ETV Bharat / bharat

AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन मामला: यूथ कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी को 24 मार्च तक की मिली अंतरिम जमानत

इससे पहले कोर्ट ने गुरुवार को कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था.

AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन मामला
AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन मामला (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Delhi Team

Published : February 27, 2026 at 8:39 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

नई दिल्ली: पटियाला हाउस कोर्ट ने भारत मंडपम में एआई समिट में 20 फरवरी को शर्टलेस प्रदर्शन करने के मामले में यूथ कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी को 24 मार्च तक की अंतरिम जमानत दे दी है. एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा ने ये आदेश दिया. कोर्ट ने निगम भंडारी को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है. इससे पहले कोर्ट ने 26 फरवरी को अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. मामले में 24 फरवरी को कोर्ट ने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को चार दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि वो चिब को एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराएं.

कोर्ट ने 25 फरवरी को इस मामले में गिरफ्तार चार यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस हिरासत चार दिन और बढ़ा दी थी. चारों आरोपियों को 20 फरवरी को दोपहर में प्रगति मैदान के भारत मंडपम में प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तार किया गया था. दिल्ली पुलिस ने जिन चार यूथ कांग्रेस प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था उनमें कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव शामिल हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इनकी गिरफ्तारी के पहले पुलिस से हाथापाई भी हुई जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. प्रदर्शनकारियों ने पहले तो काला छाता और छपे हए स्टिकर लेकर एआई समिट के स्थल पर प्रवेश करने की योजना बनाई थी, लेकिन पकड़े जाने के डर से इन प्रदर्शनकारियों ने अपनी योजना में बदलाव किया और टीशर्ट पहनकर आए, जिसमें प्रिंटेड मैसेज था. टीशर्ट के ऊपर इन प्रदर्शनकारियों ने स्वेटर और जैकेट पहन रखे थे. बाद में भारत मंडपम के हॉल नंबर पांच पहुंचकर ये प्रदर्शनकारी टीशर्ट उतार कर उसे हवा में लहराने लगे.

बता दें कि, 26 फरवरी को कोर्ट ने इस प्रदर्शन के मामले में हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं सौरभ, अरबाज और सिद्धार्थ को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया था. दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि इसकी साजिश कैसे रची गई. दिल्ली पुलिस प्रिंटेड स्टिकर और उसके स्रोत की जांच कर रही है.