इलाज की उम्मीद लेकर उड़ा था विमान, चतरा में बना मौत का मंजर, 7 की दर्दनाक मौत
रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस दुर्घटना में मरीज समेत सभी सात लोगों की चतरा में मौत हो गई है.

Published : February 24, 2026 at 8:00 AM IST
अरबाज आलम
चतरा: झारखंड के चतरा जिले में रांची से दिल्ली जा रहा एक एयर एंबुलेंस क्रैश हो गया. जिसमें सभी सात लोगों की मौत हो गई है. विमान में मरीज, दो परिजन, दो डॉक्टर्स और दो पायलट सवार थे. यह हादसा चतरा जिले के सिमरिया थाना इलाके के कासियातु अंतर्गत करमटांड जंगल में हुआ है. प्लेन क्रैश की सूचना के बाद ग्रामीणों के सहयोग से मौके पर पहुंची जिला प्रशासन नें बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिया. अभियान के दौरान जिला प्रशासन की टीम ने प्लेन से सातों शव बरामद कर लिए हैं. जिसमें एक महिला समेत छह पुरुष शामिल हैं.
सुरक्षाकर्मियों ने की घटनास्थल की घेराबंदी
पुलिस ने एहतियातन घटना स्थल व आसपास के इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है. मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, ताकि घटना के हर संभावित पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा सके. मौके पर चतरा की डीसी कीर्ति श्री जी, एसपी सुमित कुमार अग्रवाल, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार व सिमरिया एसडीओ महेश्वरी यादव समेत 6 से ज्यादा बीडीओ-सीओ के अलावे कई थानों की पुलिस व पारा मिलिट्री फोर्स के जवान कैंप कर रहे हैं. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दुर्घटनाग्रस्त प्लेन से मृतकों के शव को भी निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चतरा भेज दिया है.
जानकारी के अनुसार रेड बर्ड एविएशन कंपनी का यह विमान रांची से दिल्ली जाने के लिए उड़ा था. इसी क्रम में क्रम में चतरा जिला के सिमरिया थाना क्षेत्र के करमाटांड़ जंगल के पास उसका अचानक एअर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से शाम साढ़े सात बजे संपर्क टूट गया और प्लेन अनियंत्रित होकर क्रैश कर गया. परिजनों के अनुसार विमान में कुल सात लोग सवार थे. विमान से संपर्क टूटने के तुरंत बाद विमानन अधिकारियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया. जिसके बाद लापता विमान की लोकेशन का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया.
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ पंकज ने की मौत की पुष्टि
संबंधित एजेंसियां रडार डेटा और अंतिम ज्ञात लोकेशन के आधार पर विमान को ढूंढने में लग गई. सुरक्षा एजेंसियां और नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए थे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की पुष्टि या राहत कार्य में तेजी लाई जा सके. एयर एंबुलेंस के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में चतरा सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ पंकज ने प्लेन से सात लोगों के शव मिलने की पुष्टि की है.

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार एंबुलेंस में पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत और कैप्टन सवराजदीप सिंह, मरीज संजय कुमार, मरीज की पत्नी अर्चना देवी, उनका भांजा धीरू कुमार के अलावा डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और पारा मेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा सवार थे. जानकारी के अनुसार लातेहार जिले के चंदवा निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार को 16 फरवरी को 55 प्रतिशत जले हुए स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए उनके परिजन दिल्ली ले जा रहे थे.
परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल
घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस समय प्लेन क्रैश हुआ, उस समय इलाके में तेज हवा और बिजली की कड़कड़हाट के साथ मूसलाधार बारिश भी हो रही थी. उसी दौरान तेज आवाज के साथ प्लेन क्रैश हुआ था. इधर रांची से मरीज लेकर दिल्ली जा रहे एयर एंबुलेंस के क्रैश होने के बाद झारखंड में सियासत भी तेज हो गई है. मौके पर पहुंचे चतरा के भाजपा नेता विद्यासागर आर्य ने घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है.
बीजेपी नेता ने घटना को बताया गंभीर
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया है कि राज्य के मुख्यमंत्री और मंत्री बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन धरातल पर उनकी स्वास्थ्य योजनाएं नजर नहीं आती. इसी का नतीजा है कि बर्निंग जैसे मामलों में भी मरीज को झारखंड में बेहतर उपचार देने के बजाय दिल्ली रेफर कर दिया जाता है. इतना ही नहीं उन्होंने राज्य सरकार पर सरकारी योजनाओं में प्राइवेट एयर एंबुलेंस संचालित कराने पर भी गंभीर आरोप लगाया है. भाजपा नेता ने कहा है कि दुर्घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. लेकिन इसके पीछे गहरी साजिश की बू आ रही है. इस मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है.
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