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कमाल का है ये ऐप! 3 साल का रिसर्च, 8000 जगहों का डेटा, बिहार के दो दोस्तों ने बनाया AI ट्रैवल प्लेटफॉर्म

बिहारशरीफ के सक्षम और रिषु ने 3 साल की रिसर्च के बाद AI आधारित ट्रैवल प्लेटफॉर्म 'KRO TRAVEL' बनाया है. पढ़ें इसकी खासियत

Inspiring Story of bihar Student
सक्षम राज और रिषु कुमार ने किया कमाल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : May 29, 2026 at 7:44 PM IST

5 Min Read
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नालंदा: यात्रा की योजना बनाना अब कोई सिरदर्द नहीं होगा. नालंदा ज़िला मुख्यालय बिहार शरीफ के दो युवा छात्रों सक्षम राज (18) और रिषु कुमार (17) ने मिलकर एक अनोखा एआई-आधारित (AI) ट्रैवल प्लेटफॉर्म 'KRO TRAVEL' विकसित किया है, जो महज 30 से 40 सेकंड में आपकी पूरी ट्रिप प्लान कर देता है. तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद इसे यूजर्स के लिए लॉन्च कर दिया गया है और हजारों लोग इसका उपयोग कर रहे हैं.

दो छात्रों ने बनाया AI ट्रैवल प्लेटफॉर्म: इस स्टार्टअप की नींव तब पड़ी थी, जब दोनों दोस्तों की उम्र महज 15 वर्ष थी. सक्षम राज और रिषु कुमार ने मिलकर इस सपने को पूरा करने की ठानी और आखिरकार तीन साल के अंदर अपने सपनों को पूरा किया.

देखें स्पोशल रिपोर्ट (ETV Bharat)

'KRO TRAVEL' के संस्थापक हैं सक्षम राज : 'KRO TRAVEL' (करो ट्रैवल) के संस्थापक सक्षम राज बिहार शरीफ के सोहसराय के रहने वाले हैं. उनके पिता धर्मेंद्र कुमार एक व्यवसायी हैं और मां गृहिणी हैं. सक्षम की एक बहन इंटर पास कर जेईई (JEE) की तैयारी कर रही है. सक्षम ने 2023 में राज शिक्षा निकेतन से 10वीं (85%) और 2025 में बिहार बोर्ड से कॉमर्स में 12वीं (90%) पास की है. वे सीए (CA) बनना चाहते हैं और अपना पहला फाउंडेशन एग्जाम निकाल चुके हैं.

रिषु कुमार हैं को-फाउंडर: वहीं, को-फाउंडर रिषु कुमार आशानगर (सोहसराय) के निवासी हैं और दो भाइयों में बड़े हैं. उनके पिता रवि कुमार किसान और मां गृहिणी हैं. रिषु बी.कॉम फर्स्ट ईयर के छात्र हैं और वे भी सीए बनना चाहते हैं. उन्होंने 2023 में मानस भूमि नालंदा (CBSE) से 10वीं (79%) और 2025 में बिहार बोर्ड कॉमर्स से 12वीं (83.2%) की है. दोनों की दोस्ती इंटरमीडिएट में कोचिंग के दौरान हुई थी.

कैसे आया आइडिया?: 'करो ट्रेवल्स" के फाउंडर सक्षम ईटीवी से बात करते हुए जर्नी की शुरुआत और प्रोजेक्ट के बारे में बताया कि साल 2022 में वे रिश्तेदारों के साथ बनारस घूमने गए थे, लेकिन प्लानिंग की कमी के कारण उनका अनुभव बहुत खराब रहा था. एक साल बाद सोशल मीडिया पर उन्होंने देखा कि यह समस्या सिर्फ़ हमारी नहीं अन्य पर्यटकों की भी है.

