देहरादून से शिमला तक रिश्तों के कत्ल की दो खौफनाक कहानियां, राजधानियों में खून से दागदार हुए पारिवारिक रिश्ते
देहरादून में भाई ने किया भाई का मर्डर तो शिमला में भी भाई पर बहन की हत्या करवाने का आरोप, पढ़िए किरनकांत शर्मा की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : June 15, 2026 at 4:33 PM IST
देहरादून: पहाड़ी राज्य उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमाएं एक-दूसरे से मिलती हैं. प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए पहचाने जाने वाले इन दोनों राज्यों की राजधानियां इन दिनों दो ऐसे सनसनीखेज हत्याकांडों को लेकर चर्चा में हैं, जिन्होंने पारिवारिक रिश्तों की नींव तक को झकझोर दिया है.
एक ओर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में छोटे भाई ने अपने बड़े भाई को मौत के घाट उतार दिया, तो दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक महिला स्कूल संचालिका की हत्या के पीछे भी उसके सगे भाई पर शक की सुई घूम रही है. दोनों मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर संपत्ति, पैसे और व्यक्तिगत स्वार्थ के आगे रिश्तों की अहमियत क्यों लगातार कम होती जा रही है?
देहरादून में 10 घंटे के भीतर खुला भाई की हत्या का राज: देहरादून के पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के भुड्डी गांव में हुई हत्या की वारदात ने पुलिस को शुरुआती तौर पर एक सुनियोजित आपराधिक हमला प्रतीत कराया था. बीती 14 जून की रात सूचना मिली थी कि अज्ञात हमलावर घर में घुसा और वकील सोहेल हारून को गोली मारकर फरार हो गया.
परिजन और स्थानीय लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर अलग-अलग पुलिस और एसओजी टीमों का गठन किया गया, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे कहानी में ऐसे मोड़ आते गए, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम को पलटकर रख दिया.

सीसीटीवी और बाथरूम में छिपी पिस्टल ने खोल दिया राज: पुलिस ने मृतक सोहेल के घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की, तो सामने आया कि घर के कैमरे चालू तो थे, लेकिन उनकी रिकॉर्डिंग जानबूझकर डिलीट कर दी गई थी. वहीं, आसपास के कैमरों में घटना के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति के घर में प्रवेश करने का कोई साक्ष्य नहीं मिला.
इसी बीच घर के बाथरूम से एक 32 बोर की देसी पिस्टल बरामद हुई. जब पुलिस ने मृतक के छोटे भाई शाहिद हारून से इस हथियार के बारे में पूछताछ की, तो वो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया. बढ़ते संदेह के बीच उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और आखिरकार उसने अपने ही भाई सोहेल की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया.

नशा, फिजूलखर्ची और 10 लाख रुपए ने पैदा की खूनी की दरार: पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी शाहिद नशे का आदी था और महंगे शौक पूरे करने के लिए अक्सर परिवार से पैसे मांगता रहता था. उसका बड़ा भाई सोहेल उसकी इन आदतों का विरोध करता था और उसे बार-बार समझाने के साथ कई बार डांट-फटकार भी लगाता था.
मामले ने गंभीर रूप तब लिया, जब माता-पिता के हज पर जाने के दौरान शाहिद ने कथित तौर पर पिता का एटीएम कार्ड चोरी कर करीब 10 लाख रुपए निकाल लिए. उन्हें अपनी अय्याशियों पर खर्च कर दिया. जब ये बात सोहेल को पता चली, तो दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ और मारपीट तक की नौबत आ गई. इसी घटना ने शाहिद के मन में प्रतिशोध की आग भर दी.

दो दिन पहले रची गई हत्या की साजिश: पुलिस जांच में ये भी खुलासा हुआ कि शाहिद ने हत्या का फैसला अचानक नहीं लिया था. बल्कि, उसने इसके लिए बाकायदा तैयारी की थी. उसने दो दिन पहले ही घर के सभी कैमरों की रिकॉर्डिंग बंद कर केवल लाइव मोड चालू रखा. ताकि, कोई सबूत न बच सके.
तय योजना के अनुसार, बीती 14 जून की रात उसने देसी पिस्टल से अपने बड़े भाई सोहेल को गोली मार दी. हत्या के बाद हथियार को बाथरूम में छिपा दिया और खुद को निर्दोष साबित करने के लिए अज्ञात हमलावरों की कहानी गढ़ दी.
शव को हाईवे पर रखकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश: हत्या के बाद शाहिद ने पुलिस को ही नहीं बल्कि, अपने परिजनों और गांव वालों को भी गुमराह किया. उसने लोगों को बताया कि अज्ञात बदमाशों ने उसके भाई की हत्या की है. इसके बाद उसने लोगों को उकसाकर देहरादून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगाने की रणनीति बनाई.
पुलिस के मुताबिक, इसका मकसद जांच को दूसरी दिशा में मोड़ना और खुद को पीड़ित के रूप में पेश करना था. इस हाईवे जाम से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. पुलिस ने इस मामले में आरोपी शाहिद समेत अन्य नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किया है. जबकि, आरोपी भाई साहिल को गिरफ्तार कर लिया है.

