यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को राहत, मजिस्ट्रेट कोर्ट से मिली जमानत पर सेशंस कोर्ट की लगी रोक हटी
वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि सेशंस कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के परविंदर सिंह खुराना के फैसले की गलत व्याख्या की.

Published : March 2, 2026 at 8:07 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने भारत मंडपम में एआई समिट में 20 फरवरी को शर्टलेस प्रदर्शन करने के मामले में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को मजिस्ट्रेट कोर्ट से मिली जमानत पर सेशंस कोर्ट की रोक हटा दी है. जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच ने कहा कि सेशंस कोर्ट ने बिना किसी आधार के मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई.
सुनवाई के दौरान चिब की ओर से पेश वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि 28 फरवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. इस आदेश को दिल्ली पुलिस ने सेशंस कोर्ट में चुनौती दी. सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि सेशंस कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के परविंदर सिंह खुराना के फैसले की गलत व्याख्या की. उन्होंने कहा कि सेशंस कोर्ट ने उनका पक्ष सुने बिना ही आदेश पारित कर दिया. दिल्ली पुलिस ने सेशंस कोर्ट में दाखिल याचिका की प्रति भी उपलब्ध नहीं करायी. उन्होंने सवाल किया कि क्या उदय भानु चिब याचिका की प्रति पाने के भी हकदार नहीं हैं. ये आश्चर्यजनक है.
बता दें कि, 28 फरवरी को के पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उदय भानु चिब को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया था. मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उदय भानु चिब को अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजट जमा करने का निर्देश दिया था. इसके पहले 24 फरवरी को कोर्ट ने चिब को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, चिब ने इस प्रदर्शन की साजिश रची और प्रदर्शन करने वालों को लॉजिस्टिक्स उपलब्ध कराए. बता दें कि आज ही पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में नौ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमानत दी है.

