कौन हैं बिहार के ध्रुव कुमार? ALBA Party के उम्मीदवार बने, जानिए चंपारण से स्कॉटलैंड तक का सफर
ध्रुव कुमार स्कॉटलैंड की राजनीति में दबदबा बनाने के लिए तैयार हैं. स्कॉटिश संसदीय चुनाव में उम्मीदवार बनाए गए हैं. पढ़ें पूरी खबर


Published : February 18, 2026 at 4:08 PM IST
पटना : बिहार के चम्पारण में जन्मे प्रो. ध्रुव कुमार स्कॉटलैंड की राजनीति में सक्रिय नजर आ रहे हैं. स्कॉटलैंड की प्रो-इंडिपेंडेंस पार्टी अल्बा (ALBA) ने उन्हें साल 2026 में होने वाले स्कॉटिश संसदीय चुनाव के लिए ग्लासगो रीजनल लिस्ट का उम्मीदवार घोषित किया है. ध्रुव इससे पहले 2024 के ब्रिटेन आम चुनाव में अल्बा (ALBA) पार्टी के संसदीय उम्मीदवार के तौर पर प्रचार कर चुके हैं और अब वे स्कॉटिश संसद के चुनाव की तैयारी में जुटे हैं.
ध्रुव कुमार स्कॉटलैंड की आजादी के समर्थक : प्रो. ध्रुव कुमार स्कॉटलैंड की आज़ादी का समर्थन करते हैं. वह लंबे समय से सेल्फ-डिटरमिनेशन यानी आत्मनिर्णय के अधिकार को लेकर सक्रिय रहे हैं. ध्रुव का मानना है कि स्कॉटलैंड को अपनी राजनीतिक और आर्थिक नीतियों पर पूर्ण नियंत्रण मिलना चाहिए ताकि यहां के संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंच सके.
अल्बा पार्टी में भी वह एक सक्रिय संगठनकर्ता के रूप में जाने जाते हैं. फिलहाल वह ग्लासगो लोकल एरिया कैंपेन यूनिट में पार्टी के डिप्टी कन्वीनर की भूमिका निभा रहे हैं और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने, नीतिगत बहस में भागीदारी और शहर में पार्टी की पहुंच बढ़ाने का काम कर रहे हैं.
चंपारण जन्मभूमि, तो ग्लास्गो बनी कर्मभूमि : ध्रुव कुमार ने बताया कि उनकी पहचान केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता तक सीमित नहीं है, उनका पेशेवर अनुभव बिज़नेस, मीडिया और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ा रहा है. 2024 के आम चुनाव में ग्लासगो साउथ से वेस्टमिन्स्टर सीट के लिए चुनाव लड़ने के बाद ध्रुव कुमार को स्कॉटलैंड के प्रो-इंडिपेंडेंस आंदोलन में एक गंभीर चेहरा माना जाने लगा.
''इंजीनियरिंग और अर्थशास्त्र की पढ़ाई ग्लासगो मेंकरने के बाद मैंने और अकैडमि्क्स के क्षेत्र में भी काम किया. भारत मेरी जन्मभूमि है और ग्लासगो उनकी कर्मभूमि. स्कॉटलैंड की जनता ने मुझे अपनाया और यही वजह है कि मैं यहां की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करने को अपनी जिम्मेदारी मानता हूं. दूसरी ओर, चम्पारण की धरती से मिले सत्य, न्याय और समुदाय की भावना मेरे राजनीतिक जीवन की प्रेरणा हैं.''- प्रो. ध्रुव कुमार, उम्मीदवार, ग्लासगो रीजनल लिस्ट