शिमला में स्कूल संचालिका की हत्या, भाई पर उठे सवाल: देहरादून की तरह ही हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला भी एक सनसनीखेज पारिवारिक विवाद से जुड़ी हत्या के कारण सुर्खियों में है. संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की 13 जून 2026 शनिवार शाम स्कूल गेट के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो दो नकाबपोश युवक स्कूल के बाहर मौजूद थे और उन्होंने मनीषा पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच की. इस मामले में दो शूटरों को गिरफ्तार किया गया है.
मौत से पहले वीडियो में जताया था भाई से खतरा: मनीषा मित्तल की हत्या के बाद उनका एक पुराना वीडियो भी सामने आया है, जिसने मामले को और भी गंभीर बना दिया है. वीडियो में मनीषा अपने कुछ परिवारजनों और उनके कारोबारी साझेदार से जान का खतरा होने की बात कही थी. वीडियो में मनीषा ने अपने भाई हिमांक मित्तल और उसके पार्टनर गोविंद से खतरा होने का दावा किया था.

उन्होंने आरोप लगाया था कि स्कूल और पारिवारिक संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. मनीषा ने अप्रैल महीने में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भी परिवार के कुछ सदस्यों पर उनके हिस्से की संपत्ति हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया था. मनीषा ने तब कहा था कि यह स्कूल उनके पिता द्वारा शुरू किया गया है.
पिता की मृत्यु के बाद, भाई और परिवार के करीबी सदस्य स्कूल की संपत्ति और मालिकाना हक में उनका जायज हिस्सा देने से रोक रहे हैं. उन्होंने इस विवाद के कारण अपनी जान को खतरा बताया था. यही वजह है कि हत्या के बाद संदेह की सुई भी सीधे उनके अपनों की ओर घूम रही है.

वीडियो में मनीषा कहती हैं,
पुलिस को मैंने फोन किया, तो पुलिस कहती है कि जब लड़ाई-झगड़ा होगा तब हम आ जाएंगे. क्या यह तब मेरी मदद करेंगे, जब मुझे मार देंगे? मैं यहां अपनी बेटी के साथ अकेली हूं. मैंने एसपी सर को भी फोन किया.
पति ने लगाए गंभीर आरोप, जांच के लिए रोहतक पहुंची पुलिस: वहीं, मनीषा मित्तल के पति डॉ. सुभाष ने भी दावा किया है कि साल 2021 से प्रॉपर्टी विवाद के चलते भाई ने ही साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची. मामले की तह तक पहुंचने के लिए शिमला पुलिस की टीम रोहतक पहुंची और संदिग्धों से पूछताछ की.
दो शूटर गिरफ्तार: वहीं, स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. वारदात के करीब 40 घंटे के भीतर पुलिस ने हत्या में शामिल दोनों आरोपियों को हरियाणा के रोहतक से दबोचा है. जिन्हें पुलिस शिमला लेकर आ रही है. मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा.
दो राजधानियां, दो हत्याएं और एक जैसी कहानी: देहरादून और शिमला के दोनों मामलों में कई समानताएं दिखाई देती हैं. दोनों घटनाओं का केंद्र पारिवारिक विवाद हैं. दोनों मामलों में मृतकों के करीबी रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगे हैं. एक मामले में भाई ने हत्या कबूल कर ली है, जबकि दूसरे मामले में अभी दो शूटर गिरफ्तार हुए हैं.
इन घटनाओं ने एक बार फिर यह दिखाया है कि जब संपत्ति, पैसे और निजी हित रिश्तों पर हावी हो जाते हैं, तो खून के रिश्ते भी खून के प्यासे बन जाते हैं. फिलहाल, देहरादून पुलिस ने वकील सोहेल मामले का खुलासा कर आरोपी को जेल पहुंचा दिया है. जबकि, शिमला पुलिस अभी इस रहस्यमयी हत्याकांड की परतें खोलने में जुटी हुई है.
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