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ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

"हमें नहीं पता था कि कहां ठहरना है, क्या खाना है और हमारे बजट में कौन-सी जगहें फिट बैठेंगी. इससे हमारा बहुत पैसा और समय बर्बाद हुआ. इसी समस्या को देखते हुए 2023 में मैंने एक आइडिया के तौर पर इसकी शुरुआत की. 'ट्रेवल' का मतलब यात्रा और 'करो' (Do) को मिलाकर मैंने इसका नाम 'करो ट्रैवल' (KRO TRAVEL) रखा है." - सक्षम राज, संस्थापक, KRO TRAVEL

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करो ट्रैवल के संस्थापक सक्षम राज (ETV Bharat)

रिषु देखते हैं ऑपरेशनल वर्क: रिषु कुमार इस प्रोजेक्ट में ऑपरेशनल लेवल पर काम देखते हैं, जिसमें ग्राउंड लेवल की समस्याओं को समझना और वेबसाइट के बग्स (Bugs) को फिक्स करना शामिल है.

"हम दोनों 11वीं कक्षा से दोस्त हैं. मैंने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए होम ट्यूशन और सीए ऑफिस में की गई इंटर्नशिप से हुई अपनी सारी कमाई (पॉकेट मनी) इसमें लगा दी है. अगर इसे सही से एग्जीक्यूट करें तो यह यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित होगा."- रिषु कुमार,को-फाउंडर,KRO TRAVEL

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रिषु कुमार,को-फाउंडर,KRO TRAVEL (ETV Bharat)

देशभर के 8000 टूरिस्ट डेस्टेनेशन की जानकारी : सक्षम ने बताया कि चैट जीपीटी (ChatGPT) या अन्य एआई टूल्स द्वारा दी गई जानकारी में काफी 'हैलुसिनेशन' (भ्रामक जानकारी) होता है. इसे दूर करने के लिए उन्होंने डेढ़ से दो साल तक भारत के 8000 से अधिक पर्यटन स्थलों और शहरों के स्थानीय निवासियों से संपर्क कर जमीनी जानकारी इकट्ठा की, ताकि यात्रियों को भरोसेमंद मार्गदर्शन मिल सके. बाद में इस पहल से एक तीसरे को-फाउंडर भी जुड़े, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी क्षेत्र का अनुभव प्राप्त है.

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ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

पहला बीटा वर्जन नवंबर 2025 में लॉन्च: इस प्लेटफॉर्म का पहला बीटा वर्जन नवंबर 2025 में लॉन्च किया गया था. तब अधिकांश काम मैनुअल होता था और यूजर बेस की टेस्टिंग की जा रही थी. बिना किसी मार्केटिंग के पहले ही हफ्ते में टीम ने 7500 रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया, लेकिन मैनुअल काम में अधिक समय लगने के कारण टीम ने 3-4 महीने का इंतजार किया और अब इसे पूरी तरह से एआई आधारित कर दिया गया है.

KRO TRAVEL कैसे काम करता है?: आपको वेबसाइट (krotravel.com) पर जाना है. अपना डेस्टिनेशन (कहां जाना है), यात्रा के दिन, तारीख और अपना बजट दर्ज करना है. इसमें केवल 20-30 सेकंड लगते हैं. इसके बाद एक बहुत ही नॉमिनल (छोटा) अमाउंट पे करना होता है. इसके बाद AI आपको पूरी यात्रा की एक सुव्यवस्थित योजना बनाकर दे देता है.

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ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

हजारों लोग कर रहे यूज: इस प्लान में आपके बजट के अनुसार रहने की जगह, खाने-पीने के विकल्प, घूमने लायक जगहें और उन जगहों को आपस में लिंक करने (कनेक्टिविटी) का सबसे किफायती और कम समय लेने वाला तरीका शामिल होता है. जो काम पहले हफ्तों का समय लेता था, वह अब इस AI प्लेटफॉर्म के जरिए 30 से 40 सेकंड में हो जाता है. आज हजारों लोग इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर अपनी यात्रा को आसान बना रहे हैं.

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