'मुनाफा जनता तक पहुंचाना मुख्य उद्देश्य' : प्रो. ध्रुव पार्टी की ओर से चुनावी एजेंडे का प्रमुख चेहरा हैं. ध्रुव ‘स्कॉटिश एनर्जी पैरेडॉक्स’ की ओर ध्यान दिलाते हैं, जहां तेल-गैस और नवीकरणीय ऊर्जा के विशाल भंडार होने के बावजूद आम परिवार लंबे-चौड़े बिजली और गैस बिल चुकाने को मजबूर हैं. उनका कहना है कि स्कॉटलैंड के संसाधनों से होने वाला मुनाफा यहां की जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है. ग्लासगो जैसे ठंडे इलाकों में भी कई परिवारों को पर्याप्त हीटिंग सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं.
"मेरे अभियान का फोकस सामाजिक न्याय, आर्थिक बराबरी और लोकतांत्रिक अधिकारों पर रहा है. स्वतंत्रता केवल संवैधानिक मुद्दा नहीं बल्कि आम जनता के जीवन से जुड़ा सवाल है. महंगाई, आवास संकट और ऊर्जा संकट जैसी समस्याओं से निपटने के लिए संप्रभुता को वह जरूरी हैं.''- प्रो. ध्रुव कुमार, उम्मीदवार, ग्लासगो रीजनल लिस्ट
स्वास्थ्य व्यवस्था और आवास संकट पर उठाए सवाल : स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी ध्रुव कुमार मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे हैं. उनका कहना है कि नेशनल हेल्थ सर्विस पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और संसाधनों की कमी से सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. वहीं खराब गुणवत्ता वाले मकान, बढ़ते किराये और सामाजिक आवास की कमी आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है. किरायेदारों के लिए स्पष्ट और न्यायपूर्ण नीति समय की जरूरत है. इसके साथ ही महंगाई पर भी वह वर्तमान सरकार से नाराज है.
हिंदू फोबिया के खिलाफ निंदा प्रस्ताव में निभाई मुख्य भूमिका : स्कॉटलैंड की राजनीति में ध्रुव कुमार की बड़ी उपलब्धि संसद में हिंदू-विरोध यानी 'हिंदू फोबिया' की निंदा से जुड़ा प्रस्ताव पारित कराने में उनकी भूमिका मानी जाती है. उन्होंने 'हिंदू फोबिया इन स्कॉटलैंड' विषय पर रिपोर्ट तैयार कर इस मुद्दे को उठाया. जिसे बाद में भारतीय प्रवासी समाज ने खूब सराहा.
स्कॉटलैंड और भारत के बीच साझेदारी : ध्रुव कुमार भारत और स्कॉटलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के समर्थक हैं. वह कहते हैं कि उन्होंने 'गंगा-क्लाइड आर्थिक कॉरिडोर' की अवधारणा को आगे बढ़ाया है. जिसके जरिए नवीकरणीय ऊर्जा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और व्हिस्की-स्पिरिट्स जैसे क्षेत्रों में भारत से सहयोग बढ़ाने की परिकल्पना है. उनका मानना है कि दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को आर्थिक साझेदारी में बदला जा सकता है.
''वेस्टमिन्स्टर में शिपबिल्डिंग से जुड़ी संसदीय जांच प्रक्रिया में भी मैंने अपनी बात रखी थी. मैंने स्कॉटलैंड के ऐतिहासिक जहाज निर्माण उद्योग के पुनरोत्थान, निवेश बढ़ाने और निष्पक्ष सरकारी खरीद नीति के जरिए रोजगार सुरक्षित करने पर जोर दिया. इससे स्कॉटलैंड की आर्थिक स्थिति को और मजबूती मिलेगी.'' - प्रो. ध्रुव कुमार, उम्मीदवार, ग्लासगो रीजनल लिस्ट

'राजनीति.. समस्याओं को हल करने का जरिया' : फिलहाल, प्रोफेसर ध्रुव कुमार का मानना है कि राजनीति व्यक्ति के पूजा का माध्यम नहीं बल्कि जनता की समस्याओं को हल करने का जरिया होनी चाहिए. इसी सोच के साथ वे अपने अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं.
कौन हैं बिहार के ध्रुव कुमार? : प्रोफेसर ध्रुव कुमार का जन्म बिहार के मोतिहारी जिले के एक छोटे से गांव चौड़दानो में हुआ. शुरुआती पढ़ाई नवोदय विद्यालय से हुई. राजस्थान के कोटा से 12वीं की पढ़ाई की. इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए स्कॉटलैंड चले गए. ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्कॉटलैंड में बस गए. इसके बाद की सालों तक शैक्षणिक कार्यों से जुड़े रहे.
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