैं.
शिवानंद ने खोला मोर्चा: शिवानंद तिवारी ने अपना दर्द जाहिर करते हुए तेजस्वी यादव पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि तेजस्वी ने मुझे न सिर्फ उपाध्यक्ष से हटाया, बल्कि कार्यकारिणी में भी जगह नहीं दी. अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लालू यादव की तुलना 'धृतराष्ट्र' से की है.
लालू के साथ की यादें साझा की: शिवानंद तिवारी ने फेसबुक पर लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा है. उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए लिखा, 'बिहार आंदोलन के दौरान लालू यादव और मैं फुलवारी शरीफ जेल के एक ही कमरे में बंद थे. लालू यादव उस आंदोलन का बड़ा चेहरा थे लेकिन उनकी आकांक्षा बहुत छोटी थी. रात में भोजन के बाद सोने के लिए जब हम अपनी अपनी चौकी पर लेटे थे, तब लालू यादव ने अपने भविष्य के सपने को मुझसे साझा किया था.'

अतीत की बात हो गई: शिवानंद तिवारी ने लिखा कि लालू ने मुझसे कहा था, 'बाबा, मैं राम लखन सिंह यादव जैसा नेता बनना चाहता हूं' शिवानंद आगे कहते हैं कि लगता है कि कभी कभी-ऊपर वाला शायद सुन लेता है. आज दिखाई दे रहा है कि उनकी वह इच्छा पूरी हो गई है. संपूर्ण परिवार ने जोर लगाया. उनकी पार्टी के मात्र 25 विधायक ही जीते. मन में यह सवाल उठ सकता है कि मैं तो स्वयं उस पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष था. उसके बाद ऐसी बात मैं क्यों कह रहा हूं. मैं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष था. यह अतीत की बात हो गई.

तेजस्वी यादव पर भड़के शिवानंद तिवारी: वे लिखते हैं, 'तेजस्वी ने मुझे न सिर्फ उपाध्यक्ष से हटाया बल्कि कार्यकारिणी में भी जगह नहीं दी. ऐसा क्यों? क्योंकि मैं कह रहा था कि मतदाता सूची का सघन पुनर्निरीक्षण लोकतंत्र के विरूद्ध साजिश है. इसके खिलाफ राहुल गांधी के साथ सड़क पर उतरो. संघर्ष करो. पुलिस की मार खाओ. जेल जाओ लेकिन वह तो सपनों की दुनिया में मुख्यमंत्री का शपथ ले रहा था. उसको झकझोर कर उसके सपनों में मैं विघ्न डाल रहा था. लालू यादव धृतराष्ट्र की तरह बेटे के लिए राज सिंहासन को गर्म कर रहे थे. अब मैं मुक्त हो चुका हूं. फुरसत पा चुका हूं. अब कहानियां सुनाता रहूंगा.'

बेटे को मिली शिकस्त: शिवानंद तिवारी के बेटे राहुल तिवारी भी इस बार विधानसभा का चुनाव हार चुके हैं. वह भोजपुर जिले की शाहपुर विधानसभा सीट से आरजेडी के कैंडिडेट थे. उनको बीजेपी के राकेश ओझा के हाथों 15225 वोटों से हार का सामना करना पड़ा. 2020 चुनाव में राहुल तिवारी विजयी रहे थे.
आरजेडी की करारी हार: 2025 विधानसभा चुनाव में आरजेडी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. 143 में लड़ने के बावजूद महज 25 सीटों पर जीत मिली है. 2010 के बाद ये पार्टी का सबसे खराब प्रदर्शन है. उस चुनाव में 22 सीटों पर जीत मिली थी.
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