ऋषिकेश में मुर्दों के रजाई-गद्दों की रुई निकाल कर बेचने वालों का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
ऋषिकेश का संजय मृतकों के रजाई गद्दे सलमान और हामिद को बेचता था, ये दोनों इनकी रुई निकालकर नई रुई में मिला देते थे

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 5, 2026 at 2:00 PM IST
|Updated : January 5, 2026 at 2:17 PM IST
ऋषिकेश: तीर्थ नगरी के रूप में प्रसिद्ध ऋषिकेश में लोगों की भावनाओं से खेलने का शर्मनाक मामला सामने आया है. यहां रजाई गद्दे बनाने वालों ने ऐसा पाप किया है जिसके बारे में सुनकर हर कोई हैरान और परेशान है. पुलिस ने ऐसे व्यक्तियों के उपयोग किए गए रजाई गद्दे द्वारा नए रजाई गद्दे बनाने के मामले का भंडाफोड़ किया है, जो अब मृत हो चुके हैं.
मृत व्यक्तियों के रजाई गद्दों की रुई मिलाने का भंडाफोड़: तीर्थनगरी ऋषिकेश में ऐसे व्यक्तियों जिनकी अब मौत हो चुकी है के उपयोग में लाए गए बिस्तरों की रुई निकालकर नई रुई में मिलाकर बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है.
रानीपोखरी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया: रानीपोखरी थाना प्रभारी विकेंद्र चौधरी ने बताया कि-
अमित सिंह निवासी दांडी रानी पोखरी ने एक तहरीर दी थी. तहरीर में उन्होंने बताया कि ऋषिकेश क्षेत्र में कुछ युवक, मरे हुए लोगों के उपयोग में आए बिस्तरों को एकत्रित कर रुई निकाल रहे हैं. इसे नई रुई में मिलाकर बेचने का काम भी हो रहा है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया. तथ्यों के आधार पर रानी पोखरी चौक स्थित दुकान पर छापेमारी की. इस दौरान पूछताछ में आरोपी द्वारा किए जा रहे कृत्य की पुष्टि होने पर तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है. ये शर्मनाक कार्य करने वालों की पहचान सलमान, हामिद और संजय के रूप में हुई.
-विकेंद्र चौधरी, थाना प्रभारी, रानीपोखरी-
संजय मृतकों के रजाई गद्दे सलमान और हामिद को बेचता था: रानीपोखरी थाना प्रभारी विकेंद्र चौधरी ने ये भी बताया कि पूछताछ में पता चला कि संजय पुराने रजाई गद्दे एकत्रित कर सलमान और हामिद अली को बेचता है. उसके बाद ये दोनों उनकी रुई निकालकर नई रुई में मिला देते हैं. पुलिस ने मामले में अग्रिम जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है. दरअसल अगर किसी घर में किसी व्यक्ति का देहांत हो जाता है तो उसके द्वारा प्रयोग में लाया जाने वाला बिस्तर उसके परिजन घर से बाहर निकाल कर दूर फेंक देते हैं. कई लोग इसे कबाड़ी को दे देते हैं. संजय ऐसे ही रजाई-गद्दों को इकट्टा करके सलमान और हामिद को बेचता था.
पहाड़ की मंडी है ऋषिकेश: गौरतलब है कि इन दिनों उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. ऋषिकेश का अधिकतम तापमान 15° सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6° सेल्सियस है. ऐसे में रजाई-गद्दों की बिक्री जोरों पर हो रही है. ऋषिकेश उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के पहाड़ी जिलों का प्रवेश द्वार भी है. तीर्थनगरी पहाड़ी जिलों की मंडी भी है. ऐसे में ऋषिकेश से पहाड़ के उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के साथ ही देहरादून जिले में भी खाने-पीने और रोजाना के ऊपयोग की सामग्री के साथ रजाई-गद्दों की आपूर्ति होती है. मृतकों के रजाई गद्दों की रुई निकालकर नई रुई में मिलाने और उनके रजाई-गद्दे बनाने की घटना सामने आने के बाद लोग आक्रोशित हैं. सनातन धर्म में मृत व्यक्ति के बिस्तर को उपयोग में नहीं लाने की परंपरा है. ऐसे में ये घटना कई लोगों को ठेस पहुंचा सकती है.
क्या काम आती है रुई? रुई लोगों के बहुत काम आती है. इसे रजाई-गद्दों और तकियों में भरा जाता है. इसके साथ ही मंदिर के दीए जलाने के लिए लोग रुई की बत्तियों का प्रयोग करते हैं.
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