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बिहार के होटल में चल रहा था साइबर ठगी का नेटवर्क, तेलंगाना से जुड़े तार, फर्जी लिंक और ओटीपी से उड़ाते थे रकम

रोहतास पुलिस ने होटल में छापेमारी कर चार साइबर अपराधियों को पकड़ा. ओटीपी ठगी और बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करने का खुलासा. पढ़ें खबर

गुप्त सूचना पर होटल में हुई छापेमारी
गुप्त सूचना पर होटल में हुई छापेमारी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : July 4, 2026 at 9:01 PM IST

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सासाराम : बिहार के रोहतास जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. सासाराम नगर थाना पुलिस ने एक होटल में छापेमारी कर साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. कार्रवाई के दौरान मास्टरमाइंड समेत चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस का कहना है कि गिरोह के तार दूसरे राज्यों, खासकर तेलंगाना, से भी जुड़े हैं. पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है.

गुप्त सूचना पर होटल में हुई छापेमारी : नगर थाना क्षेत्र स्थित आशीर्वाद होटल में कुछ लोगों के साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने की सूचना पुलिस को मिली थी. सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस ने तत्काल छापेमारी की. होटल से चार युवकों को गिरफ्तार किया गया. तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कई मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किए जाने की आशंका है.

मास्टरमाइंड समेत चार आरोपी गिरफ्तार : गिरफ्तार आरोपियों में भभुआ निवासी आदित्य राज, जिसे पुलिस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड मान रही है, के अलावा रोहतास के बघैला निवासी अमन कुमार पटेल, नोखा थाना क्षेत्र के सलेमपुर निवासी रवि कुमार वर्मा और धनकड़ा निवासी आदित्य कुमार शामिल हैं. सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है.

फर्जी लिंक भेजकर ओटीपी हासिल करते थे आरोपी : प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों के मोबाइल पर फर्जी लिंक भेजते थे. लिंक पर क्लिक करते ही विभिन्न बहानों से ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल कर लेते थे. इसके बाद कुछ ही मिनटों में पीड़ितों के बैंक खातों से रकम निकाल ली जाती थी.

ठगी की रकम छिपाने के लिए अपनाते थे नया तरीका : पुलिस के अनुसार आरोपी ठगी की रकम सीधे अपने खातों में नहीं मंगाते थे. इसके बजाय आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके. जिन खातों का उपयोग साइबर ठगी के लेनदेन के लिए किया जाता था, उनके खाताधारकों को कुल रकम का करीब 2.5 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था.

कई संदिग्ध बैंक खाते पुलिस की जांच के दायरे में : जांच के दौरान ऐसे कई बैंक खातों की पहचान हुई है, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के ट्रांजैक्शन में किया गया. पुलिस अब इन खाताधारकों की भूमिका की भी जांच कर रही है. साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने लोगों को गिरोह ने अपना शिकार बनाया है.

तेलंगाना तक जुड़े नेटवर्क के तार : पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में इस गिरोह के तार दूसरे राज्यों, विशेषकर तेलंगाना, से जुड़े होने के संकेत मिले हैं. डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है. संभावना है कि पूछताछ में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

''गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है. बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है. शुरुआती पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं और जल्द ही नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पुलिस पहुंच सकती है.''- विप्लव कुमार, एसडीपीओ-1, सासाराम

अनजान लिंक से रहें सावधान : रोहतास पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें. मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड, एटीएम पिन या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें. यदि साइबर ठगी की आशंका हो तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं.

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