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CJP Protest: आप नेता संजय सिंह ने दिया समर्थन, युवाओं से आंदोलन में आगे आने की अपील; सरकार पर साधा निशाना

पेपर लीक विरोधी आंदोलन और सोनम वांगचुक के अनशन को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह का समर्थन मिला.

Sanjay Singh attacks the government at Jantar Mantar
राज्यसभा सांसद संजय सिंह का समर्थन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : July 5, 2026 at 10:13 AM IST

5 Min Read
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे पेपर लीक विरोधी आंदोलन और सोनम वांगचुक के अनशन को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह का समर्थन मिला. आंदोलन स्थल पर पहुंचे संजय सिंह ने अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके से मुलाकात की और आंदोलन में शामिल युवाओं को संबोधित किया.

उन्होंने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा है और इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए. उन्होंने युवाओं से आंदोलन के समर्थन में आगे आने की भी अपील की.

सोनम वांगचुक के संघर्ष को सलाम

संजय सिंह ने सोनम वांगचुक के संघर्ष को सलाम किया. उन्होंने कहा कि सात दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक युवाओं के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं. उन्होंने मंच से कहा कि जब सोनम वांगचुक से उनकी उम्र पूछी तो उन्होंने बताया कि वह 59 वर्ष के हैं. संजय सिंह ने कहा कि यदि इस उम्र में कोई व्यक्ति पेपर लीक रोकने और युवाओं के अधिकारों के लिए अनशन कर सकता है, तो देश के युवाओं को भी इस आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए. उन्होंने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और आंदोलन में शामिल सभी युवाओं की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का काम किया है.

पेपर लीक को बताया - युवाओं के भविष्य पर हमला

संजय सिंह ने कहा कि देश में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि मेहनत करने वाले युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ हो रहा है, लेकिन सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने में असफल रही है.उन्होंने कहा कि युवाओं की यह लड़ाई किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि देश के हर छात्र को इस आंदोलन के उद्देश्य को समझना चाहिए और शांतिपूर्ण तरीके से इसका समर्थन करना चाहिए.

संजय सिंह ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे युवाओं की बात सुनने के बजाय उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को आंदोलनकारियों से संवाद करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर देश के युवाओं के भविष्य पर पड़ता है.

संसद में उठाएंगे ये मुद्दा

संजय सिंह ने कहा कि संसद का आगामी सत्र शुरू होने पर विपक्ष पेपर लीक और युवाओं की मांगों का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगा. उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया तो संसद के अंदर और बाहर इस मुद्दे पर आवाज बुलंद की जाएगी. उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल भाषण देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष करेगा.युवाओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील:राज्यसभा सांसद ने देशभर के छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह केवल जंतर-मंतर तक सीमित आंदोलन नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं की उम्मीदों और भविष्य से जुड़ा अभियान है. उन्होंने कहा कि जब तक भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक युवाओं का भरोसा व्यवस्था पर पूरी तरह कायम नहीं हो पाएगा.

संजय सिंह ने शिक्षा व्यवस्था, सरकारी स्कूलों, रोजगार और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं के भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर अधिक ध्यान देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि मूल समस्याओं से ध्यान हटाने के बजाय सरकार को परीक्षाओं की विश्वसनीयता और भर्ती प्रक्रिया को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए. साथ ही संजय सिंह ने आंदोलनकारियों से कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों ने हमेशा देश में बदलाव का रास्ता दिखाया है. उन्होंने युवाओं से शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि यदि संघर्ष संगठित और मजबूत होगा तो सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशों से सतर्क रहने की जरूरत है और सभी युवाओं को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना चाहिए.

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